Ai Future

Ai Future - ख़बरें

  • क्या पालतू कुत्तों को रिप्लेस करेगा AI Dog? ये प्यार के साथ इमोशनल सपोर्ट भी देता है
    Roomba बनाने वाली कंपनी iRobot के को-फाउंडर Colin Angle ने अपनी नई कंपनी Familiar Machines & Magic के जरिए एक AI-पावर्ड रोबोटिक कंपेनियन पेश किया है। यह चार पैरों वाला रोबोट कुत्ते और भालू के मिश्रण जैसा दिखता है और इसका मकसद इंसानों के साथ emotional connection बनाना है। कंपनी के मुताबिक, इसमें ऑन-डिवाइस जनरेटिव AI, टच-सेंसिटिव कोट और पेट के समान आवाजों जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह इंटरनेट के बिना भी काम कर सकता है और ऑडियो-वीडियो डेटा ऑनलाइन स्ट्रीम नहीं करता। फिलहाल इसे अगले साल लॉन्च किए जाने की संभावना है।
  • AI सर्च में आगे रहना है तो ब्रांड्स को क्या करना होगा? ये प्लेटफॉर्म आएंगे काम
    आज सर्च का तरीका तेजी से बदल रहा है और ChatGPT, Google Gemini जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को सीधे जवाब मिलने लगे हैं। ऐसे में ब्रांड्स के लिए जरूरी हो गया है कि उनका कंटेंट सिर्फ लिंक के रूप में नहीं, बल्कि AI के जवाब का हिस्सा बने। Neurorank जैसे टूल्स इस बदलाव को समझने में मदद करते हैं, जबकि Microsoft Copilot जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भरोसेमंद और साफ कंटेंट ज्यादा अहम हो गया है।
  • इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
    AI के बढ़ते असर के बीच Florida के डिफेंस टेक फाउंडर Aaron Sneed ने दावा किया है कि वह अपनी पूरी कंपनी AI एजेंट्स के सहारे चला रहे हैं। उन्होंने “The Council” नाम से करीब 15 AI एजेंट्स का सिस्टम तैयार किया है, जो HR, लीगल, सप्लाई चेन और डेटा मैनेजमेंट जैसे काम संभालता है। Sneed के मुताबिक इससे हर हफ्ते लगभग 20 घंटे की बचत होती है और लागत भी कम होती है। हालांकि उन्होंने माना कि अंतिम कानूनी और रणनीतिक फैसलों के लिए अभी भी मानव विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है।
  • कोडिंग करने वालों की जॉब खतरे में? OpenAI से Anthropic तक, AI लिख रहा है 90% से ज्यादा कोड
    AI अब सिर्फ कोडिंग असिस्टेंट नहीं रहा, बल्कि खुद सॉफ्टवेयर का मुख्य लेखक बनता जा रहा है। San Francisco बेस्ड AI लैब Cognition के को-फाउंडर Scott Wu ने बताया कि उनकी कंपनी में 90 प्रतिशत से ज्यादा कोड AI सिस्टम्स द्वारा लिखा जा रहा है और इंजीनियर्स को 10 प्रतिशत से भी कम कोड खुद टाइप करना पड़ता है। OpenAI ने भी हाल ही में खुलासा किया कि उसकी एक टीम ने पूरा प्रोडक्ट AI से जनरेट कोड पर शिप किया। Anthropic और xAI जैसे नाम भी इसी ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कोडिंग की परिभाषा बदलती नजर आ रही है।
  • जब 99% नौकरियां होंगी खतरे में, ये 5 तरह के काम करने वालों की हो जाएगी मौज!
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच AI सेफ्टी एक्सपर्ट रोमन याम्पोल्स्की ने चेतावनी दी है कि आने वाले सालों में ज्यादातर इंसानी नौकरियां खत्म हो सकती हैं। उनके मुताबिक, AI के सामने ऐसा कोई काम नहीं है जिसे ऑटोमेट न किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बेहद सीमित रोल्स ऐसे हैं, जो इंसानों की पसंद, अनुभव या AI की वजह से कुछ समय तक बने रह सकते हैं। लेकिन ये रोल्स आज के वर्कफोर्स का बहुत छोटा हिस्सा ही संभाल पाएंगे।
  • स्मार्ट गैजेट्स के बाद अब स्मार्ट दवा! चिप वाली गोली पेट में जाके भेजेगी सिग्नल, जानें किस काम आएगी
    MIT की नई रिसर्च में एक स्मार्ट पिल पेश की गई है, जो मरीज के पेट में पहुंचते ही रेडियो सिग्नल भेजकर यह कन्फर्म कर देती है कि दवा निगली जा चुकी है। इस पिल में बायोडिग्रेडेबल RF एंटीना का इस्तेमाल किया गया है, जो कुछ दिनों में शरीर के अंदर घुल जाता है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें ट्रांसप्लांट, टीबी या HIV जैसी बीमारियों में नियमित दवा लेना जरूरी होता है। इससे डॉक्टर मरीज की दवा लेने की आदत पर बेहतर नजर रख सकेंगे।
  • AI गॉडफादर की डरावनी चेतावनी: AI खाएगा नौकरियां, 2026 में हो जाएगा और तेज!
    AI के “गॉडफादर” Geoffrey Hinton ने 2026 को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। CNN को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब इतनी तेजी से बेहतर हो रहा है कि हर कुछ महीनों में इसकी क्षमता दोगुनी हो जाती है। हिन्टन के मुताबिक, AI पहले ही कॉल सेंटर्स में नौकरियां रिप्लेस कर रहा है और जल्द ही सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में भी इंसानों की जरूरत काफी कम हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि AI अब रीजनिंग और लोगों को गुमराह करने जैसी क्षमताओं में पहले से कहीं ज्यादा आगे निकल चुका है, जो चिंता की बात है।
  • कीबोर्ड के दिन जाने वाले हैं! 2028 तक वॉइस AI खत्म कर देगा कीबोर्ड का काम- स्टडी
    लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की ओर से एक स्टडी की गई है जिसमें दावा किया गया है कि 2028 तक कीबोर्ड इस्तेमाल करना लोग भूल चुके होंगे। वॉयस आधारित AI का चलन बहुत तेजी से बढ़ने वाला है जो लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, टैबलेट आदि डिवाइसेज पर टाइप करने की जरूरत को बहुत जल्द खत्म कर देगा।
  • Future Self: ये AI चैटबॉट आपके भविष्य को बेहतर बनाने में करेगा मदद!
    यह प्रोटोटाइप मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है, जिसके जरिए खुद के भविष्य वाले वर्जन की कल्पना करके वर्तमान व्यवहार और फैसलों को प्रभावित किया जा सकता है।

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