• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • फ‍िर सूर्य के करीब पहुंचा पार्कर सोलर प्रोब, वैज्ञानिकों को उम्‍मीद, इस बार कुछ तो अलग होगा

फ‍िर सूर्य के करीब पहुंचा पार्कर सोलर प्रोब, वैज्ञानिकों को उम्‍मीद, इस बार कुछ तो अलग होगा

यह नजदीकी अप्रोच ऐसे वक्‍त में हुआ है, जब सूर्य बेहद सक्रिय है। हाल ही में कई सौर फ्लेयर्स और भू-चुंबकीय तूफान इससे रिलीज हुए हैं।

फ‍िर सूर्य के करीब पहुंचा पार्कर सोलर प्रोब, वैज्ञानिकों को उम्‍मीद, इस बार कुछ तो अलग होगा

ऐसा पहली बार है, जब सूर्य को इस स्थिति में देखने के लिए पार्कर सोलर प्रोब उसके नजदीक आया है।

ख़ास बातें
  • पार्कर सोलर प्रोब ने बेहद करीब से सूर्य को पार किया
  • इसके बाद से वैज्ञानिक काफी उत्‍साहित हैं
  • उन्‍हें उम्‍मीद है कि कुछ नया देखने को मिलेगा
विज्ञापन
दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नजर इन दिनों सूर्य में हो रही गतिविधियों पर है। अपने 11 साल के सौर चक्र से गुजर रहा सूर्य बेहद एक्टिव फेज में है। हाल ही में इसमें एक सनस्‍पॉट का पता चला था, जिसका आकार पृथ्‍वी के बराबर माना जा रहा है। इसके चलते सूर्य में विस्‍फोट हो रहे हैं और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) और सोलर फ्लेयर्स निकल रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसी स्‍पेसक्राफ्ट का सूर्य के नजदीक जाना भी खतरनाक हो सकता है, लेकिन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) ने बेहद नजदीक से सूर्य को पार किया है। इसके बाद से वैज्ञानिक काफी उत्‍साहित हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्कर सोलर प्रोब, मंगलवार को सूर्य की सतह के 85 लाख किलोमीटर अंदर आया। यह सूर्य के साथ इसका 13वां नजदीकी अप्रोच था। यह नजदीकी अप्रोच ऐसे वक्‍त में हुआ है, जब सूर्य बेहद सक्रिय है। हाल ही में कई सौर फ्लेयर्स और भू-चुंबकीय तूफान इससे रिलीज हुए हैं। ऐसा पहली बार है, जब सूर्य को इस स्थिति में देखने के लिए पार्कर सोलर प्रोब उसके नजदीक आया है। वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि यह स्‍पेसक्राफ्ट इस बार सूर्य में हुए किसी बड़े विस्‍फोट को कैच कर सकता है।  

मिशन को मैनेज करने वाली जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी (JHUAPL) के पार्कर सोलर प्रोब प्रोजेक्ट की साइंटिस्ट नूर रौफी ने कहा कि इससे पहले किसी ने भी सोलर इवेंट के दौरान सूर्य के इतने करीब से उड़ान नहीं भरी है। आने वाला डेटा पूरी तरह से नया होगा और हम निश्चित रूप से इससे बहुत कुछ सीखेंगे।

साल 2018 में जब पार्कर सोलर प्रोब को लॉन्च किया था, तो सूर्य में ऐसी कोई हलचल नहीं थी और वह शांत था। अब सोलर मैक्सिमम की अवधि आ रही है, जो साल 2025 में होने का अनुमान है। अच्‍छी बात यह है कि मौजूदा नजदीकी अप्रोच के बाद भी पार्कर सोलर प्रोब के पास 11 मौके और बचे हैं। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि भविष्‍य में भी यह स्‍पेसक्राफ्ट कुछ और बेहतर सौर घटनाओं को हमारे सामने लाएगा। 

नूर रौफी ने कहा कि सौर हवाओं और सूर्य के कोरोना के बारे में हमारा दृष्टिकोण अब बिल्कुल अलग होगा। हम यह देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि हम आगे क्या सीखेंगे। गौरतलब है कि सूर्य का बाहरी वातावरण कोरोना, पार्कर के के आब्‍जर्वेशन का प्राइमरी टार्गेट है। 

 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 6,300mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Note 80, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Hisense ने भारत में लॉन्च किए मोबाइल कनेक्टिविटी और AI स्मार्ट मोड वाले नए AC, जानें कीमत
  3. OnePlus 15T में होगा कॉम्पैक्ट डिजाइन, 6.32 इंच फ्लैट डिस्प्ले
  4. 200MP कैमरा और 7000mAh बैटरी वाला Vivo V70 FE लॉन्च, जानें कीमत
  5. Oppo Find N6 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, AI Pen के लिए मिलेगा सपोर्ट
  6. अंगूठी के साइज में 1TB स्टोरेज! Sandisk का नया USB-C फ्लैश ड्राइव लॉन्च, कीमत Rs 2 हजार से शुरू
  7. Vivo X300s में मिलेगा 6.78 इंच डिस्प्ले, जल्द लॉन्च की तैयारी
  8. e-PAN डाउनलोड के नाम पर आ रहे फर्जी ईमेल, PIB फैक्ट चेक ने किया सावधान, न करें क्लिक
  9. iQOO Z11 का टीजर जारी, 9020mAh की विशाल बैटरी के साथ दमदार गेमिंग फीचर्स से लैस
  10. Samsung Galaxy M17e 5G भारत में 17 मार्च को होगा लॉन्च, 6000mAh बैटरी के साथ मुख्य स्पेसिफिकेशन्स हुए कंफर्म
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »