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AI से रोज बात करते हैं? कहीं आप भी तो नहीं बन रहे रोबोट, नई रिसर्च उड़ा देगी होश!

ChatGPT और AI चैटबॉट्स के लगातार इस्तेमाल को लेकर नई रिसर्च में इंसानों के व्यवहार पर संभावित असर की बात कही गई है।

AI से रोज बात करते हैं? कहीं आप भी तो नहीं बन रहे रोबोट, नई रिसर्च उड़ा देगी होश!

Photo Credit: AI Generated

ChatGPT और AI चैटबॉट्स के लगातार इस्तेमाल को लेकर नई रिसर्च सामने आई

ख़ास बातें
  • AI से लगातार बातचीत इंसानों के व्यवहार को प्रभावित कर सकती है
  • रिसर्चर्स ने इस संभावित स्थिति को रोबोटॉइड ह्यूमैननेस नाम दिया
  • रिसर्च में AI के फीडबैक से सोच बदलने की संभावना बताई
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क्या आपने कभी नोटिस किया है कि लंबे समय तक किसी व्यक्ति के साथ रहने पर उसकी बोलने की स्टाइल या कुछ आदतें आपकी बातचीत में भी आने लगती हैं? अब यही सवाल AI चैटबॉट्स को लेकर उठ रहा है। एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि इंसानों का AI के साथ लगातार बातचीत करना उनके बोलने और खुद को पेश करने के तरीके पर असर डाल सकता है। रिसर्चर्स ने इस संभावित स्थिति को 'रोबोटॉइड ह्यूमैननेस' नाम दिया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ChatGPT इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति सच में रोबोट जैसा हो जाएगा। रिसर्च अभी एक सैद्धांतिक ढांचा पेश करती है और इसके असर को साबित करने के लिए आगे एक्सपेरिमेंट की जरूरत है।

यह रिसर्च 19 अगस्त 2026 को 'AI & Society' जर्नल में पब्लिश हुई है। इसे यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम, आरहूस यूनिवर्सिटी और लिनियस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने मिलकर तैयार किया है। रिसर्च का फोकस उन AI सिस्टम्स पर है जो सिर्फ सवालों का जवाब देने के बजाय इंसानों की तरह बातचीत करते हैं, यूजर की पसंद और बातचीत के तरीके को समझते हैं और उसी के हिसाब से जवाब देते हैं। ChatGPT जैसे चैटबॉट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रिसर्चर्स ने यह समझने की कोशिश की है कि लंबे समय तक ऐसी बातचीत का इंसानों पर क्या असर पड़ सकता है।

AI की नकल करने लग सकते हैं इंसान?

रिसर्चर्स के मुताबिक इंसानों में सामने वाले व्यक्ति के व्यवहार को अनजाने में अपनाने की प्रवृत्ति होती है। इसे 'मिररिंग' कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो जब हम किसी व्यक्ति के साथ काफी समय बिताते हैं, तो कई बार उसकी बोलने की स्टाइल, शब्दों के इस्तेमाल या बातचीत के तरीके का थोड़ा हिस्सा हमारी अपनी बातचीत में भी आ जाता है।

रिसर्चर्स का कहना है कि यही प्रोसेस AI के साथ बातचीत में भी देखने को मिल सकती है। आज के AI चैटबॉट्स पहले के सामान्य सॉफ्टवेयर की तरह सिर्फ तय जवाब नहीं देते। वे बातचीत के संदर्भ को समझने, यूजर के हिसाब से जवाब देने और बातचीत को ज्यादा इंसानी बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में लंबे समय तक AI से बातचीत करने वाला यूजर भी धीरे-धीरे अपने जवाबों और बातचीत के तरीके को उस सिस्टम के हिसाब से बदल सकता है।

क्या है 'रोबोटॉइड ह्यूमैननेस'?

रिसर्च पेपर में 'रोबोटॉइड ह्यूमैननेस' का इस्तेमाल उस संभावित स्थिति को समझाने के लिए किया गया है, जिसमें इंसान AI के लिए आसानी से समझ आने वाले तरीके से खुद को पेश करने लगे। यानी यूजर अपनी भाषा, सवाल पूछने के तरीके और जवाब देने के तरीके को इस तरह बदल सकता है, जिससे AI उसे बेहतर तरीके से समझ सके।

रिसर्चर्स ने इसके लिए तीन फेज वाले मिररिंग प्रोसेस का एक मॉडल पेश किया है। पहले इंसान AI के साथ बातचीत करता है। इसके बाद AI उस बातचीत से यूजर के व्यवहार और पसंद का एक डिजिटल प्रोफाइल तैयार करता है और उसी आधार पर जवाब देता है। लगातार ऐसी बातचीत होने पर यूजर भी उन तरीकों को अपनाना शुरू कर सकता है, जिन पर AI बेहतर प्रतिक्रिया देता है। यही वह हिस्सा है जिसे रिसर्चर्स आगे जांचने की जरूरत बता रहे हैं। अभी यह तय नहीं है कि यह बदलाव हर व्यक्ति में होगा या नहीं और अगर होगा तो कितना होगा।

AI का फीडबैक हमारी सोच पर भी डाल सकता है असर

रिसर्च में सिर्फ बोलने के तरीके की बात नहीं की गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि AI से लगातार मिलने वाला फीडबैक इंसान के खुद को देखने के नजरिए को भी प्रभावित कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई AI किसी व्यक्ति के विचार या फैसले को लगातार एक ही तरह से सही बताता है, तो यूजर को अपनी उस सोच पर पहले से ज्यादा भरोसा होने लग सकता है।

इसके उलट अगर AI लगातार किसी खास व्यवहार या सोच को नकारात्मक तरीके से दिखाता है, तो इसका असर यूजर के आत्मविश्वास पर भी पड़ सकता है। हालांकि, रिसर्च यह नहीं कहती कि ऐसा हर AI यूजर के साथ जरूर होगा। व्यक्ति का स्वभाव, AI का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और बातचीत कितनी लंबी है, जैसे कई फैक्टर्स इसका असर तय कर सकते हैं।

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नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
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