• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • चंद्रमा सिकुड़ रहा है, लाखों साल में 150 फीट छोटा हो गया! अब मून मिशनों का क्‍या होगा? जानें

चंद्रमा सिकुड़ रहा है, लाखों साल में 150 फीट छोटा हो गया! अब मून मिशनों का क्‍या होगा? जानें

Moon is shrinking : चंद्रमा का आंतरिक भाग धीरे-धीरे ठंडा हो रहा है और सिकुड़ता जा रहा है। इसकी वजह से चांद पर भूकंप और फॉल्‍ट बढ़ रहे हैं।

चंद्रमा सिकुड़ रहा है, लाखों साल में 150 फीट छोटा हो गया! अब मून मिशनों का क्‍या होगा? जानें

Photo Credit: Nasa

Nasa के लूनर रिकोनाइसेंस ऑर्बिटर यानी LRO की मदद से चंद्रमा की सतह पर हजारों की संख्‍या में छोटे और नए थ्रस्ट फॉल्ट की जानकारी मिली है।

ख़ास बातें
  • नई स्‍टडी ने चंद्रमा के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी
  • लाखों साल में 150 फीट तक सिकुुड़ गया चांद
  • यह प्रक्रिया जारी है यानी चंद्रमा अभी और सिकुड़ेगा
विज्ञापन
एक नई स्‍टडी ने चंद्रमा के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी है। यह पता चला है कि चंद्रमा का आंतरिक भाग धीरे-धीरे ठंडा हो रहा है और सिकुड़ता जा रहा है। इसकी वजह से चांद पर भूकंप और फॉल्‍ट बढ़ रहे हैं। कुछ फॉल्‍ट तो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) के पास पैदा हो रहे हैं, जहां भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने लैंडिंग की थी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी भी इसी इलाके में आर्टेमिस 3 मिशन को उतारने की योजना बना रही है। क्‍या चंद्रमा के सिकुड़ने के कारण नासा और अन्‍य स्‍पेस एजेंसियों के प्रोजेक्‍ट्स को झटका लगेगा, आइए जानते हैं। 

हाल‍िया स्‍टडी को प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है। स्‍टडी के लिए फंड का इंतजाम नासा ने किया था। पता चला है कि चंद्रमा लगातार सिकुड़ रहा है। लाखों वर्षों में यह 150 फीट तक छोटा हुआ है। इस वजह से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भूकंप आ रहे हैं। 

Nasa के लूनर रिकोनाइसेंस ऑर्बिटर यानी LRO की मदद से चंद्रमा की सतह पर हजारों की संख्‍या में छोटे और नए थ्रस्ट फॉल्ट की जानकारी मिली है। इस वजह से चांद पर जो भूकंप आ रहे हैं, उनमें से कुछ को अपोलो पैसिव सेस्मिक नेटवर्क ने भी रिकॉर्ड किया। इस नेटवर्क को करीब 50 साल पहले अपोलो अंतरिक्ष मिशन के यात्रियों ने चंद्रमा पर लगाया था। 

चांद के सिकुड़ने की सबसे बड़ी वजह इसके निर्माण को बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार चांद का निर्माण एस्‍टरॉयड और धूमकेतुओं के टकराने से हुआ। इससे चांद का अंदरुनी हिस्‍सा गर्म हो गयाा जो अब ठंडा हो रहा है। कहा यह जा रहा है कि जैसे-जैसे चांद ठंडा होता जाएगा, वह और सिकुड़ेगा। 

हालांकि इससे भविष्‍य के मून मिशनों पर कोई बड़ा असर पड़ेगा, यह कहना गलत होगा। नासा या किसी भी अन्‍य स्‍पेस एजेंसी ने यह नहीं कहा है कि चांद के सिकुड़ने और वहां आ रहे भूकंपों की वजह से फ्चूयर मून मिशनों पर कोई प्रभाव पड़ेगा। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
 
 

विज्ञापन

Advertisement

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy C55 5G फोन 8GB रैम और इस चिपसेट के साथ जल्द होगा लॉन्च! Geekbench पर हुआ लिस्ट
  2. इस देश के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Bitcoin और Ether के स्पॉट ETF की ट्रेडिंग शुरू
  3. Uber पर लगा 28,000 रुपये का जुर्माना, ड्राइवर ने ग्राहक से वसूले थे 27 रुपये ज्यादा
  4. इस Redmi फोन को खरीदने वाले को मिलेगी Xiaomi SU7 इलेक्ट्रिक कार! लेकिन पहले पढ़ लें ये शर्तें
  5. Vivo Y200i के डिजाइन का खुलासा! 6000mAh बैटरी के साथ जल्‍द हो सकता है लॉन्‍च
  6. Ola ने 10 हजार घटाई सबसे सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत, अब Activa से भी सस्ता
  7. Crypto Price Latest : बिटकॉइन ‘सुस्‍त’, Ether पर थोड़ा मुनाफा, Altcoins ने दिखाया दम
  8. Google Pixel 8a लॉन्‍च से पहले इस वेबसाइट पर दिखा, जानें पूरी डिटेल
  9. Apple नंबर-1 की पोजिशन से बाहर, मोबाइल शिपमेंट में यह कंपनी बनी किंग
  10. Realme P1 5G, Realme P1 Pro 5G फोन 5000mAh बैटरी, 16MP फ्रंट कैमरा के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2024. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »