Jio Satellite Internet

Jio Satellite Internet - ख़बरें

  • TATA सीधे सैटेलाइट से प्रदान करेगा आपके मोबाइल में इंटरनेट, जानें क्या है D2D सर्विस?
    Starlink और Jio के बाद अब Tata भी इसमें कदम रखने जा रहा है।टाटा ग्रुप की सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर नेल्को लिमिटेड भारत में 2028 तक अपनी डायरेक्ट टू डिवाइस (D2D) सैटेलाइट सर्विस चालू कर सकती है। इसके अलावा साल के आखिर तक कंपनी ट्रायल्स भी शुरू करने का प्लान बना रही है। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को भारत के साथ-साथ श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे बाजारों में भी उपलब्ध करवाया जा सकता है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाएगा Amazon! सैटेलाइट से सीधे फोन तक इंटरनेट, भारत में भी होगी एंट्री?
    Amazon ने अमेरिकी FCC से 5,105 नए Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी मांगी है। कंपनी Amazon Leo प्रोजेक्ट के तहत Direct-to-Device (D2D) तकनीक विकसित कर रही है, जिससे बिना मोबाइल टावर के सीधे स्मार्टफोन पर मैसेज, कॉल और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस कदम को Starlink के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। फिलहाल Amazon ने भारत में इस सेवा के लॉन्च की घोषणा नहीं की है। वहीं भारत में Starlink, OneWeb और Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं भी अभी शुरुआती चरण में हैं और व्यावसायिक विस्तार का इंतजार कर रही हैं।
  • Elon Musk की Starlink ने भारतीयों के लिए निकाली जॉब, यहां से करें अप्लाई
    एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट यूनिट Starlink ने भारत में अपने ऑपरेशंस के लिए पहली बार लोकल हायरिंग शुरू कर दी है। कंपनी ने LinkedIn और अपने ऑफिशियल SpaceX Careers Portal पर कई जॉब ओपनिंग्स पोस्ट की हैं, जो इसके भारत में कमर्शियल लॉन्च की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं। Starlink भारत में 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू कर सकती है। Starlink ने कथित तौर पर मुंबई, चेन्नई और नोएडा में अपने शुरुआती तीन गेटवे स्टेशन खोलने की अनुमति मांगी है। भविष्य में एक्सपेंशन की प्लानिंग भी तय है।
  • भारत के इंटरनेट के मार्केट में जल्द होगी Musk की स्टारलिंक की एंट्री, Reliance Jio को मिलेगी टक्कर 
    स्टारलिंक को अब केंद्र सरकार से स्पेक्ट्रम हासिल करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और टेस्टिंग और ट्रायल के जरिए यह दिखाने की जरूरत होगी कि कंपनी सिक्योरिटी से जुड़े रूल्स को पूरा कर रही है। पिछले तीन वर्षों से स्टारलिंक देश में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस मिलने का इंतजार कर रही थी।
  • Elon Musk की Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को भारत की हरी झंडी!
    सैटेलाइट‑बेस्ड इंटरनेट के फ्यूचर की ओर एक बड़ा कदम रखते हुए, Elon Musk की Starlink को भारत के दूरसंचार मंत्रालय से सैटकॉम (Satcom) सर्विसेज लाइसेंस मिल गया है। यह India में Eutelsat‑OneWeb और Reliance Jio‑SES के बाद तीसरी कंपनी है जिसे यह मंजूरी मिली है। इससे Starlink को कमर्शियल सेवाएं शुरू करने का रास्ता मिल गया है, खासकर उन इलाकों में जहां पारंपरिक नेटवर्क पहुंच नहीं पाता। हाल ही में Starlink ने जोर दिया था कि स्पेक्ट्रम को एडमिनिस्ट्रेटिव रूप से एलोकेट करना चाहिए, न कि ऑक्शन में बेचना चाहिए और भारत सरकार ने इसका पक्ष भी लिया था, जिसपर Reliance Jio और Bharti Airtel ने आपत्ती भी जताई थी।
  • भारत में जल्द सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च कर सकती है Elon Musk की Starlink
    कंपनी को टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की ओर से ग्लोबल मोबाइल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस मिल सकता है। इस लाइसेंस से सैटेलाइट बेस्ड नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर्स को सैटेलाइट टर्मिनल्स लगाने की अनुमति मिलती है। स्टारलिंक को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) में बताई गई सिक्योरिटी कम्प्लायंस से जुड़ी शर्तों को 7 जून तक पूरा करने की समयसीमा दी गई थी और कंपनी ने इसे पूरा कर दिया है।
  • भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की कीमत होगी 840 रुपये से भी कम? Airtel, Jio की बढ़ेगी टेंशन!
    भारत में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही देश में लॉन्च होने वाली Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा अपने अनलिमिटेड डेटा प्लान्स की शुरुआती कीमत 10 डॉलर (करीब 840 रुपये) प्रति माह से भी कम रख सकती हैं। यानी ग्रामीण और रिमोट इलाकों में जहां अब तक इंटरनेट पहुंचना मुश्किल था, वहां भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी 1,000 रुपये से कम में उपलब्ध हो सकती है। यह कीमत कथित तौर पर शुरुआती यूजर्स को आकर्षित करने के लिए तय की गई है, ताकि कंपनियां 1 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर बेस बना सकें।
  • भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए Elon Musk की स्टारलिंक को मिला लाइसेंस
    बिलिनेयर Elon Musk की Starlink को यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से अनुमति मिल गई है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने स्टारलिंक को इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी किया है। स्टारलिंक को मस्क की रॉकेट कंपनी SpaceX ने डिवेलप किया है। यह सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कई देशों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराती है।
  • देश में एलन मस्क की स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस शुरू होने से पहले जारी हुए सिक्योरिटी रूल
    इन रूल्स के तहत, देश के बॉर्डर से बाहर मौजूद किसी टर्मिनल से यूजर्स के कनेक्शन को लिंक करने पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियां अपने डेटा की विदेश में प्रोसेसिंग भी नहीं कर सकेंगी। इन कंपनियों के लिए बिजनेस शुरू करने के कुछ वर्षों के अंदर सैटेलाइट नेटवर्क के ग्राउंड सेगमेंट के लिए देश में बने कम से कम 20 प्रतिशत पार्ट्स का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है।
  • एलन मस्क की Starlink के लिए भारत में पॉजिटिव संकेत, सरकार ने कहा, सैटेलाइट इंटरनेट जरूरी
    टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने कहा है कि दूरदराज के क्षेत्रों तक इंटरनेट को पहुंचाने के लिए इस सर्विस की जरूरत है। सिंधिया ने बताया कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनियां ही इसके लिए प्राइसिंग को तय करेंगीहाल ही में स्टारलिंक ने देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों Reliance Jio और Bharti Airtel के साथ टाई-अप किया था। दुनिया में इंटरनेट का भारत दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है।
  • भारत से पहले बांग्लादेश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च कर सकते हैं Elon Musk
    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार Muhammad Yunus ने मस्क को स्टारलिंक की सर्विस शुरू करने का निमंत्रण दिया है। हाल ही में मस्क को लिए एक पत्र में युनुस ने कहा है कि मस्क के बांग्लादेश के दौरे से उन्हें उन युवाओं से मिलने का मौका मिलेगा जो इस प्रमुख टेक्नोलॉजी के मुख्य लाभार्थियों में शामिल होंगे।
  • प्रधानमंत्री मोदी के सामने Elon Musk उठा सकते हैं Starlink की भारत में एंट्री का मुद्दा
    प्रधानमंत्री मोदी का दो दिन का अमेरिका का दौरा बुधवार से शुरू हुआ है। इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि मोदी और मस्क के बीच मीटिंग में भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस लॉन्च करने की योजना में देरी का मुद्दा शामिल हो सकता है। एक सूत्र ने बताया कि सिक्योरिटी को लेकर आशंकाओं पर भारत को आश्वासन देने के लिए मस्क सहमत हैं। इसमें डेटा की लोकल स्टोरेज शामिल है।
  • भारत में जल्द सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू सकती है Elon Musk की स्टारलिंक
    भारत में सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को प्रशासनिक तरीके से एलोकेट किया जा सकता है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio की भी यह सर्विस शुरू करने की योजना है। ऐसी रिपोर्ट है कि स्टारलिंक ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट की ओर से लोकल डेटा स्टोरेज सरकार की ओर से डेटा इंटरसेप्शन से जुड़ी शर्तों के लिए औपचारिक तौर पर सहमति दी है।
  • सैटेलाइट स्पेक्ट्रम पॉलिसी से कंज्यूमर्स को ब्रॉडबैंड इंटरनेट के लिए मिलेंगे ज्यादा ऑप्शन 
    टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia का कहना है कि इससे कंज्यूमर्स को अधिक विकल्प मिलेंगे। उन्होंने Reliance Jio की इस आशंका को गलत बताया है कि इससे Elon Musk की Starlink को फायदा होगा। पिछले कुछ महीनों से सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम को दिए जाने के तरीके को लेकर स्टारलिंक का Mukesh Ambani की रिलायंस जियो के साथ विवाद चल रहा था।
  • भारत में एक्टिव नहीं है स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस, Elon Musk ने दी जानकारी
    पिछले कुछ सप्ताह में स्टारलिंक के दो डिवाइसेज बरामद हुए हैं। इनमें एक हिंसा का सामना करने पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में सेना को मिला है। सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस उपलब्ध कराने के लिए स्टारलिंक ने केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी। इस वजह से यह कंपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी आशंका को दूर करने का प्रयास कर रही है।

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