• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पहली बार सूर्य को ‘छूकर’ निकला नासा का स्‍पेसक्राफ्ट, ढूंढा सौर हवाओं का सुराग! देखें वीडियो

पहली बार सूर्य को ‘छूकर’ निकला नासा का स्‍पेसक्राफ्ट, ढूंढा सौर हवाओं का सुराग! देखें वीडियो

एक ट्वीट के जरिए नासा ने इसकी झलक दिखाई। उसे देखकर लगता है कि स्‍पेसक्राफ्ट ने सूर्य को लगभग ‘छू’ लिया था।

पहली बार सूर्य को ‘छूकर’ निकला नासा का स्‍पेसक्राफ्ट, ढूंढा सौर हवाओं का सुराग! देखें वीडियो

Photo Credit: Nasa Grab

पार्कर सोलर प्रोब ने जो डेटा जुटाया, उससे सौर हवाओं (solar wind) के सोर्स का पता चला है।

ख़ास बातें
  • नासा ने एक जिफ क्लिप में इसकी झलक दिखाई्र है
  • साल 2018 से सूर्य से डेटा जुटा रहा है पार्कर सोलर प्रोब
  • हाल में इसने सौर हवाओं के सोर्स का लगाया है पता
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) साल 2018 से सूर्य के बारे में जानकारी जुटा रहा है। जब इसने अपना मिशन शुरू किया था, उस समय सौर गतिविधियां शांत थीं। साल 2019 से सूर्य में हलचलों का दौर शुरू हुआ, जो 2025 तक जारी रहेगा। पार्कर सोलर प्रोब कई बार सूर्य के करीब से होकर गुजरा है। हाल में इसने सूर्य के साथ अबतक का सबसे नजदीकी अप्रोच बनाया। एक ट्वीट के जरिए नासा ने इसकी झलक दिखाई। उसे देखकर लगता है कि स्‍पेसक्राफ्ट ने सूर्य को लगभग ‘छू' लिया था। पार्कर सोलर प्रोब ने जो डेटा जुटाया, उससे सौर हवाओं (solar wind) के सोर्स का पता चला है। 
 

खबर पर आगे बढ़ें, उससे पहले जानते हैं कि सौर हवाएं होती क्‍या हैं? सौर हवाएं सूर्य से न‍िकलकर हर दिशा में बहती हैं। यह सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड को अंतरिक्ष तक ले जाने में सहायक होती हैं। सौर हवाएं पृथ्‍वी पर चलने वाली हवाओं की तुलना में बहुत कम घनी होती हैं, लेकिन इनकी रफ्तार तेज होती है। सौर हवाएं 20 लाख किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्‍यादा की रफ्तार से बहती हैं। यह इलेक्‍ट्रॉन और आयोनाइज्‍ड परमाणुओं से बनती हैं, जो सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड के साथ तालमेल बैठाते हैं। सौर हवाएं जहां तक बहती हैं, वह सूर्य का सबसे प्रभावित करने वाला क्षेत्र होता है। 

पार्कर सोलर प्रोब के डेटा से पता चला है कि सौर हवाएं सूर्य के विशेष क्षेत्रों से उत्‍पन्‍न होती हैं। यह स्‍टडी नेचर मैगजीन में पब्लिश हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सौर हवाएं सूर्य के कोरोनल होल्‍स के अंदर खास जगह से प्रवाहित होती हैं। इस खोज से वैज्ञानिकों को सौर तूफानों को समझने में मदद मिल सकती है। सौर तूफानों से जुड़ी भविष्‍यवाणी में भी यह जानकारी काम आ सकती है। 

दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नजर इन दिनों सूर्य में हो रही गतिविधियों पर है। अपने 11 साल के सौर चक्र से गुजर रहा सूर्य बेहद एक्टिव फेज में है। इससे आए दिन सोलर फ्लेयर, कोरोनल मास इजेक्‍शन यानी CME निकल रहे हैं। पार्कर सोलर प्रोब इन घटनाओं की बारीकी से निगरानी कर रहा है। पिछले दिनों यह सूर्य की सतह के 85 लाख किलोमीटर तक करीब गया था। इस बार इसने और भी ज्‍यादा करीब जाकर सूर्य को टटोला।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 17 Max में मिल सकती है 8,000mAh की बैटरी, SRRC के डेटाबेस पर लिस्टिंग
  2. Mercedes ने पेश किया इलेक्ट्रिक सेडान EQS का अपडेटेड वर्जन, 920 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  3. Sony Xperia 1 VIII में मिल सकता है हेडफोन जैक, वायरलेस चार्जिंग के लिए सपोर्ट
  4. Xiaomi का नया Smart Air Fryer लॉन्च, इसमें हैं 10 कुकिंग मोड्स और Steam सपोर्ट
  5. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाई बिटकॉइन्स की होल्डिंग, 1 अरब डॉलर में खरीदे 13,927 बिटकॉइन
  6. Motorola Edge 70 Pro अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  7. CBSE 10th Class Result LIVE: 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित, ऐसे करें चेक, सबसे आसान तरीका
  8. Samsung के फ्लैगशिप फोन्स पर भारी प्राइस कट, जानें Galaxy S25 सीरीज की नई कीमत!
  9. VinFast ने भारत में लॉन्च की VF MPV 7, जानें प्राइस, रेंज
  10. 105W पावर आउटपुट के साथ UltraProlink Boost Unity GaN चार्जर हुआ लॉन्च, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »