Trump Media and Technology Group ने सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin और Ethereum में इनवेस्टमेंट के लिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च करने की तैयारी की है। इसके लिए अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) से स्वीकृति मांगी गई है। हाल ही में ट्रंप ने अमेरिका में बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर भी साइन किए थे।
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether का प्राइस 1.74 प्रतिशत बढ़ा है। यह लगभग 2,310 डॉलर पर था। Avalanche, Solana, Ripple, Cardano, Polkadot, Chainlink और Polygon में भी तेजी थी
पिछले वर्ष बिटकॉइन के प्राइस में भारी गिरावट आई थी। इसके पीछे क्रिप्टो से जुड़ी बहुत सी फर्मों का दिवालिया होना बड़ा कारण था। पिछले वर्ष के अंत में बिटकॉइन का प्राइस 42,000 डॉलर से अधिक पर था
स्पॉट क्रिप्टो ETF में इससे जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट प्राइस को ट्रैक किया जाएगा और इनवेस्टर्स को उस क्रिप्टोकरेंसी को खरीदे बिना उसमें रकम लगाने का अवसर मिलेगा
सिर्फ अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां ही नौकरियों में कटौती नहीं कर रही हैं। ऐसा लगता है कि आर्थिक संकट काफी ज्यादा है, जिससे अधिकतर ग्लोबल लेवल की कंपनियों को नुकसान पहुंच रहा है।
Coinbase ने हाल ही में यूजर्स के लिए कॉइन स्टेकिंग पोर्टफोलियो का दायरा बढ़ाया था। एक्सचेंज ने Solana के लिए स्टेकिंग बेनेफिट्स को शुरू किया है, जिससे SOL इनवेस्टर्स को रिवॉर्ड मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि युद्ध की शुरुआत से पहले भी कुछ देश डिजिटल करेंसीज के इस्तेमाल पर विचार कर रहे थे। उन्होंने इसके लिए अमेरिका के फेडरल रिजर्व का उदाहरण दिया जो एक सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के बारे में स्टडी कर रहा है
इस मैलवेयर को ओवरले अटैक,स्पैम, एसएमएस चोरी और शिकार को लॉन्चर में लॉक करने जैसे कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कीलॉगर की तरह भी काम करता है, जो हैकर्स को यूज़र की वित्तीय जानकारियों को हासिल करने में मदद करता है।