• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • 2026 में सख्त होगी साइबर सिक्योरिटी, SIM बाइंडिंग और CNAP नियम होंगे लागू, जानें क्या बदलने वाला है?

2026 में सख्त होगी साइबर सिक्योरिटी, SIM-बाइंडिंग और CNAP नियम होंगे लागू, जानें क्या बदलने वाला है?

टेलीकॉम और डिजिटल सिक्योरिटी में कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर लोगों के इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप उपयोग करने और कॉल रिसिव करने के तरीके में बदलाव हो सकता है।

2026 में सख्त होगी साइबर सिक्योरिटी, SIM-बाइंडिंग और CNAP नियम होंगे लागू, जानें क्या बदलने वाला है?

Photo Credit: Pexels/Tima Miroshnichenko

साइबर स्कैम से हर साल करोड़ों रुपये की ठगी होती है।

ख़ास बातें
  • टेलीकॉम और डिजिटल सिक्योरिटी में कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
  • सरकार सिम बाइडिंग और CNAP जैसी सुविधा लेकर आ रही है।
  • कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन CNAP ऐसा फीचर है जो कि नेटवर्क-लेवल पर उपलब्ध है।
विज्ञापन

भारत लगातार साइबर फ्रॉड से बड़े स्तर पर लड़ाई लड़ रहा है। टेलीकॉम और डिजिटल सिक्योरिटी में कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर लोगों के इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप उपयोग करने और कॉल रिसिव करने के तरीके में बदलाव हो सकता है। हर साल लोगों को करोड़ों रुपये की ठगी होती है, जिसमें बहुत से अपनी जीवन भर की जमा पूंजी तक गंवा देते हैं। सरकार सिम बाइडिंग और CNAP जैसी सुविधा लेकर आ रही है। दिसंबर का महीना चल रहा है और अब उम्मीद है कि सरकार 2026 से स्कैम और फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए कई कड़े बदलावों के साथ नए नियम लागू कर सकती है।

सिम-बाइंडिंग क्या है?
सिम-बाइंडिंग के लिए फोन नंबर से जुड़ा फिजिकल सिम कार्ड मौजूदा वक्त में डिवाइस में होना चाहिए और एक्टिव होना चाहिए, जिससे मैसेजिंग ऐप काम करेगा। अगर आपने फोन से सिम कार्ड निकाल दिया या डिएक्टिवेट कर दिया तो यूजर्स उस भारतीय नंबर से जुड़े मैसेजिंग अकाउंट का उपयोग नहीं कर पाएगा। WhatsApp, Telegram, Signal, Arattai, Snapchat और Sharechat समेत किसी अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले यूजर्स इस इसका असर होगा। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने नवंबर में प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों में इसे लागू करने की अवधि दी थी। हालांकि, इसे लागू करने में अलग-अलग समय लग सकता है। इसी बीच उम्मीद की जा रही है कि यह सिक्योरिटी नियम 2026 तक लागू हो जाएगा।

CNAP क्या है 
कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन CNAP एक ऐसा फीचर है जो कि नेटवर्क-लेवल पर उपलब्ध है। TRAI द्वारा लाए गए इस फीचर को कंपनियां धीरे-धीरे लेकर आ रही हैं। इस फीचर की बदौलत यूजर्स के फोन पर रिसिव होने वाली कॉल के नंबर की जगह नाम दिखाई देगा। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी ऐप को इंस्टॉल करना नहीं पड़ेगा। यह फीचर फोन पर ही अपने आप काम करेगा। इसके लिए यूजर्स को किसी ऐप को अपनी प्राइवेसी से संबंधित अनुमति देने की जरूरत भी नहीं होगी। TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों से पायलट प्रोग्राम के जरिए CNAP की टेस्टिंग करने के लिए कहा है। 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Cyber Security, TRAI, CNAP, Tech Tips, Tech Guide
साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo F35 5G, Oppo F35 Pro 5G जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  2. ये 5 नए 5G फोन जल्द होंगे भारत में लॉन्च, 10,000mAh तक बैटरी और दमदार कैमरा
  3. ₹35,000 वाला फोन अब इतने रुपये में मिल रहा, 50MP कैमरा और बड़ी बैटरी भी
  4. 7000mAh बैटरी और 200MP कैमरा वाले 5 नए फोन, कीमत सुनकर चौंक जाएंगे!
  5. सिंगल चार्ज में 500KM दौड़ती हैं ये 5 इलेक्ट्रिक कारें, महीने का खर्च आता है कम
  6. 200MP Camera और 7,000mAh Battery वाला नया फोन, कीमत और फीचर्स देखकर खरीदने का मन करेगा!
  7. ₹24 हजार सस्ता हो गया OnePlus का 48MP तीन कैमरा वाला फोन!
  8. Porsche ने भारत में लॉन्च की Cayenne Electric, 600 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  9. Samsung Galaxy A08 का भारत में लॉन्च, 6,000mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Wozoyo का 100 नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और 50 करोड़ डॉलर के रेवेन्यू का टारगेट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »