मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
महाराष्ट्र की साइबर सेल ने उन सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकंजा कसा है, जो कई दिनों से लॉरेंस बिश्नोई और दाऊद इब्राहिम की प्रिंट वाली टी-शर्ट बेच रहे थे। फ्लिपकार्ट, अलीएक्सप्रेस, टीशॉपर और एट्सी जैसे सेलर्स और प्लेटफार्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के प्रोडक्ट बेचने से निश्चित तौर पर युवाओं के बीच गलत संदेश जाएगा।
इस मामले में आईपीसी और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत धाराएं लगाई गई हैं। इस ऐप को लेकर शिव सेना सहित कुछ विपक्षी दलों और संगठनों ने भी विरोध जताया है
मध्य प्रदेश की पुलिस ने अमेजॉन की लोकल यूनिट के सीनियर अधिकारियों पर नारकोटिक्स कानूनों के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने 14 नवंबर को 20 किलोग्राम गांजे के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था।