SpaceX का रिकॉर्ड, 200वीं बार आसमान से पृथ्‍वी पर उतारा रॉकेट! देखें वीडियो

स्‍पेसएक्‍स ने बताया है कि यह सिलसिला साल 2015 से शुरू हुआ था। तब से अबतक कंपनी के ज्‍यादातर मिशन में रॉकेट के फर्स्‍ट स्‍टेज ने धरती पर सफल वापसी की है।

SpaceX का रिकॉर्ड, 200वीं बार आसमान से पृथ्‍वी पर उतारा रॉकेट! देखें वीडियो

Photo Credit: Video Grab

हालिया उपलब्धि ने स्‍पेसएक्‍स को गदगद किया है, लेकिन अप्रैल में कंपनी के अरमान टूट गए थे, जब वह दुनिया का सबसे पावरफुल रॉकेट सफलता के साथ नहीं उड़ा पाई थी।

ख़ास बातें
  • एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स ने लॉन्‍च किया मिशन
  • कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से भरी उड़ान
  • जो रॉकेट पृथ्‍वी पर लौटा, वह कंपनी का 200वां टचडाउन था
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एलन मस्‍क (Elon Musk) की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) ने ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। सोमवार को जब स्‍पेसएक्‍स का रॉकेट 72 छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजकर वापस लौटा, तो वह कंपनी का 200वां टचडाउन था। स्‍पेसएक्‍स ने बताया है कि फाल्कन 9 रॉकेट (Falcon 9 rocket) ने कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से स्‍थानीय समय के अनुसार शाम को उड़ान भरी। तय योजना के तहत लॉन्‍च के करीब 8 मिनट बाद रॉकेट का पहला स्‍टेज पृथ्‍वी पर वापस लौट आया। 

उस स्‍टेज की वह 9वीं लॉन्चिंग और लैंडिंग थी। स्‍पेसएक्‍स के तमाम मिशनों को इसमें शामिल कर दिया जाए, तो कल कंपनी के लिए 200वीं बूस्‍टर लैंडिंग पूरी हुई। स्‍पेसएक्‍स ने बताया है कि यह सिलसिला साल 2015 से शुरू हुआ था। तब से अबतक कंपनी के ज्‍यादातर मिशन में रॉकेट के फर्स्‍ट स्‍टेज ने धरती पर सफल वापसी की है। 

बताया जाता है कि कंपनी ने ट्रांसपोर्टर-8 (Transporter-8) मिशन को अंजाम दिया। इस साल कंपनी ऐसे 3 मिशन उड़ा चुकी है। ट्रांसपोर्टर-8 मिशन से ठीक 14 घंटे पहले भी कंपनी ने एक मिशन लॉन्‍च किया था। कंपनी ने 52 स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट्स को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से कक्षा में लॉन्च किया था।
 

हालिया उपलब्धि ने स्‍पेसएक्‍स को गदगद किया है, लेकिन अप्रैल में कंपनी के अरमान टूट गए थे, जब वह दुनिया का सबसे पावरफुल रॉकेट सफलता के साथ नहीं उड़ा पाई थी। स्पेसएक्स का स्‍टारशिप रॉकेट (Starship Rocket) अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाया। अमेरिका के साउथ टेक्सास में एक लॉन्चपैड से उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही रॉकेट में विस्‍फोट हो गया। वह दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट था, जिसे पहली बार लॉन्‍च टेस्‍ट किया गया। स्‍टारशिप अपनी कक्षा तक पहुंचने में विफल हो गया। 

कंपनी अपनी स्‍टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के जरिए दुनिया के उन इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना चाहती है, जो बाकी दुनिया से अगल-थलग हैं। 
 

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