अमेरिकी वीजा लेना है तो देनी होगी सोशल मीडिया की पूरी जानकारी, नहीं तो...

यह नियम 2019 से लागू है, लेकिन अब अमेरिकी एम्बेसी ने इसे जोर-शोर से लागू करना शुरू किया है।

अमेरिकी वीजा लेना है तो देनी होगी सोशल मीडिया की पूरी जानकारी, नहीं तो...

सिर्फ सोशल मीडिया यूजरनेम देना ही अब काफी नहीं, प्रोफाइल को पब्लिक विजिबिलिटी में रखना होगा

ख़ास बातें
  • DS‑160 फॉर्म में पिछले 5 सालों के सभी सोशल मीडिया हैंडल शामिल करने होंगे
  • यह नियम 2019 से लागू है
  • प्रोफाइल्स को पब्लिक विजिबिलिटी में भी रखना होगा
विज्ञापन
भारत में अमेरिकी एम्बेसी (US Embassy in India) ने हाल ही में बड़ी वॉर्निंग दी है कि अगर कोई भारतीय अपने वीजा एप्लीकेशन से फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया डिटेल्स हटा देंगे, तो उनका वर्तमान वीजा रिजेक्ट हो सकता है और साथ ही भविष्य में US वीजा लेने से भी इनकार किया जा सकता है। इसके अलावा, साफ शब्दों में कहा गया है कि यह रूल किसी भी प्रकार की जानकारी को सोशल मीडिया से हटाए जाने पर भी लागू होगा। हाल ही में एम्बेसी ने यह भी कहा था कि वीजा एप्लिकेंट्स को उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल को स्क्रीनिंग के लिए पब्लिक करना होगा।

X पर एक पोस्ट में US Embassy in India ने यह बताया है कि DS‑160 फॉर्म (जिसे अधिकतर नॉन‑इमिग्रेंट वीजा के लिए भरना पड़ता है) में पिछले 5 सालों के सभी सोशल मीडिया हैंडल (Facebook, X, Instagram, LinkedIn, TikTok आदि) शामिल करना अनिवार्य है। एम्बेसी के मुताबिक, "Every U.S. visa adjudication is a national security decision," यानी वीजा दिया जा रहा है या नहीं यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला भी है।
 

यह नियम 2019 से लागू है, लेकिन अब अमेरिकी एम्बेसी ने इसे जोर-शोर से लागू करना शुरू किया है। चौकाने वाली बात यह है कि सिर्फ सोशल मीडिया यूजरनेम देना ही अब काफी नहीं, प्रोफाइल को पब्लिक विजिबिलिटी में रखना होगा ताकि कांसुलर अफसर एप्लिकेंट के पोस्ट्स, लाइक्स, कमेंट्स सब देख सकें।

अगर एप्लिकेंट की कोई प्रोफाइल प्राइवेट है, या उसने उसे वीजा फॉर्म से हटा लिया है, तो यह माना जाएगा कि वह कुछ छिपा रहा है और इसका नतीजा उसका वीजा एप्लीकेशन का इनस्टैंट रिजेक्शन या भविष्य के वीजा के लिए इनएलिजिबिलिटी हो सकता है।

विशेषकर F (स्टूडेंट), M (वोकैशनल स्टूडेंट्स) और J (एक्सचेंज विजिटर्स) वीजा के लिए यह स्ट्रिक्ट गाइडलाइन है। एम्बेसी ने कहा है कि यह उन के लिए अहम है क्योंकि यह वेरिफिकेशन और नेशनल सिक्योरिटी चेक प्रोसेस का हिस्सा है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 के फीचर्स का खुलासा, 200MP पेरीस्कोप टेलीफोटो कैमरा, बड़ी डिस्प्ले से होगा लैस
  2. Telegram हो रहा इस देश में बैन, जानें क्या है वजह
  3. NCERT Physics Course Free: 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए शानदार मौका! यहां से फ्री में घर बैठे सीखें फिजिक्स
  4. India AI Impact Summit 2026: AI में दिखेगी भारत की ताकत, दुनिया के टेक दिग्गज होंगे शामिल, जानें सबकुछ
  5. स्कैम कॉल पर होगी बड़ी कार्रवाई, AI रखेगा नजर, TRAI का बड़ा कदम
  6. 365 दिनों तक 30GB, अनलिमिटिड 5G कॉलिंग, फ्री OTT, Adobe सब्सक्रिप्शन वाला सबसे सस्ता Airtel प्लान!
  7. भारत में स्कैमर्स की भरमार, 2025 में आए 4000 करोड़ से ज्यादा स्पैम कॉल, जानें कैसे करें बचाव
  8. Google Pixel 10 पर अब तक का सबसे बड़ा डिस्काउंट, हुआ इतना सस्ता, जल्दी करें
  9. मची है लूट! 28 हजार रुपये से सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy S25 सीरीज का फ्लैगशिप फोन
  10. Toyota ने पेश की Highlander EV, 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »