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Reuters - ख़बरें

  • भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
    भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े कथित संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने करीब 19 हजार फाइलें अपलोड की हैं, जिनमें कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायर डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच Reliance Group ने थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर Yotta के सर्वर पर अपने डेटा में Partial Breach की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
  • चीन का वो सीक्रेट प्रोजेक्ट, जिससे बढ़ सकती है अमेरिका की टेंशन, ऐसी मशीन जो बदल देगी चिप इंडस्ट्री!
    चीन ने एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए EUV Lithography Machine का प्रोटोटाइप विकसित किया है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को शेनझेन की एक हाई सिक्योरिटी लैब में तैयार किया गया और फिलहाल यह टेस्टिंग फेज में है। अभी इससे कमर्शियल स्तर पर चिप्स का उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Huawei और ASML के कुछ पूर्व इंजीनियर्स ने भी इस प्रोजेक्ट में भूमिका निभाई है। चीन का लक्ष्य भविष्य में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना और अपनी घरेलू चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना है।
  • Prime Video पर विज्ञापन दिखाना Amazon को पड़ा भारी! कोर्ट पहुंचा मामला
    ऑस्ट्रेलिया की कंपिटीशन रेगुलेटरी ACCC ने Amazon Australia के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज किया है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी पर आरोप है कि उसने Prime Video पर विज्ञापन जोड़ने के लिए अपने वार्षिक Prime सब्सक्राइबर्स के साथ किए गए कॉन्ट्रैक्ट में अनुचित शर्तों का इस्तेमाल किया। जुलाई 2024 के बाद विज्ञापन हटाने के लिए यूजर्स से हर महीने 2.99 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब ₹200) अतिरिक्त वसूले गए, जबकि वे पहले ही 79 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब ₹5,150) का वार्षिक शुल्क चुका चुके थे। इस मामले से 10 लाख से ज्यादा यूजर्स प्रभावित बताए गए हैं।
  • ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर अमेरिका ने लगाया बैन
    हाल ही में Reuters की जांच में बताया गया था कि Nobitex के ईरान के सेंट्रल बैंक और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए लाखों डॉलर की ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस करने में मदद की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान में सरकार की ओर से इंटरनेट को बंद करने के बाद भी Nobitex का कामकाज चल रहा था।
  • बढ़ते AI मार्केट ने की Samsung कर्मचारियों की चांदी, बोनस में मिलेंगे ₹3.28 करोड़!
    Samsung Electronics ने अपने चिप डिवीजन कर्मचारियों के साथ बोनस विवाद पर अस्थायी समझौता किया है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों को औसतन 513 मिलियन वॉन यानी करीब 2.8 करोड़ रुपये तक बोनस मिल सकता है। कर्मचारियों की मांग थी कि बोनस सीधे कंपनी के मुनाफे से जुड़ा हो। Reuters के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया था कि संभावित हड़ताल को लेकर दक्षिण कोरिया सरकार को भी दखल देना पड़ा। अब कंपनी ऑपरेटिंग प्रॉफिट का 10.5 प्रतिशत हिस्सा बोनस के रूप में देने को तैयार हुई है।
  • Cisco निकालेगी 4 हजार कर्मचारी, AI में निवेश की तैयारी!
    अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनी Cisco Systems ने अपने 4 हजार कर्मचारियों की छुट्टी करने का फैसला किया है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपने वर्कफोर्स का 5% घटाने जा रही है
  • WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
    रूस में इंटरनेट कंट्रोल को और सख्त करने की तैयारी हो रही है, जहां सरकार अब VPN के इस्तेमाल को कम करने पर फोकस कर रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल मंत्री Maksut Shadayev ने कहा है कि VPN यूसेज को सीमित करने की योजना बनाई जा रही है। हाल के महीनों में रूस ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया और मोबाइल इंटरनेट पर भी कई बार रोक लगाई है। सरकार का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण के लिए जरूरी हैं। हालांकि यूजर्स लगातार नए VPN का इस्तेमाल कर इन प्रतिबंधों को बायपास करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • 10 साल बाद Amazon फिर बनाएगा स्मार्टफोन! Fire Phone फ्लॉप के बाद नई शुरुआत
    Amazon एक बार फिर स्मार्टफोन मार्केट में वापसी की तैयारी कर रहा है। Reuters की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार कंपनी “Transformer” नाम के नए स्मार्टफोन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। यह डिवाइस Alexa और AI फीचर्स के साथ आएगा और यूजर्स को ज्यादा पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस देगा। रिपोर्ट के मुताबिक फोन को Amazon की सर्विसेज जैसे Prime Video, Prime Music और ऑनलाइन शॉपिंग के साथ गहराई से जोड़ा जा सकता है। हालांकि इसकी लॉन्च टाइमलाइन और कीमत अभी साफ नहीं है और प्रोजेक्ट को बदला या बंद भी किया जा सकता है।
  • सरकार का हर फोन में Aadhaar ऐप प्री-इंस्टॉल करने का प्लान! Apple-Samsung जैसे ब्रांड्स ने जताई आपत्ति
    Reuters की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने Apple, Samsung और Google जैसी कंपनियों से Aadhaar ऐप को स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार का मानना था कि इससे यूजर्स को बेहतर एक्सेस मिलेगा, लेकिन इंडस्ट्री बॉडी MAIT और कई कंपनियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि इससे प्रोडक्शन लागत बढ़ेगी और यूजर एक्सपीरियंस पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी चिंता जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • Anthropic के नए AI टूल से सहमी टेक कंपनियां, लीगल वर्क को करेगा ऑटोमेट
    SaaSpocalypse की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका में वॉल स्ट्रीट पर टेक कंपनियों के शेयर्स में बड़ी गिरावट हुई है। इससे Adobe, Cognizant, Thomson Reuters और Gartner जैसी कंपनियों के शेयर्स सात प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक टूटे हैं। भारत में भी IT कंपनियों के शेयर्स पर इसका बड़ा असर पड़ा है। TCS का शेयर लगभग सात प्रतिशत, Infosys का लगभग आठ प्रतिशत और HCL का पांच प्रतिशत से अधिक गिरा है।
  • ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
    भारत सरकार और केंद्रीय बैंक से जुड़े अधिकारी Ant International के Alipay+ प्लेटफॉर्म को UPI से जोड़ने पर बातचीत कर रहे हैं। इस कदम का मकसद क्रॉस बॉर्डर डिजिटल पेमेंट को आसान बनाना है, जिससे विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों को फायदा मिल सकता है। UPI पहले ही देश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है और सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने की कोशिश में है। हालांकि, Alipay की चीन से जुड़ी पृष्ठभूमि को देखते हुए सुरक्षा और डेटा से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है।
  • वॉयस असिस्टेंट बना जासूस? नहीं मानी गलती, लेकिन फिर भी 623 करोड़ का जुर्माना भरेगा Google
    Google ने अपने वॉयस असिस्टेंट से जुड़े एक प्राइवेसी मामले को निपटाने के लिए 68 मिलियन डॉलर का सेटलमेंट करने पर सहमति जताई है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में आरोप लगाया गया था कि Google Assistant बिना यूजर्स की अनुमति के उनकी बातचीत रिकॉर्ड करता था और उस डेटा का इस्तेमाल विज्ञापनों सहित अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। हालांकि, कंपनी ने सेटलमेंट में किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की है। यह मामला “false accepts” से जुड़ा था, जहां असिस्टेंट बिना वेक वर्ड के एक्टिव होने के आरोपों के घेरे में था।
  • सरकार मांग रही है स्मार्टफोन का सीक्रेट एक्सेस? सोर्स कोड मामले पर फैक्ट चेक में निकला बड़ा ट्विस्ट
    भारत सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड एक्सेस लेने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि सरकार ने Apple, Samsung या Xiaomi जैसी कंपनियों को सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यह सफाई Reuters की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें नए मोबाइल सिक्योरिटी नियमों के तहत सोर्स कोड एक्सेस की बात कही गई थी। सरकार के मुताबिक, फिलहाल मोबाइल सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ इंडस्ट्री के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन चल रहा है और कोई अंतिम नियम तय नहीं किए गए हैं।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।

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