Trump

Trump - ख़बरें

  • अमेरिका में इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने से बिटकॉइन माइनिंग में हुई गिरावट
    बिटकॉइन माइनिंग में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले अमेरिका के टेक्सस और जॉर्जिया जैसे शहरों में मौसम की स्थितियां खराब होने से पावर ग्रिड्स पर प्रेशर है। इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने के बाद अमेरिका की कुछ बड़ी बिटकॉइन माइनिंग फर्मों ने अपने कामकाज के बड़े हिस्से को बंद कर दिया है। क्रिप्टो माइनिंग में अधिक पावर वाले कंप्यूटिंग डिवाइसेज का इस्तेमाल होता है जो इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत करते हैं।
  • ईरान में हिंसा के बीच इंटरनेट बंद नहीं करने पर हुई टेलीकॉम कंपनी के CEO की छुट्टी
    बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX ने ईरान में Starlink की इंटरनेट सर्विस मुफ्त देने की पेशकश की है। ईरान में स्टारलिंक पर बैन लगा है लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग छिपकर इसकी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली स्टारलिंक की कई देशों में मौजूदगी है। SpaceX ने ईरान में स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है।
  • बिटकॉइन माइनिंग से इकोनॉमी को मजबूत करने की तैयारी कर रहा यह अफ्रीकी देश....
    इथोपिया के प्राइम मिनिस्टर Abiy Ahmed ने बताया है कि यह देश के फाइनेंशियल सेक्टर को डिवेलप करने की सरकार की कोशिश का हिस्सा है। बिटकॉइन की माइनिंग के लिए इथोपिया को एक इनवेस्टमेंट पार्टनर की तलाश है। Ethiopian Investment Holdings के जरिए बिटकॉइन की माइनिंग को शुरू किया जा सकता है। यह अफ्रीका का सबसे बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड है।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने खरीदे 13,600 से ज्यादा Bitcoin, 1.25 अरब डॉलर की वैल्यू
    एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने पांच जनवरी से 11 जनवरी के बीच 13,627 बिटकॉइन की खरीदारी की है। पिछले सप्ताह भी कंपनी ने बताया था कि उसने 1,286 बिटकॉइन लगभग 11.6 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। Strategy के पास मौजूद बिटकॉइन्स की मौजूदा वैल्यू लगभग 62 अरब डॉलर की है।
  • ईरान में भारी हिंसा के बीच Elon Musk ने दी मुफ्त इंटरनेट सर्विस की पेशकश
    ईरान में SpaceX ने स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है। हालांकि, इस सर्विस का इस्तेमाल वही लोग कर सकेंगे जिनके पास इसके लिए रिसीवर मौजूद हैं। ईरान और विवादों का सामना कर रहे अन्य रीजंस में स्टारलिंक की सर्विस उपलब्ध कराने से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति मस्क और अमेरिकी सरकार की ताकत का संकेत मिल रहा है।
  • Apple ने किया 50 अरब डॉलर से ज्यादा के मेड इन इंडिया iPhones का एक्सपोर्ट
    केंद्र सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने भारत से 50 अरब डॉलर से अधिक के आईफोन्स की शिपमेंट की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी ने लगभग 16 अरब डॉलर के आईफोन मॉडल्स का एक्सपोर्ट किया है। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट के लिए अमेरिका एक बड़ा मार्केट है।
  • अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की कंपनी पेश करेगी नया क्रिप्टो टोकन
    इस टोकन से कंपनी के शेयरहोल्डर्स को Trump Media & Technology Group के प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट या बेनेफिट मिल सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social को भी Trump Media & Technology Group ऑपरेट करती है। इस रिपोर्ट के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। पिछले वर्ष की शुरुआत में ट्रंप ने अमेरिका के प्रेसिजेंट के तौर पर कार्यभाल संभालने के बाद क्रिप्टो सेगमेंट के पक्ष में कुछ फैसले किए थे।
  • क्रिप्टो को लेकर RBI की वॉर्निंग, वित्तीय स्थिरता के लिए हो सकता है बड़ा खतरा
    फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
  • क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase पर सायबर अटैक का आरोपी भारत से हुआ गिरफ्तार
    बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase ने बताया था कि हैकर्स ने अमेरिका के बाहर उसके कॉन्ट्रैक्टर्स और वर्कर्स को रिश्वत देकर कस्टमर्स के संवेदनशील डेटा को चुराया था। इस मामले में हैकर्स ने दो करोड़ डॉलर की फिरौती की भी मांग की थी। Coinbase ने बताया था कि सायबर अटैक से उसे 40 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
  • क्रिप्टो से सरकार को मिलने वाला TDS 41 प्रतिशत बढ़ा, महाराष्ट्र की सबसे अधिक हिस्सेदारी
    महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है।
  • Microsoft ने H-1B वीजा वर्कर्स को दी विदेश यात्रा से बचने की चेतावनी
    हाल ही में अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक ऑर्डर में कहा गया था कि इस स्क्रूटनी के लिए H-1B और उनके डिपेंडेंट्स (H-4), F, J और M नॉन-इमिग्रेंट वीजा के सभी आवेदकों को उनके सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर प्राइवेसी सेटिंग्स को एडजस्ट कर 'पब्लिक' करने का निर्देश दिया जाता है। स्टेट डिपार्टमेंट ने बताया था कि भारत में कई H-1B वीजा होल्डर्स के इंटरव्यू का शेड्यूल बदला गया है।
  • Bitcoin में आ सकती है तेजी, Citigroup ने दिया 1,43,000 डॉलर का टारगेट
    अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 86,000 डॉलर से नीचे गया प्राइस
    अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
  • अमेरिका ने  H-1B वीजा के एप्लिकेंट्स के लिए शुरू की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग 
    अमेरिका में स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर्स को वीजा देने से पहले उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहले से स्क्रूटनी की जा रही है। स्क्रूटनी के इस दायरे में स्टेट डिपार्टमेंट ने H-1B और H-4 वीजा आवेदकों को भी शामिल किया है। अमेरिका के वीजा के सभी आवेदकों को उनके सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर प्राइवेसी सेटिंग्स को एडजस्ट कर 'पब्लिक' करने का निर्देश दिया गया है।
  • क्रिप्टोकरेंसी कोई फाइनेंशियल एसेट नहीं, सिर्फ कोड का एक पीस हैः RBI ने दी चेतावनी
    RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। Rabi Sankar ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »