CoinDCX की ओर से घोषित किए गए Recovery Bounty प्रोग्राम में एथिकल हैकर्स और इकोसिस्टम पार्टनर्स को इस जांच में सहयोग के लिए निमंत्रण दिया गया है। इस क्रिप्टो एक्सचेंज का कहना है कि उसका टारगेट फंड्स की रिकवरी के साथ ही सायबरक्राइम के खिलाफ लड़ाई में Web3 कम्युनिटी को जोड़ने का है। अगर CoinDCX का पूरा फंड रिकवर होने पर इसमें मदद करने वालों को 1.1 करोड़ डॉलर तक रिवॉर्ड के तौर पर मिल सकते हैं।
इस वर्ष क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की हैकिंग से चुराया गया फंड पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.2 अरब डॉलर का है। ब्लॉकचेन एनालिसिस फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह लगातार चौथा वर्ष है जिसमें क्रिप्टो फर्मों की हैकिंग से चुराया गया फंड एक अरब डॉलर से अधिक है। पिछले वर्ष इन फर्मों की हैकिंग के लगभग 282 मामले हुए थे। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 303 हो गई है।
कुछ बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों की 824 करोड़ रुपये से अधिक की गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की चोरी पकड़ी गई है। इन एक्सचेंजों में Binance, WazirX, CoinDCX और CoinSwitch शामिल हैं। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने संसद को बताया है कि GST की इस चोरी में से केवल 122.29 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है। इसमें Binance Group की फर्म Nest Services ने सबसे अधिक 722.43 करोड़ रुपये की चोरी की है।
इस समस्या पर लगाम लगाने के लिए यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) ने बिना लाइसेंस वाली क्रिप्टो फर्मों पर पेनल्टी लगाने का सुझाव दिया है। UNODC का अनुमान है कि पिछले वर्ष दक्षिणपूर्व एशिया में क्रिप्टो से जुड़े स्कैम से लगभग 37 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इन स्कैम में सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जाता है।
पूर्व अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप, उनके परिवार और सहयोगियों ने सोमवार को World Liberty Financial को लॉन्च किया। हालांकि, इस बिजनेस के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, ट्रंप या उनके परिवार ने इस बिजनेस के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी है। यह भी नहीं पता चला है कि यह फर्म किस प्रकार की सर्विसेज उपलब्ध कराएगी
अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी MicroStrategy ने इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टकरेंसी में लगभग 1.1 अरब डॉलर की खरीदारी की है। इस कंपनी ने लगभग 18,300 बिटकॉइन खरीदे हैं। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को दी गई फाइलिंग में MicroStrategy ने बताया है कि ये बिटकॉइन छह अगस्त से 12 सितंबर के बीच खरीदे गए हैं।
पिछले वर्ष क्रिप्टो मार्केट में तेजी आई थी। इससे अपराधियों के लिए भी यह एक बड़ा निशाना बना है। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस पिछले वर्ष दोगुने से अधिक बढ़ा था। हाल ही में FBI ने चेतावनी दी थी कि क्रिप्टो सेगमेंट पर नॉर्थ कोरिया के हैकर्स के अटैक बढ़ रहे हैं। पिछले महीने भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX को हैकर्स ने निशाना बनाया था
भारतीय एक्सचेंजों पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग एक प्रतिशत बढ़कर लगभग 58,718 डॉलर पर था। इंटरनेशनल एक्सचेंजों पर यह 1.60 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ लगभग 55,170 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था।
बिटकॉइन का प्राइस भारतीय और इंटरनेशनल एक्सचेंजों पर 1.06 प्रतिशत से लगभग 2.03 प्रतिशत के बीच गिरा है। इंटरनेशनल एक्सचेंजों पर इसका प्राइस लगभग 56,530 डॉलर और CoinDCX जैसे भारतीय एक्सचेंजों पर लगभग 60,353 डॉलर का था।
इन हैकर्स से बचने के लिए FBI ने क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स की लॉगिन, पासवर्ड और प्राइवेट कीज से जुड़ी जानकारी इंटरनेट से कनेक्टेड डिवाइसेज पर स्टोर नहीं करने की सलाह दी है। पिछले वर्ष क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट की आड़ में फ्रॉड बढ़कर 3.94 अरब डॉलर के थे
भारतीय क्रिप्टो वॉलेट WazirX हैकिंग का शिकार हुआ है। WazirX हैकर ने मल्टी-सिग्नेचर वॉलेट से $230 मिलियन (लगभग 1,900 करोड़ रुपये) से ज्यादा का फ्रॉड किया है।
भारत में क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। इस वर्ष के बजट में टैक्स में कोई राहत नहीं मिलने से क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों को झटका लगा था
कुछ देशों में रेगुलेटर्स ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर चेतावनी भी दी है। इस सेगमेंट से जुड़े स्कैम के मामले भी बढ़े हैं। पिछले सप्ताह क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के एक मल्टी-सिग्नेचर वॉलेट की सिक्योरिटी में सेंध लगी थी