मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन को लेकर सेंटीमेंट में कमजोरी नहीं आई है। इस गिरावट के पीछे रिस्क वाले एसेट्स से दूरी बनाना, मैक्रो इकोनॉमिक आशंकाएं और प्रॉफिट बुकिंग जैसे बड़े कारण हैं
पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का हाई बनाया था
सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में शुक्रवार को बड़ी गिरावट थी। इसका प्राइस 60,000 डॉलर से महत्वपूर्ण लेवल से नीचे चला गया। इनवेस्टर्स के रिस्क वाले एसेट्स से दूरी बनाने, मैक्रो इकोनॉमिक आशंकाओं और टेक शेयरों में हो रही बिकवाली का क्रिप्टो मार्केट पर बड़ा असर पड़ा है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर Bitcoin का प्राइस लगभग 59,670 डॉलर पर था। इससे पहले इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस लगभग 59,000 डॉलर तक गिरा था, जो इसका लगभग 20 महीनों में निचला लेवल है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी नुकसान था। Ethereum का प्राइस लगभग 1,549 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Tether, BNB, Monero और XRP में गिरावट थी।
बिटकॉइन का प्राइस लगभग 20 महीनों में पहली बार 60,000 डॉलर के लेवल से नीचे गिया है। इस वर्ष बिटकॉइन का प्राइस लगभग 32 प्रतिशत टूटा है। इसके अलावा Solana में लगभग 47 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पिछले साइकल्स के विपरीत, क्रिप्टोकरेंसीज में स्टॉक मार्केट में रिकवरी के साथ तेजी नहीं आ रही। इससे क्रिप्टो मार्केट का शेयर मार्केट के मूवमेंट के साथ लिंक कमजोर होता लग रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन को लेकर सेंटीमेंट में कमजोरी नहीं आई है। इस गिरावट के पीछे रिस्क वाले एसेट्स से दूरी बनाना, मैक्रो इकोनॉमिक आशंकाएं और प्रॉफिट बुकिंग जैसे बड़े कारण हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से बिटकॉइन का प्राइस 50 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है।
बिटकॉइन की सबसे बड़ी कॉरपोरेट होल्डर Strategy ने भी हाल ही में अपने क्रिप्टो के रिजर्व को बढ़ाया है। Strategy (पहले MicroStrategy) के पास कुल 8,45,256 बिटकॉइन हैं। इस अमेरिकी कंपनी की बिटकॉइन होल्डिंग की वैल्यू लगभग 53 अरब डॉलर की है। Strategy के को-फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन, Michael Saylor ने बताया था कि इसके लिए प्रति बिटकॉइन लगभग 75,680 डॉलर का औसत प्राइस दिया गया है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व के इन्फ्लेशन से निपटने के लिए इंटरेस्ट रेट को बढ़ाने की संभावना को लेकर भी मार्केट्स में अनिश्चितता की स्थिति है। कर्ज महंगा होने से रिस्क वाले एसेट्स से दूरी बनाई जाती है और इनवेस्टमेंट के सुरक्षित माने जाने वाले जरियों में फंडिंग में बढ़ोतरी होती है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
boAt Nirvana Eutopia 2 ANC Wireless Headphones
Starts from ₹4,999
Amazfit Cheetah 2 Ultra
Starts from ₹54,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Skullcandy Aviator 900 ANC Wireless Headphones
Starts from ₹22,999
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹1,999