ProShares ने लॉन्च किया बिटकॉइन में गिरावट पर दांव लगाने वाला ETF

इससे इनवेस्टर्स को बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट से प्रॉफिट कमाने या क्रिप्टो में अपने इनवेस्टमेंट को हेज करने का मौका मिलेगा

ProShares ने लॉन्च किया बिटकॉइन में गिरावट पर दांव लगाने वाला ETF

अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस को ट्रैक करने वाले बिटकॉइन ETF लोकप्रिय हो रहे हैं

ख़ास बातें
  • शॉर्ट सेलिंग में किसी एसेट की वैल्यू में गिरावट पर दांव लगाया जाता है
  • इनवेस्टर्स एक ETF खरीदकर बिटकॉइन में शॉर्ट पोजिशन ले सकते हैं
  • पिछले कुछ महीनों से बिटकॉइन में गिरावट आ रही है
विज्ञापन
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से जुड़ी ProShares ने शॉर्ट Bitcoin स्ट्रैटेजी ETF लॉन्च किया है। इससे इनवेस्टर्स को बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट से प्रॉफिट कमाने या क्रिप्टो में अपने इनवेस्टमेंट को हेज करने का मौका मिलेगा। ट्रेडिंग की एक स्ट्रैटेजी शॉर्ट सेलिंग में किसी एसेट की वैल्यू में गिरावट पर दांव लगाया जाता है। 

ProShares के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर Michael Sapir ने एक स्टेटमेंट में कहा, "हाल के महीनों में यह पता चला है कि बिटकॉइन की वैल्यू घट सकती है। यह ETF ऐसे इनवेस्टर्स के लिए है जो मानते हैं कि बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट आएगी और उन्हें इससे प्रॉफिट कमाने या अपनी क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग को हेज करने का मौका मिलेगा।" उन्होंने बताया कि इनवेस्टर्स ब्रोकरेज एकाउंट में एक ETF खरीदकर बिटकॉइन में शॉर्ट पोजिशन ले सकते हैं। अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस को ट्रैक करने वाले बिटकॉइन ETF लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की ओर से स्पॉट बिटकॉइन ETF के लिए अनुमति देने में देरी हुई है। 

पिछले वर्ष SEC ने पहले बिटकॉइन फ्यूचर्स ETF की अनुमति दी थी। इसे ProShares ने लॉन्च किया था। इससे इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इनवेस्टर्स को तकनीकी जटिलताओं या कानूनी रुकावटों का सामना किए बिना बिटकॉइन का एक्सेस मिला था। ProShares का शॉर्ट बिटकॉइन ETF इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से इस सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में रुकावटों के बिना ट्रेडिंग करने का मौका देगा। 

पिछले कुछ महीनों से बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट आ रही है। पिछले सप्ताह यह लगभग छह महीने में पहली बार 20,000 डॉलर से नीचे गया था। यह लगभग 17,000 डॉलर तक गिरा था। हालांकि, इसके बाद से बिटकॉइन के प्राइस में कुछ रिकवरी हुई है और यह लगभग 21,000 डॉलर से कुछ अधिक पर है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व ने इन्फ्लेशन पर नियंत्रण करने के लिए इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की है। इसका क्रिप्टो मार्केट पर बड़ा असर पड़ा है। इनवेस्टर्स अधिक रिस्क वाले इस सेगमेंट से दूरी बना रहे हैं। इस सेगमेंट से जुड़ी कुछ फर्मों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने से भी मार्केट में गिरावट आई है। कई देशों में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर स्क्रूटनी बढ़ाई जा रही है। कुछ देशों में क्रिप्टो सेगमेंट के लिए कानून बनाने पर काम हो रहा है। 
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, ETF, Risk, America, Investors, Bitcoin, Market
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. MG Motor की बिक्री में EVs की हिस्सेदारी बढ़कर 75 प्रतिशत से ज्यादा
  2. Ola Electric ने की रिकवरी, जून में बेची 16,000 से ज्यादा यूनिट्स
  3. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मार्केट में टाटा मोटर्स का दमदार परफॉर्मेंस, जून में बिक्री 183 प्रतिशत बढ़ी
  4. 10,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Vivo Pad 5c, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. IND vs ENG T20I Live Streaming: भारत-इंग्लैंड टी20 मैच लाइव आज, यहां देखें फ्री!
  6. Redmi Headphones Neo लॉन्च हुए 72 घंटे की बैटरी, 42dB ANC फीचर के साथ, जानें कीमत
  7. WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
  8. Vivo X500 Pro Max में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का हाई रिजॉल्यूशन पेरिस्कोप कैमरा
  9. Rogbid VisionPro AI स्मार्ट ग्लास हुए लॉन्च, 13MP कैमरा, 12 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  10. बिटकॉइन पर भारी पड़ रहा मजबूत डॉलर, 59,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »