स्मार्टफोन्स में Sanchar Saathi ऐप को डिलीट करने का मिलेगा ऑप्शनः टेलीकॉम मिनिस्टर

सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि सभी स्मार्टफन मैन्युफैक्चरर्स और इम्पोर्टर्स को यह पक्का करना होगा कि देश में बिकने वाले डिवाइसेज पर संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल किया जाए

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 2 दिसंबर 2025 15:25 IST
ख़ास बातें
  • इस ऑर्डर का उद्देश्य डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामलों को रोकना है
  • स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स को इस ऑर्डर को 90 दिनों में लागू करना होगा
  • यह ऑर्डर इनवेंटरी में मौजूद बिना बिके मोबाइल डिवाइसेज के लिए भी है

इस ऐप से स्मार्टफोन्स यूजर्स को नकली या चोरी किए गए हैंडसेट का पता लगाने में आसानी होगी

देश में बिकने वाले स्मार्टफोन्स में Sanchar Saathi ऐप को प्री-इंस्टॉल किए जाने के केंद्र सरकार के आदेश के बाद विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यूजर्स के लिए संचार साथी ऐप अनिवार्य नहीं है। 

सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि सभी स्मार्टफन मैन्युफैक्चरर्स और इम्पोर्टर्स को यह पक्का करना होगा कि देश में बिकने वाले डिवाइसेज पर संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल किया जाए। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की ओर से जारी इस आदेश का उद्देश्य डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को रोकने के साथ ही स्मार्टफोन्स के सेकेंड हैंड मार्केट में नकली डिवाइसेज की बिक्री पर नियंत्रण करना है। सिंधिया ने बताया, "यह ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है। अगर आप इसे डिलीट करना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं। अगर आप रजिस्टर नहीं करना चाहते, तो आपको रजिस्टर नहीं करना चाहिए और इसे कभी भी हटा सकते हैं।" 

स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स को इन बदलावों को लागू करने के लिए 90 दिनों की समयसीमा दी गई है। इस ऑर्डर के तहत, नया मोबाइल डिवाइस (Android या iPhone) को खरीदने पर सरकार का संचार साथी ऐप पहले से उसमें इंटीग्रेटेड होगा। DoT के ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि यूजर्स को डिवाइसेज के पहली बार सेटअप करने के दौरान यह ऐप तुरंत दिखना चाहिए। इसके साथ ही स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स पर ऐप के एक्सेस और फंक्शंस में रुकावट डालने पर भी रोक लगाई गई है। स्मार्टफोन्स में इस ऐप को पूरी तरह एनेबल करना होगा। 

हालांकि, यह ऑर्डर नए हैंडसेट की खरीदारी के लिए है लेकिन इनवेंटरी में मौजूद बिना बिके स्मार्टफोन्स के लिए भी मैन्युफैक्चरर्स को ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए ऐप को इंस्टॉल करने का निर्देश दिया गया है। देश में सेकेंड हैंड स्मार्टफोन्स की बड़ी संख्या में बिक्री होती है। इनमें चोरी किए गए या ब्लैकलिस्टेड डिवाइसेज भी शामिल होते हैं। अगर बायर्स चोरी किए गए या ब्लैकलिस्टेड स्मार्टफोन्स खरीदते हैं तो उन्हें मुश्किल हो सकती है। सायबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है। केंद्र सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए सायबर क्राइम हेल्पलाइन शुरू करने जैसे कुछ उपाय भी किए हैं। हालांकि, इसके बावजूद सायबर अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं। 
 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Apple की बड़ी कामयाबी, दुनिया भर में कंपनी के iPhones सहित 2.5 अरब एक्टिव डिवाइसेज
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple की बड़ी कामयाबी, दुनिया भर में कंपनी के iPhones सहित 2.5 अरब एक्टिव डिवाइसेज
  2. Budget 2026: सस्ते होंगे स्मार्टफोन! बजट 2026 में मोबाइल्स, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 'गुड न्यूज'
  3. iPhone 17e लॉन्च से पहले फीचर्स लीक, 48MP कैमरा, वायरलेस चार्जिंग से होगा लैस
  4. India U19 vs Pakistan U19 LIVE Streaming: भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट वर्ल्डकप में भिड़ंत आज, यहां देखें फ्री!
  5. Moltbook: 14 लाख AI एजेंट मिलकर उड़ा रहे इंसानों का मज़ाक, AI की इस दुनिया में इंसानों की 'नो एंट्री!'
  6. 7000mAh बैटरी के साथ Huawei Nova 14i का ग्लोबल लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  7. IKEA लाई 'चूहा' ब्लूटूथ स्पीकर, एक बार चार्ज में 24 घंटे तक बजाएं, बच्चों को भी लुभाएगा
  8. Oppo Reno 15 Pro को Rs 7500 सस्ता खरीदने का मौका, 200MP का है कैमरा
  9. Samsung Galaxy S26 होगा iPhone Air से भी हल्का! 50MP कैमरा के साथ डिजाइन लीक
  10. सस्ते मोबाइल भूल जाओ! नए स्मार्टफोन की औसत कीमत Rs 37 हजार के पार
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.