बिटकॉइन में तेजी बरकरार, प्राइस हुआ 34,290 डॉलर के पार

इस सप्ताह अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण डेटा आने से क्रिप्टो मार्केट पर असर पड़ सकता है

बिटकॉइन में तेजी बरकरार, प्राइस हुआ 34,290 डॉलर के पार

पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर लगभग 1.27 लाख करोड़ डॉलर पर था

ख़ास बातें
  • पिछले लगभग दो सप्ताह से बिटकॉइन में तेजी है
  • कुछ देशों में इस सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए जा रहे हैं
  • बिटकॉइन ने लगभग दो वर्ष पहले लगभग 68,000 डॉलर का हाई लेवल छुआ था
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मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस सोमवार को 34,000 डॉलर से अधिक पर था। पिछले लगभग दो सप्ताह से इसमें तेजी है। इसका प्राइस 32,295 डॉलर पर था। हालांकि, इस सप्ताह अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण डेटा का क्रिप्टो मार्केट पर असर पड़ सकता है। 

CoinDCX की रिसर्च टीम ने Gadgets 360 को बताया कि अमेरिका में FOMC की मीटिंग के अलावा बेरोजगारी के मासिक आंकड़े आने हैं। इससे क्रिप्टो मार्केट में वोलैटिलिटी हो सकती है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether का प्राइस 0.08 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,780 डॉलर पर था। तेजी वाली अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में Avalanche, Ripple, Solana, Polkadot, Litecoin, Stellar, Polygon और Chainlink शामिल थी। 

पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन 0.03 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.27 लाख करोड़ डॉलर पर था। CoinSwitch Ventures के इनवेस्टमेंट्स लीड, Parth Chaturvedi ने कहा, "क्रिप्टो मार्केट में तेजी के कारण इनवेस्टर्स की ट्रेडिंग बढ़ गई है। बिटकॉइन और इथर कॉन्ट्रैक्ट्स में लगाई गईइ रकम बढ़कर 20.64 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। यह लगभग दो वर्ष पहले के उच्च स्तर के समान है जब बिटकॉइन का प्राइस 66,000 डॉलर पर था।" कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन में 35,000 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल के बाद जोरदार तेजी आ सकती है। 

बिटकॉइन ने लगभग दो वर्ष पहले लगभग 68,000 डॉलर का हाई लेवल छुआ था। इसके बाद से इसके प्राइस में भारी गिरावट हुई थी। इससे इनवेस्टर्स को नुकसान उठाना पड़ा है। कुछ क्रिप्टो फर्मों के दिवालिया होने से भी मार्केट में गिरावट आई थी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाने पर जोर दिया था। उनका कहना था कि टेक्नोलॉजी के डिवेलपमेंट के साथ रफ्तार बरकरार रखने की जरूरत है। इससे पहले फाइनेंस मिनिस्ट्री और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी क्रिप्टो के लिए रूल्स बनाने का पक्ष लिया था। RBI का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसीज के साथ कोई मजबूत वैल्यू नहीं जुड़ी और इस वजह से इस पर बैन लगाना चाहिए। कुछ देशों में इस सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए जा रहे हैं। इससे इस मार्केट में स्कैम के मामलों में कमी हो सकती है। इस सेगमेंट के लिए रूल्स बनने से इनवेस्टर्स की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है। 
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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