ईरान ने आयात के लिए क्रिप्टोकरेंसी में दिया पहला ऑर्डर, अमेरिकी प्रतिबंधों को करारा जवाब!

पिछले साल आई एक स्टडी के अनुसार, बिटकॉइन की 4.5 प्रतिशत माइनिंग ईरान में होती है और ईरान इससे लाखों डॉलर की कमाई कर सकता है

ईरान ने आयात के लिए क्रिप्टोकरेंसी में दिया पहला ऑर्डर, अमेरिकी प्रतिबंधों को करारा जवाब!

क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में बड़े देशों से लेकर बहुत छोटे और गरीब देश भी पीछे नहीं हैं

ख़ास बातें
  • क्रिप्टोकरेंसीज और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स बड़े पैमाने पर करेगा इस्तेमाल
  • बिटकॉइन की 4.5 प्रतिशत माइनिंग ईरान में होती है
  • सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में भी बिटकॉइन को बनाया गया है लीगल टेंडर
विज्ञापन
क्रिप्टोकरेंसी जगत में कदम आगे बढ़ाते हुए ईरान की ओर से आयात के लिए पहली बार क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया गया है। ईरान ने पहली बार अधिकारिक रूप से आयात के लिए क्रिप्टोकरेंसी में ऑर्डर दिया है। सेमी ऑफिशिअल तस्नीम एजेंसी ने इसके बारे में जानकारी दी है। यह एक ऐसा कदम माना जा रहा है जो अमेरिका द्वारा देश पर लगाए गए प्रतिबंधों का करारा जवाब हो सकता है, और जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। 

ईरान ने इम्पोर्ट के लिए 10 मिलियन डॉलर (लगभग 80 करोड़ रुपये) का पहला ऑर्डर दिया है। डिजिटल करेंसी में व्यापार करने की दिशा में इस इस्लामिक देश का ये पहला कदम है जो डॉलर के प्रभुत्व वाले ग्लोबल फाइनेंशिअल सिस्टम को दरकिनार कर देता है। रूस की तरह प्रतिबंध झेल रहा ईरान अब ट्रेडिंग के लिए डॉलर के भरोसे नहीं रहना चाहता है। हालांकि, इस ऑर्डर के लिए ईरान ने किस क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया है, इसका खुलासा एजेंसी द्वारा नहीं किया गया है। 

इंडस्ट्री, माइन और ट्रेड मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने Twitter पर कहा कि लक्षित देशों के साथ सितंबर के अंत तक फॉरन ट्रेड के लिए क्रिप्टोकरेंसीज और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होने लगेगा। अमेरिका ने ईरान पर लगभग पूर्ण आर्थिक प्रतिबंध लगाया हुआ है, जिसमें देश के तेल, बैंकिंग और शिपिंग सेक्टर सहित सभी आयातों पर प्रतिबंध शामिल है।

पिछले साल एक स्टडी सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि बिटकॉइन की 4.5 प्रतिशत माइनिंग ईरान में होती है, क्योंकि वहां पर बिजली सस्ती मिलती है। चूंकि, बिटकॉइन माइनिंग में ऊर्जा की खपत बड़ी मात्रा में होती है, ऐसे में ईरान बिटकॉइन माइनिंग के लिए आदर्श स्थान बन जाता है। क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग से ईरान को करोड़ों डॉलर कमाने में मदद मिल सकती है जिसका इस्तेमाल वह इम्पोर्ट करने और प्रतिबंधों के असर को कम करने के लिए कर सकता है।

बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी काफी अस्थिर हैं। इनके साथ बड़े पैमाने की पेमेंट नहीं की जा सकती है। फिर भी, क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में बड़े देशों से लेकर बहुत छोटे और गरीब देश भी पीछे नहीं हैं। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक भी ऐसे ही देशों में से एक है, जिसने क्रिप्टोकरेंसी को अपनाया है। बिटकॉइन को लीगल टेंडर घोषित करने वाला अफ्रीका का यह पहला राज्य है। अप्रैल में बिटकॉइन को लीगल टेंडर बनाने के बाद पिछले महीने देश ने अपना स्वयं का डिजिटल कॉइन भी लॉन्च कर दिया है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Iran America Clash, Cryptocurrency, Import order, Iran
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करने के इजरायली प्रधानमंत्री नेतान्याहू के प्लान को बड़ा झटका
  2. Amazon की फेस्टिवल सेल में स्मार्ट TVs पर 70,000 रुपये से ज्यादा का डिस्काउंट
  3. Apple ने भारत में लॉन्च किया iPad Mini का नया वर्जन, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस 
  4. Realme ला रही नया मिडरेंज फोन, 200MP कैमरा, 10,000mAh होगी बैटरी!
  5. OnePlus 16 के भारत में लॉन्च की तैयारी, 50 मेगापिक्सल हो सकता है फ्रंट कैमरा
  6. Flipkart Big Bang Diwali Sale होगी 28 अक्टूबर से शुरू, iPhone 17, Galaxy S25 समेत इन फोन पर छूट
  7. OnePlus Ace 7 सीरीज में मिलेगा BOE डिस्प्ले, 9,000mAh बैटरी
  8. Tata Punch EV आई सबसे ज्यादा पसंद, 284% की ग्रोथ के साथ बनी नंबर 1 कार, टॉप 10 में टाटा-महिंद्रा का दबदबा
  9. Flipkart पर फिर से आई iPhone 17 पर डील, ₹19 हजार की सीधी बचत
  10. Redmi K100 में मिलेगा 'Snow Rock White' का नया कलर ऑप्शन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »