बॉर्डर पर चीन को कड़ी टक्कर देने के लिए पावरफुल ड्रोन खरीदेगी सेना

इन ड्रोन के लिए RFP में बताया गया है कि एक्सेसरीज के साथ 163 ड्रोन की अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और 180 लॉजिस्टिक ड्रोन की मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए जरूरत है

बॉर्डर पर चीन को कड़ी टक्कर देने के लिए पावरफुल ड्रोन खरीदेगी सेना

इन ड्रोन्स से हथियारों और सप्लाई को ले जाने में सेना को आसानी होगी

ख़ास बातें
  • इनमें से प्रत्येक ड्रोन का वजन 100 किलोग्राम से अधिक नहीं होगा
  • ये कम से कम 1,000 लैंडिंग कर सकेंगे
  • सेना अपनी चुनिंदा यूनिट्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भी खरीदेगी
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पिछले कुछ वर्षों में सेना ने चीन और पाकिस्तान के साथ लगते बॉर्डर पर निगरानी को बढ़ाने के लिए कई प्रकार की विशेषताओं वाले ड्रोन खरीदे हैं। इनमें kamikaze ड्रोन और आर्टिलरी ड्रोन शामिल हैं। चीन के साथ बॉर्डर पर निगरानी को कड़ा करने के लिए सेना ने 363 नए ड्रोन खरीदने का टेंडर जारी किया है।  

इन ड्रोन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) में बताया गया है कि एक्सेसरीज के साथ 163 ड्रोन की अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और 180 लॉजिस्टिक ड्रोन की मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए जरूरत है। इनमें से प्रत्येक ड्रोन का वजन 100 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए और इनमें तेज हवाओं का सामना करने की क्षमता होनी चाहिए। इनके लिए बिड्स 11 नवंबर तक दी जा सकेंगी। इन ड्रोन्स से हथियारों और सप्लाई को ले जाने के लिए सैनिकों और पोर्टर्स की जरूरत कम होगी। ये कम से कम 1,000 लैंडिंग कर सकेंगे और इनकी न्यूनतम रेंज 10 किलोमीटर की होगी। 

अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए ये ड्रोन कम से कम 15 किलोग्राम और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 20 किलोग्राम तक वजन का सामान ले जा सकेंगे। इनमें 60 प्रतिशत तक कंपोनेंट देश में निर्मित होने चाहिए। ड्रोन सप्लाई करने वाली फर्म को इन्हें ऑपरेट करने और मेंटेनेंस के लिए ट्रेनिंग भी देनी होगी। 

हाल ही में सेना ने अपनी चुनिंदा यूनिट्स के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) खरीदने का फैसला किया था। यह कार्बन इमिशन घटाने की केंद्र सरकार की पॉलिसी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम होगा। सेना की चुनिंदा यूनिट्स में 25 प्रतिशत लाइट व्हीकल्स, 38 प्रतिशत बसों और 48 प्रतिशत मोटरसाइकिलों को EV से बदला जाएगा। अधिकारियों ने बताया था कि EV को शामिल करने की योजना को फाइनल करने से पहले व्हीकल्स से जुड़ी सेना की जरूरत और दुर्गम स्थानों पर इनके इस्तेमाल जैसे पहलुओं पर विचार किया जाएगा। सेना की यूनिट्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से जुड़े इकोसिस्टम में मदद के लिए चार्जिंग प्वाइंट्स जैसे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की जाएगी। EV चार्जिंग स्टेशंस में कम से कम एक फास्ट चार्जर और दो से तीन स्लो चार्जर होंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक सर्किट केबल्स और पर्याप्त लोड क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर्स को रखा जाएगा। सेना जल्द ही 60 इलेक्ट्रिक बसों का शुरुआती टेंडर जारी करेगी। सेना के बेड़े में देश में निर्मित नया आर्मर्ड व्हीकल Kalyani M4 शामिल किया गया है। 


 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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