अमेरिका में क्रिप्टोकरंसी पर जारी हो सकता है एग्जिक्यूटिव ऑर्डर

इस महीने की शुरुआत में Forbes ने रिपोर्ट दी थी कि बाइडेन सरकार अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे क्रिप्टो सेगमेंट में कुछ बड़े बदलाव कर सकती है

अमेरिका में क्रिप्टोकरंसी पर जारी हो सकता है एग्जिक्यूटिव ऑर्डर

यह ऑर्डर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेशनल सिक्योरिटी मेमोरेंडम का हिस्सा होने की संभावना है

ख़ास बातें
  • अमेरिका में क्रिप्टोकरंसीज से पेमेंट का चलन बढ़ा है
  • भारत में भी क्रिप्टोकरंसीज को रेगुलेट करने के लिए एक बिल लाया जा सकता है
  • बिटकॉइन माइनिंग पर चीन ने पिछले वर्ष रोक लगाई थी
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क्रिप्टोकरंसी सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और कई देशों की सरकारें इसे रेगुलेट करना चाहती हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिका में क्रिप्टोकरंसीज को लेकर जल्द एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पास हो सकता है। यह ऑर्डर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेशनल सिक्योरिटी मेमोरेंडम का हिस्सा होने की संभावना है। 

व्हाइट हाउस के एक अज्ञात सूत्र के हवाले से Barron's की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी एंटिटीज को क्रिप्टोकरंसीज के साथ ही स्टेबलकॉइन्स और नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) की स्टडी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। ऐसी अटकल है कि क्रिप्टो सेगमेंट से जुड़ा एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर जारी किया जा सकता है। इस महीने की शुरुआत में Forbes ने रिपोर्ट दी थी कि बाइडेन सरकार अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे क्रिप्टो सेगमेंट में कुछ बड़े बदलाव कर सकती है। अमेरिका में क्रिप्टोकरंसीज से पेमेंट का चलन बढ़ा है। इलेक्ट्रिक कार मेकर टेस्ला, मूवी थिएटर चेन AMC Theatres जैसे कुछ बड़े ब्रांड्स ने पेमेंट के लिए क्रिप्टोकरंसीज को स्वीकार करना शुरू कर दिया है।

अमेरिका के अलावा कुछ अन्य देश भी क्रिप्टोकरंसीज की ट्रेडिंग पर टैक्स लगाने और इस सेगमेंट को रेगुलेट करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। भारत में भी क्रिप्टोकरंसीज को रेगुलेट करने के लिए एक बिल लाया जा सकता है। हालांकि, स्वदेशी जागरण मंच जैसे कुछ संगठनों ने क्रिप्टोकरंसीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इनका कहना है कि क्रिप्टोकरंसीज से गैर कानूनी गतिविधियों के बढ़ने की आशंका है। बिटकॉइन माइनिंग पर चीन ने पिछले वर्ष रोक लगाई थी। यूरोप के देश कोसोवो ने बिटकॉइन माइनिंग पर प्रतिबंध लगाया दिया है। इसका कारण बिटकॉइन माइनिंग से हो रही इलेक्ट्रिसिटी की कमी है। ईरान ने भी इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत के कारण हाल ही में बिटकॉइन माइनिंग पर तीन महीने की अस्थायी रोक लगाई थी। कुछ अन्य देश भी बिटकॉइन माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की खपत बढ़ने की मुश्किल का सामना कर रहे हैं।

क्रिप्टो माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होने के साथ ही क्रिप्टोकरंसीज से सेंट्रल बैंकों का फाइनेंशियल सिस्टम पर नियंत्रण कमजोर होने जैसी आशंकाएं भी हैं। पिछले वर्ष ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट का कैपिटलाइजेशन लगभग 3 लाख करोड़ डॉलर (लगभग 2,15,66720 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया था। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में इस मार्केट में काफी गिरावट आई है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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