एनर्जी एफिशिएंसी के लिए Ethereum के सॉफ्टवेयर अपग्रेड को मिली कामयाबी

इस अपग्रेड को 'Merge' कहा जा रहा है। इससे Ethereum नेटवर्क पर ट्रांजैक्शंस के लिए ऑर्डर का तरीका बदल जाएगा और इससे ट्रांजैक्शंस बढ़ने का भी अनुमान है

एनर्जी एफिशिएंसी के लिए Ethereum के सॉफ्टवेयर अपग्रेड को मिली कामयाबी

इससे Ethereum नेटवर्क पर ट्रांजैक्शंस के लिए ऑर्डर का तरीका बदल जाएगा

ख़ास बातें
  • मार्च में Ethereum माइनर्स का रेवेन्यू लगभग 7.2 प्रतिशत बढ़ा था
  • पिछले वर्ष नवंबर के बाद से इनके रेवेन्यू में गिरावट आ रही थी
  • अपग्रेड होने के बाद इस ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शंस बढ़ने की उम्मीद है
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Ethereum ब्लॉकचेन के सॉफ्टवेयर अपग्रेड पर काम कर रहे डिवेलपर्स ने इसकी टेस्टिंग में एक बड़ी सफलता हासिल की है। Ethereum के डिवेलपर Marius Van Der Wijden ने बताया कि इससे यह अधिक एनर्जी एफिशिएंट बनेगा। इस अपग्रेड को 'Merge' कहा जा रहा है। इससे Ethereum नेटवर्क पर ट्रांजैक्शंस के लिए ऑर्डर का तरीका बदल जाएगा और इससे ट्रांजैक्शंस बढ़ने का भी अनुमान है। 

Bloomberg की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इससे Ethereum की इलेक्ट्रिसिटी की खपत 99 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद है। Ethereum माइनर्स को ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शंस का ऑर्डर देने के लिए बड़े सर्वर फार्म्स का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है और कार्बन एमिशन बढ़ता है। एक अनुमान में बताया गया था कि Ethereum की एक ट्रांजैक्शन की इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल 1,40,893 वीजा क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शंस के बराबर है। यह अपग्रेड होने के बाद Ethereum की ट्रांजैक्शन के लिए ऑर्डर stakers से दिया जाएगा। इस सिस्टम को प्रूफ ऑफ स्टेक कहा जाता है। क्रिप्टो एक्टिविटीज के कारण कुछ देशों में इलेक्ट्रिसिटी की कमी हुई थी। इस समस्या से निपटने के लिए चीन ने पिछले वर्ष क्रिप्टो माइनिंग पर रोक लगा दी थी। कुछ अन्य देशों में भी इसी कारण से क्रिप्टो माइनिंग का विरोध हो रहा है। 

डिवेलपर्स इस अपग्रेड के लिए काफी टेस्ट कर रहे हैं क्योंकि ब्लॉकचेन पर लगभग 100 अरब डॉलर के डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस ऐप्स को सपोर्ट दिया जाता है। मार्च में Ethereum माइनर्स का रेवेन्यू लगभग 7.2 प्रतिशत बढ़ा था। यह एक अच्छा संकेत है क्योंकि नवंबर के बाद से इनके रेवेन्यू में गिरावट आ रही थी। इस दूसरे सबसे बड़े ब्लॉकचेन नेटवर्क पर ऑपरेट करने वाले माइनर्स ने नवंबर में 2 अरब डॉलर से अधिक का रेवेन्यू हासिल किया था। 

हालांकि, मार्च में इन माइनर्स का रेवेन्यू पिछले वर्ष नवंबर में अभी तक के सबसे अधिक रेवेन्यू से काफी कम है। मार्च में अधिकतर रेवेन्यू ब्लॉक सब्सिडी से मिला, जबकि ट्रांजैक्शन फीस की हिस्सेदारी 10 करोड़ डॉलर से कम की थी। मार्च में रेवेन्यू में सुधार EIP-1559 के नतीजे में दिख रहा है, जो पिछले वर्ष लंदन अपग्रेड के साथ लागू हुआ था। EIP-1559 से ट्रांजैक्शन फीस बंट जाती है। इसमें बेस फीस समाप्त कर दी गई है और माइनर्स को केवल टिप्स प्राप्त करने की अनुमति है। 
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