क्रिप्टो एक्सचेंज Huobi की सब्सिडियरी को अमेरिका में मिला FinCEN से लाइसेंस

इसके साथ ही HBIT की फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस पर FinCEN की निगरानी रहेगी जिससे मनी लॉन्ड्रिंग सहित अपराधों को रोका जा सके

क्रिप्टो एक्सचेंज Huobi की सब्सिडियरी को अमेरिका में मिला FinCEN से लाइसेंस

इससे Huobi को अमेरिका में क्रिप्टो से जुड़ी सर्विसेज देने में मदद मिलेगी

ख़ास बातें
  • इसके साथ ही HBIT की फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस पर FinCEN की निगरानी होगी
  • इसकी योजना हांगकांग में क्रिप्टो एक्सचेंज शुरू करने की है
  • क्रिप्टो मार्केट में पिछले कुछ महीनों से गिरावट है
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बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Huobi की सब्सिडियरी HBIT को अमेरिका के फाइनेंशियल क्राइम्स एन्फोर्समेंट नेटवर्क (FinCEN) से मनी सर्विसेज बिजनेस (MSB) लाइसेंस मिला गया है। इससे Huobi को अमेरिका में क्रिप्टो से जुड़ी सर्विसेज देने में मदद मिलेगी। HBIT को इससे फंड के ट्रांसफर और एक सामान्य करेंसी एक्सचेंज के तौर पर ऑपरेट करने की स्वीकृति मिली है।

CoinTelegraph की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इसके साथ ही HBIT की फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस पर FinCEN की निगरानी रहेगी जिससे मनी लॉन्ड्रिंग सहित अपराधों को रोका जा सके। हालांकि, HBIT के पास क्रिप्टो एक्सचेंज सर्विसेज देने के लिए अनुमति नहीं है। Huobi ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "यह लाइसेंस मिलने के बाद Huobi Technology का ब्रोकरेज बिजनेस अमेरिका में फॉरेन एक्सचेंज और फंड ट्रांसफर सर्विसेज दे सकेगा। इसके बाद फर्म सुरक्षित और नियमों का पालन करने वाली डिजिटल एसेट सर्विसेज भी उपलब्ध करा सकती है।" 

ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक Huobi के फरवरी के बाद से अधिकतर यूजर्स रूस और यूक्रेन से हैं। इससे पहले इसके यूजर्स की बड़ी संख्या चीन से थी। चीन में पिछले वर्ष क्रिप्टो एक्टिविटीज पर बंदिशें लगाई गई थी। इसके बाद से चीन में क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों के बिजनेस पर बड़ा असर पड़ा है। Huobi की हांगकांग में सब्सिडियरी को भी हांगकांग के सिक्योरिटीज एंड फ्यूचर्स कमीशन से सिक्योरिटीज और एडवाइजिंग लाइसेंस मिला है। इसकी योजना हांगकांग में क्रिप्टो एक्सचेंज शुरू करने की है। यह हांगकांग में ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सर्विसेज और सिक्योरिटीज ट्रेडिंग सर्विसेज के लिए भी आवेदन कर रहा है। इसके अलावा एक्सचेंज के पास न्यूजीलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में भी लाइसेंस मौजूद है।

पिछले कुछ महीनों से क्रिप्टो मार्केट में गिरावट है। इससे इनवेस्टर्स के साथ ही इस सेगमेंट से जुड़ी फर्मों को भी नुकसान हुआ है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin की वैल्यू इस वर्ष के पहले छह महीनों में लगभग 57 प्रतिशत और Ether की लगभग 71 प्रतिशत कम हुई है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व और कुछ अन्य देशों में सेंट्रल बैंक की ओर से इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी करने और स्लोडाउन गिरावट के प्रमुख कारण हैं। क्रिप्टो सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के लिए छंटनी जैसे उपाय भी कर रही हैं।  
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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