• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सूर्य ने पृथ्‍वी को दिखाई ‘आंख’, 2 सोलर फ्लेयर्स के भड़कने से रेडियो ब्‍लैकआउट

सूर्य ने पृथ्‍वी को दिखाई ‘आंख’, 2 सोलर फ्लेयर्स के भड़कने से रेडियो ब्‍लैकआउट

Solar Flares : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा पहले ही एक चेतावनी में बता चुकी है कि सूर्य में हो रही ये घटनाएं साल 2025 तक जारी रहेंगी।

सूर्य ने पृथ्‍वी को दिखाई ‘आंख’, 2 सोलर फ्लेयर्स के भड़कने से रेडियो ब्‍लैकआउट

Photo Credit: Nasa

यह सब सूर्य में उभरे एक सनस्‍पॉट की वजह से है, जिसे AR3429 कहा जाता है।

ख़ास बातें
  • सूर्य से निकले 2 सोलर फ्लेयर
  • पृथ्‍वी पर बढ़ा सौर तूफान खतरा
  • साल 2025 तक जारी रहेगा सिलसिला
विज्ञापन
भारत का आदित्‍य एल-1 (Aditya L1) मिशन सूर्य की ओर बढ़ रहा है, उससे पहले हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ‘तारा' उग्र हो रहा है। एक के बाद एक पृथ्‍वी पर सौर तूफान आ रहे हैं। यह सब उस सौर चक्र का नतीजा है, जिससे हमारा सूर्य गुजर रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) पहले ही एक चेतावनी में बता चुकी है कि सूर्य में हो रही ये घटनाएं साल 2025 तक जारी रहेंगी। इस अवधि को सोलर मैक्सिमम (Solar Maximum) कहा गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पृथ्‍वी पर एक और सौर तूफान का खतरा है, क्‍योंकि सूर्य का जो हिस्‍सा पृथ्‍वी की ओर है, उस पर एक सोलर फ्लेयर (Solar Flare) भड़का है।      

स्‍पेसवेदरलाइव की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस सोलर फ्लेयर की वजह से सोमवार को प्रशांत महासागर के ऊपर एक अस्‍थायी रेडियो ब्‍लैकआउट पैदा हो गया। यही नहीं, कुछ देर बाद एक और सोलर फ्लेयर की वजह से जापान, साउथ कोरिया और चीन के पूर्वी इलाकों में भी ऐसी ही‍ स्थिति पैदा हो गई। 

यह सब सूर्य में उभरे एक सनस्‍पॉट की वजह से है, जिसे AR3429 कहा जाता है। एक और सनस्‍पॉट जिसका नाम AR3423 है, वो भी पृथ्‍वी व अन्‍य ग्रहों के लिए मुसीबत बन सकता है। AR3423 का आकार बीते शुक्रवार के मुकाबले अबतक 1 लाख किलोमीटर तक बढ़ गया है। 
 

क्‍या हैं सोलर फ्लेयर 

जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। हमारे सौर मंडल में ये फ्लेयर्स अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। इनमें मौजूद एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स प्रकाश की गति से अपना सफर तय कर लेते हैं। 

सोलर फ्लेयर की तरह ही कोरोनल मास इजेक्‍शन भी पृथ्‍वी को मुसीबत में डालते हैं। ये सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। अंतरिक्ष में घूमने की वजह से इनका विस्‍तार होता है और अक्‍सर यह कई लाख मील की दूरी तक पहुंच जाते हैं। कई बार तो यह ग्रहों के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से टकरा जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्‍वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्‍नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इनका असर ज्‍यादा होने पर ये पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 30 हजार सस्ता मिल रहा iPhone Air, 256 GB मॉडल पर Amazon का सबसे बड़ा डिस्काउंट
  2. ईरान में बिटकॉइन माइनिंग को तबाह कर सकते हैं इजरायल के हमले
  3. Jio का सबसे धांसू प्लान! 365 दिनों तक डेली 2.5GB, अनलिमिटिड 5G, असीमित कॉलिंग, फ्री Gemini AI Pro के साथ बहुत कुछ
  4. Xiaomi 17T भारत में लॉन्च हो सकता है 6500mAh बैटरी, 50MP ट्रिपल कैमरा के साथ!
  5. 2600 फीट बड़े एस्टरॉयड की NASA ने बदल दी दिशा!
  6. WhatsApp, Facebook और Messenger पर अब स्कैम नहीं होगा आसान! Meta लाई एडवांस AI टूल
  7. Samsung ने पलट दिया गेम! बिना इंटरनेट भी चलेंगे WhatsApp, X जैसे ऐप
  8. 35000 Pa पावर के साथ Xiaomi ने लॉन्च किया सबसे एडवांस रोबोट वैक्यूम क्लीनर, जानें कीमत
  9. 20 हजार से सस्ता खरीदें Samsung का 12GB रैम, 5000mAh बैटरी वाला फोन! Amazon पर सबसे बड़ा डिस्काउंट
  10. Ather के Rizta S और 450S इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पर 20,000 रुपये तक का डिस्काउंट ऑफर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »