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Code - ख़बरें

  • PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
    PhonePe ने UPI पेमेंट के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिना PIN डाले पूरे किए जा सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यूजर अब फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन के जरिए पेमेंट अप्रूव कर सकेंगे, जिससे वन टच अनुभव मिलेगा। यह सुविधा QR स्कैन, ऑनलाइन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल में काम करेगी। 5,000 रुपये से ऊपर की राशि के लिए UPI PIN जरूरी रहेगा। फिलहाल यह फीचर Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है और iOS पर जल्द आने की उम्मीद है।
  • Microsoft Edge चलाते हैं तो कभी भी हैक हो सकता है लैपटॉप-PC, तुरंत करें ये काम
    CERT-In ने Microsoft Edge के लिए हाई सीवेरिटी साइबर सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। एडवाइजरी CIVN-2026-0092 के अनुसार 144.0.3719.115 से पुराने वर्जन में heap buffer overflow से जुड़ी गंभीर खामी पाई गई है। इस कमजोरी का फायदा उठाकर रिमोट अटैकर्स विशेष रूप से तैयार वेब पेज के जरिए सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। एजेंसी ने सभी यूजर्स व ऑर्गेनाइजेशंस को तुरंत लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है, ताकि अनऑथोराइज्ड एक्सेस और डेटा लीक से बचा जा सके।
  • Infosys और Anthropic की बड़ी AI डील, इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
    Infosys ने एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाने के लिए Anthropic के साथ सहयोग की घोषणा की है। यह साझेदारी टेलीकॉम सेक्टर से शुरू होगी, जहां AI एजेंट्स विकसित करने के लिए एक Center of Excellence बनाया जाएगा। Anthropic के Claude मॉडल्स, जिनमें Claude Code शामिल है, को Infosys Topaz AI प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यह कदम जटिल वर्कफ्लो ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी और नियामकीय ढांचे के भीतर AI अपनाने में मदद करेगा। आगे चलकर यह सहयोग फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक विस्तारित होगा।
  • New Aadhaar Card: आधार कार्ड डिजाइन बदलेगा! फोटो, क्यूआर कोड के साथ मिल सकता है बिल्कुल नया रूप
    आधार कार्ड को नया रूप प्रदान किया जा सकता है। आपके मौजूदा आधार कार्ड के लिए नए डिजाइन में आने की खबर है जो देखने में एडवांस्ड भी होगा और उससे कोई जानकारी नहीं चुरा सकेगा। इस पर दिखने वाली जानकारी का अंदाज एकदम बदल सकता है। नाम, पता, और अन्य डिटेल्स जगह एक क्यूआर कोड ले सकता है।
  • कोडिंग करने वालों की जॉब खतरे में? OpenAI से Anthropic तक, AI लिख रहा है 90% से ज्यादा कोड
    AI अब सिर्फ कोडिंग असिस्टेंट नहीं रहा, बल्कि खुद सॉफ्टवेयर का मुख्य लेखक बनता जा रहा है। San Francisco बेस्ड AI लैब Cognition के को-फाउंडर Scott Wu ने बताया कि उनकी कंपनी में 90 प्रतिशत से ज्यादा कोड AI सिस्टम्स द्वारा लिखा जा रहा है और इंजीनियर्स को 10 प्रतिशत से भी कम कोड खुद टाइप करना पड़ता है। OpenAI ने भी हाल ही में खुलासा किया कि उसकी एक टीम ने पूरा प्रोडक्ट AI से जनरेट कोड पर शिप किया। Anthropic और xAI जैसे नाम भी इसी ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कोडिंग की परिभाषा बदलती नजर आ रही है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • Elon Musk दे रहे हैं 2 करोड़ की नौकरी, बस आनी चाहिए ये स्किल, ऑनलाइन भी कर सकते हैं अप्लाई
    Elon Musk की AI कंपनी xAI ने हायरिंग को लेकर एक नया रास्ता अपनाया है। कंपनी Talent Engineer नाम के रोल के लिए इंजीनियर्स की तलाश कर रही है, जिसमें सालाना सैलरी 1.2 लाख से 2.4 लाख डॉलर तक बताई गई है। इस रोल की खास बात “vibe coding” स्किल है, जिसमें टेक्निकल कॉन्सेप्ट्स को जल्दी समझने की क्षमता अहम मानी गई है। यह टीम सीधे Elon Musk को रिपोर्ट करेगी और हायरिंग को एक इंजीनियरिंग समस्या की तरह सॉल्व करेगी।
  • Infosys के प्रॉफिट में गिरावट, नए लेबर कोड का पड़ा बड़ा असर
    इंफोसिस का तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में लगभग 41,764 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने बताया है कि पिछली तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने उसे 1,289 करोड़ रुपये के असाधारण चार्ज के लिए प्रोविजन करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के लिए डील की पाइपलाइन मजबूत रही है।
  • सरकार मांग रही है स्मार्टफोन का सीक्रेट एक्सेस? सोर्स कोड मामले पर फैक्ट चेक में निकला बड़ा ट्विस्ट
    भारत सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड एक्सेस लेने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि सरकार ने Apple, Samsung या Xiaomi जैसी कंपनियों को सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यह सफाई Reuters की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें नए मोबाइल सिक्योरिटी नियमों के तहत सोर्स कोड एक्सेस की बात कही गई थी। सरकार के मुताबिक, फिलहाल मोबाइल सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ इंडस्ट्री के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन चल रहा है और कोई अंतिम नियम तय नहीं किए गए हैं।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।
  • OnePlus का नया स्मार्टफोन जल्द देगा दस्तक! मिलेगा स्नैपड्रैगन 8 जेनरेशन 4 प्रोसेसर
    OnePlus भारत और ग्लोबल मार्केट में एक नया स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है। इसका कोडनेम 'Volkswagen' बताया जा रहा है। यह स्मार्टफोन स्नैपड्रैगन 8एस जेन 4 चिपसेट से लैस हो सकता है। टिप्सटर का दावा है कि इस स्मार्टफोन में 1.5K रेजॉल्यूशन वाली 6.xx इंच की OLED डिस्प्ले होगी। इसमें OnePlus 15 और OnePlus 15R के समान 165Hz डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इस वनप्लस स्मार्टफोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मिल सकता है।
  • जॉब अलर्ट! AI, कोडिंग समेत इन 3 क्षेत्रों से जल्द कर देगा नौकरी खत्म ...
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर OpenAI के एक AI प्रवक्ता ने चिंताजनक बात कही है। पोडकास्ट 'अनसुपरवाइज्ड लर्निंग' में OpenAI बिजनेस प्रोडक्ट्स के हेड ऑलीवियर गॉडेमेंट ने कहा कि तीन ऐसी जॉब कैटिगरी हैं जिन पर बहुत जल्द AI की गाज गिरने वाली है। ये तीन क्षेत्र बहुत जल्द AI ऑटोमेशन से प्रभावित हो सकते हैं। इसमें कोडिंग, कस्टमर सर्विस, और लाइफ साइंसेज पर सबसे ज्यादा असर होगा।
  • WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर करना होगा प्रत्येक छह घंटे में लॉगिन, जल्द लागू होगा रूल!
    इससे यह पक्का किया जा सकेगा कि जो व्यक्ति किसी कम्युनिकेशन ऐप पर वेब सेशन का इस्तेमाल कर रहा है वह उस एकाउंट से जुड़े SIM का वास्तविक एक्सेस रखता है। इससे दूरदराज के इलाकों से आपराधिक गतिविधियों को चलाने वाले स्कैमर्स पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इस प्रकार का एक सिक्योरिटी फीचर Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट सर्विसेज से जुड़े ऐप्स में पहले से एक स्टैंडर्ड के तौर पर मौजूद है।
  • Elon Musk को पसंद नहीं है QR कोड, X पर छिड़ी कमेंट्स की जंग, एक यूजर ने दे डाला आइडिया
    Tesla और X (पहले Twitter) के CEO Elon Musk एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार किसी रॉकेट या AI अपडेट की वजह से नहीं, बल्कि QR कोड्स को लेकर। दरअसल, Musk ने हाल ही में X पर लिखा कि “मुझे QR कोड्स से नफरत है, ये आंखों के लिए परेशान करने वाली चीज हैं।” ये कमेंट उन्होंने स्वीडिश जर्नलिस्ट पीटर इमैनुएलसन के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए किया, जिसमें लिखा था – “I’m never ordering from a QR code menu at a restaurant", यानी मैं रेस्टोरेंट में कभी भी QR कोड मेन्यू के जरिए ऑर्डर नहीं करूंगा।
  • WhatsApp के QR कोड फीचर से ऐसे करें सीक्रेट चैट, जानें कैसे करता है काम
    WhatsApp के QR कोड फीचर का उपयोग आप उन लोगों के साथ चैट करने के लिए कर सकते हैं जो कि आपके संपर्क में नहीं हैं या फिर किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि पर मिले हैं, उन्हें क्यूआर कोड शेयर करके चैट कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें आपका नंबर सेव करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। आपके दोस्त और परिवार के लोग आपके वॉट्सऐप QR कोड को स्कैन करके आपको WhatsApp पर कॉन्टैक्ट के तौर पर भी जोड़ सकते हैं।

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