पिछली तिमाही में एपल का रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 17 प्रतिशत बढ़कर 111.2 अरब डॉलर का रहा है। कंपनी का iPhone से रेवेन्यू लगभग 22 प्रतिशत बढ़कर लगभग 57 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। भारत में कंपनी को डबल-डिजिट में ग्रोथ मिली है। कुक ने बताया कि मार्च तिमाही में कंपनी ने डिवेलप और इमर्जिंग दोनों मार्केट्स में रेवेन्यू का रिकॉर्ड बनाया है। इसमें भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अमेरिका में स्मार्टफोन्स के सबसे बड़े सोर्स के तौर पर भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। इसका बड़ा कारण Apple का भारत में अपने iPhones की असेंबलिंग बढ़ाना है। इस वर्ष की दूसरी तिमाही में अमेरिका को एक्सपोर्ट किए गए स्मार्टफोन्स का पहली बार भारत सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरर रहा है। अमेरिका में मेड इन इंडिया डिवाइसेज की वॉल्यूम पिछली तिमाही में तिगुनी से अधिक बढ़ी है।
Apple असेंबलर Foxconn, जो वर्तमान में भारत में iPhone मॉडल के लिए लगभग 80 प्रतिशत प्रोडक्शन लाइनों का मालिक है, अगले साल चीन के झेंग्झौ में अपने प्रोडक्शन को 45 प्रतिशत तक और ताइयुआन में 85 प्रतिशत तक कम कर सकता है।
अमेरिका की नामी कंपनी ऐप्पल जल्द ही भारत में आईफोन बनाने का काम शुरू करेगी। कर्नाटक के एक मंत्री ने जानकारी दी है कि कंपनी आईफोन को एसेंबल करने का काम अप्रैल महीने के अंत तक शुरू कर देगी।