TikTok करते हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान!

अन्य सोशल मीडिया पोर्टल की तरह ही TikTok भी बाहरी सर्वर या कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क्स (CDN) पर निर्भर करता है ताकि उसका डेटा का भंडार डिलीवर किया जा सके और टिकटॉक का यह सीडीएन असुरक्षित HTTP का इस्तेमाल कर रहा है।

TikTok करते हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान!

TikTok iOS वर्ज़न 15.5.6 और Android वर्ज़न 15.7.4 वाले यूज़र्स की प्राइवेसी खतरे में!

ख़ास बातें
  • डेवलपर्स का है दावा, TikTok कर रहा है असुरक्षित HTTP का इस्तेमाल
  • आसानी से एक्सेस हासिल किए जा सकते हैं यूज़र्स के अकाउंट
  • टिकटॉक यूज़र्स की वीडियो को किसी अन्य वीडियो से बदला भी जा सकता है
विज्ञापन
TikTok को लेकर दो डेवलपर्स ने दावा किया है कि कंपनी अपने डेटा के भंडार को भेजने के लिए असुरक्षित नेटवर्क का इस्तेमाल करती है, जिससे टिकटॉक यूज़र्स की गोपनीयता जोखिम में पड़ रही है। ये दोनों iOS डेवलपर्स हैं और इनका कहना है कि TikTok कथित तौर पर मीडिया कंटेंट को डाउनलोड करने के लिए "असुरक्षित एचटीटीपी का इस्तेमाल करता है, जो यूज़र्स की गोपनीयता को खतरे में डालता है। आसान शब्दों में समझाएं तो, यदि HTTP में आने जाने वाला ट्रैफिक अनएन्क्रिप्टेड यानी असुरक्षित हो तो उसे हैकर्स आसानी से ट्रैक कर सकते हैं और यहां तक ​​कि उस डेटा को बदल भी सकते हैं। इसका मतलब है कि TikTok यूज़र्स के डेटा को उनके वॉच हिस्ट्री सहित हैकर्स द्वारा एक्सेस किया जा सकता है। बता दें कि दोनों डेवलपर्स द्वारा टिकटॉक में हो रही इस सुरक्षा लापरवाफी को लेकर कंपनी ने फिलहाल किसी प्रकार का जवाब नहीं दिया है।

TikTok ऐप ने हाल ही में Google Play Store पर 1 बिलियन यानी 100 करोड़ डाउनलोड्स का आंकड़ा पार किया है। यदि दोनों डेवलपर्स की सुरक्षा में लापरवाही की यह बात सच होती है तो जाहिर सी बात है कि इस समय करोड़ो लोगों की प्राइवेसी खतरे में है।

डेवलपर्स, तलाल हज बेरी और टॉमी मिस्क ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी कि असुरक्षित HTTP के उपयोग करने के कारण, हैकर्स "TikTok यूज़र्स द्वारा साझा की गई वीडियो को अपनी मनचाही किसी अन्य वीडियो के साथ बदल सकते हैं, भले भी वो वीडियो वेरिफाइड अकाउंट से ही क्यों ना हो। डेवलपर्स ने यह भी बताया है कि यह लापरवाही यूज़र्स की वॉच हिस्ट्री को भी उजागर कर सकती है।

टिकटॉक यूज़र्स की सुरक्षा के खतरे को लेकर अपने ब्लॉग पोस्ट में डेवलपर्स ने आगे कहा है कि किसी भी अन्य सोशल मीडिया पोर्टल की तरह ही TikTok भी बाहरी सर्वर या कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क्स (CDN) पर निर्भर करता है ताकि उसका डेटा का भंडार डिलीवर किया जा सके। पोस्ट में कहा गया है कि टिकटॉक का CDN वीडियो और अन्य मीडिया डेटा ट्रांसफर करने लिए अनएन्क्रिप्टेड (असुरक्षित) HTTP का विकल्प चुनता है।

इसका सीधा मतलब यह है कि जो कोई भी वाई-फाई राउटर से गुजरने वाले इस नेटवर्क ट्रैफ़िक को देख सकता है, वह टिकटॉक के सर्वर से आने वाली जानकारी को भी आसानी से पढ़ सकता है और इसे यूज़र्स के बिना पता चले किसी अन्य वीडियो के साथ बदल सकता है।

डेवलपर्स का कहना है कि फिलहाल यह कमी केवल TikTok के एक वर्ज़न पर चल रही है, जिसमें iOS वर्ज़न 15.5.6 और Android वर्ज़न 15.7.4 शामिल है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy A27 की कीमत हुई लीक, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  2. ट्रेन में यात्रा के दौरान ऐसे खोजें खाली सीट, वेटिंग टिकट वालों के काम आएगा IRCTC का यह फीचर
  3. Vivo X300 Pro पर मिल रहा बंपर डिस्काउंट, कीमत हुई सबसे कम
  4. Infinix Smart 20 vs Moto G37 vs Realme P4 Lite 5G: खरीदने से पहले जान लें कौन सा रहेगा बेहतर
  5. Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra जल्द हो सकता है भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  6. Ather Energy के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए पेश हुआ वॉयस कमांड फीचर
  7. TCS में 3 वर्षों में वर्कर्स के बराबर हो सकती है AI एजेंट्स की संख्या
  8. Oppo Reno 16 जल्द होगा भारत में लॉन्च, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  9. Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
  10. OnePlus की भारत में अफोर्डेबल स्मार्टफोन्स की सीरीज लॉन्च करने की तैयारी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »