• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • ए‍लियंस क्‍यों नहीं कर रहे पृथ्‍वी पर ‘फोन’? वैज्ञानिक पहुंचे इस नतीजे पर

ए‍लियंस क्‍यों नहीं कर रहे पृथ्‍वी पर ‘फोन’? वैज्ञानिक पहुंचे इस नतीजे पर

वैज्ञानिकों को लगता है कि जिस समय एक्‍सोप्‍लैनेट अपने सूर्य के ठीक सामने से गुजरते हैं और पृथ्‍वी के नजरिए से वह बेस्‍ट समय हो, तो वह एक सटीक क्षण हो सकता है।

ए‍लियंस क्‍यों नहीं कर रहे पृथ्‍वी पर ‘फोन’? वैज्ञानिक पहुंचे इस नतीजे पर

स्‍टडी की प्रमुख सोफिया शेख ने कहा कि एक्‍सोप्‍लैनेट का अपने सूर्य के सामने से गुजरना एक पूर्वअनुमानित समय है। इस दौरान एलियंस मैसेज भेजने के बारे में सोच सकते हैं।

ख़ास बातें
  • रिसर्चर्स का कहना, एलियंस कर रहे सही वक्‍त का इंतजार
  • रिसर्चर्स ने वो कंडीशन भी बताई, जब एलियंस भेज सकते हैं सिग्‍नल
  • एक्‍सोप्‍लैनेट इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं
विज्ञापन
वर्षों से एक सवाल दुनियाभर के वैज्ञानिकों के मन में है कि एलियंस (Aliens) हमसे कब कॉन्‍टैक्‍ट करेंगे। रिसर्चर्स की एक टीम का यह मानना है कि शायद एलियंस हमसे कॉन्‍टैक्‍ट करने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं। तो आखिर वह सही समय कब आएगा? रिसर्चर्स की एक टीम ने यह अनुमान लगाने की कोशिश भी की है। इसका सीधा कनेक्‍शन एक्‍सोप्‍लैनेट से है यानी वो ग्रह जो हमारे सूर्य के अलावा अन्‍य सूर्य की परिक्रमा करते हैं। 

नई स्‍टडी में रिसर्चर्स ने E.T. (एक्स्ट्रटरेस्ट्रीअल) यानी परग्रहियों के तकनीकी संकेतों को स्‍टडी किया। वैज्ञानिकों को लगता है कि जिस समय एक्‍सोप्‍लैनेट अपने सूर्य के ठीक सामने से गुजरते हैं और पृथ्‍वी के नजरिए से वह बेस्‍ट समय हो, तो वह एक सटीक क्षण हो सकता है। उस समय एलियंस की ओर से पृथ्‍वीवासियों को सिग्‍नल भेजा जा सकता है। 

स्‍टडी की प्रमुख सोफिया शेख ने कहा कि एक्‍सोप्‍लैनेट का अपने सूर्य के सामने से गुजरना एक पूर्वअनुमानित समय है। इस दौरान एलियंस मैसेज भेजने के बारे में सोच सकते हैं। पृथ्‍वीवासी भी सिग्‍नलों को हासिल करने के लिए कोशिश कर सकते हैं। लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्‍टडी वैज्ञानिकों की मदद कर सकती है कि इतने विशाल अंतरिक्ष में उन्‍हें कहां देखना है। आमतौर पर एक्‍सोप्‍लैनेट्स को लेकर वैज्ञानिक यही मानते आए हैं उनमें से किसी ग्रह पर जीवन मौजूद हो सकता है।  

यह अध्‍ययन 9 दिसंबर को प्रीप्रिंट साइट arXiv पर पब्‍लिश हुआ था। हालांकि स्‍टडी में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि एलियंस ने हमसे कॉन्‍टैक्‍ट करने की कोशिश की हो। स्‍टडी के तहत रिसर्चर्स ने एक दर्जन से ज्‍यादा ग्रहों को खोजा, जो पृथ्‍वी से बहुत दूर हैं। भविष्‍य में इन ग्रहों को टेलिस्‍कोप की मदद से टटोला जाएगा। 

रेडियो टेक्‍नॉलजी का आविष्‍कार होने के बाद से हमारे वैज्ञानिकों ने कई बार पृथ्‍वी से बाहर सिग्‍नल ट्रांसमिट किए हैं, इस उम्‍मीद में कि शायद उन्‍हें इनका कोई रिप्‍लाई मिले। रिसर्चर्स हमारी आकाशगंगा को भी टटोलते रहते हैं। हालांकि अबतक एक भी बार उनका सीधा संपर्क ए‍लियंस से नहीं हो पाया है। सोफिया शेख और उनके साथियों की स्‍टडी इसलिए अहम है क्‍योंकि इससे हमारे वैज्ञानिक उस तरफ फोकस कर सकते हैं, जहां एलियंस की मौजूदगी हो।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Aliens, exoplanet, Earth, Signal, aliens call, arXiv, Research, Study, Science News
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 46 घंटे बैटरी और डुअल ड्राइवर के साथ Honor Earbuds 4 TWS ईयरफोन्स हुए लॉन्च, जानें कीमत
  2. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकते हैं डुअल कैमरा, 2 कलर्स के ऑप्शन
  3. Mercedes की CLA EV कल होगी भारत में लॉन्च, 700 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है रेंज 
  4. Vivo, Huawei से डर गई Apple? iPhone 18 Pro, 19 Pro में मिल सकते हैं बड़े कैमरा अपग्रेड
  5. Moto G87 होगा 6 रंगों में लॉन्च! 8GB रैम, 5000mAh से ज्यादा हो सकती है बैटरी
  6. सस्ता स्मार्टफोन Lava Bold N1 5G नए वेरिएंट में लॉन्च, 6GB रैम, 5000mAh बैटरी, Rs 11,999 में खरीदें
  7. 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
  8. Bitcoin होल्डिंग पर Tesla को हुआ 17 करोड़ डॉलर से ज्यादा का नुकसान
  9. WhatsApp बना सुपर ऐप! अब चैट के साथ मोबाइल रिचार्ज और पेमेंट्स भी, ऐसे करें यूज
  10. iPhone यूजर्स ध्यान दें! Apple ने फिक्स किया बड़ा बग, डिलीट नोटिफिकेशन भी हो रहे थे एक्सेस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »