सूरज से फिर फूटी आफत! M-क्लास कैटिगरी का सोलर फ्लेयर बढ़ रहा धरती की ओर!

AR3280 नामक सन स्पॉट सूरज की सतह पर तेजी से फैल रहा स्पॉट है।

सूरज से फिर फूटी आफत! M-क्लास कैटिगरी का सोलर फ्लेयर बढ़ रहा धरती की ओर!

Photo Credit: NASA

इसे एम-क्लास का सोलर फ्लेयर बताया गया है जिसकी इंटेंसिटी काफी ज्यादा होती है।

ख़ास बातें
  • सूर्य में इन दिनों कई तरह की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
  • जिससे यहां रेडियो ब्लैकआउट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं।
  • एक और सोलर फ्लेयर पृथ्वी तक पहुंचने का अलर्ट जारी किया गया है।
विज्ञापन
सूर्य में इन दिनों कई तरह की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। पिछले कुछ दिनों में कई सौर तूफान पृथ्वी की ओर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा हाल ही में सोलर फ्लेयर (सूर्य के भड़कने से निकली ऊर्जा) भी पृथ्वी तक पहुंच चुका है जिससे यहां रेडियो ब्लैकआउट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। आज इसी तरह का एक और सोलर फ्लेयर पृथ्वी तक पहुंचने की खबर आ रही है जो कि काफी प्रभावशाली बताया जा रहा है। इसे M क्लास का सोलर फ्लेयर बताया जा रहा है। आइए आपको बताते हैं कि सूर्य से निकली ये आफत आज पृथ्वी पर क्या प्रभाव डाल सकती है। 

नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) की ओर से आज एक सोलर फ्लेयर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, Spaceweatherlive ने भी इस सोलर फ्लेयर को लिस्ट किया है। इसे एम-क्लास का सोलर फ्लेयर बताया गया है जिसकी इंटेंसिटी काफी ज्यादा होती है। यानि कि इस तरह के सोलर फ्लेयर पृथ्वी पर कुछ हद तक प्रभाव डाल सकते हैं। इस सोलर फ्लेयर के धरती तक पहुंचने की संभावना 40% बताई गई है। इसके बारे में कहा गया है कि यह AR3280 नाम के सन स्पॉट से निकला है। 

AR3280 नामक सन स्पॉट सूरज की सतह पर तेजी से फैल रहा स्पॉट है। ये ऐसे स्पॉट होते हैं जो सूरत की सतह पर बनते हैं और इनमें से बहुत अधिक मात्रा में ऊर्जा बाहर निकलती है। जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। हमारे सौर मंडल में ये फ्लेयर्स अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। 

सोलर फ्लेयर में मौजूद ऊर्जा से भरे कण प्रकाश की गति से अपना सफर तय करते हैं। हाल ही में एक और फ्लेयर सूर्य से निकला था जिसने धरती पर रेडियो ब्लैकआउट कर दिया था। इस फ्लेयर को X1.2 के रूप में क्‍लासिफाइड किया गया। इस फ्लेयर को नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी (SDO) ने देखा था। SDO लगातार हमारे सूर्य को मॉन‍िटर कर रही है और उसमें होने वाली हलचलों की जानकारी दे रही है। सूर्य से जिस फ्लेयर का उत्‍सर्जन हुआ, वह एक्‍स क्‍लास का था। इस कैटिगरी के सोलर फ्लेयर सबसे ज्‍यादा पावरफुल होते हैं।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Redmi का बजट साउंड सिस्टम लॉन्च: इसमें है वायरलेस सबवूफर और RGB लाइटिंग, जानें कीमत
  2. Lava भारत में जल्द लॉन्च करेगी 2 डिस्प्ले वाला फोन! डिजाइन Xiaomi के फ्लैगशिप फोन जैसा
  3. ChatGPT for Healthcare: OpenAI ChatGPT की अब हेल्थकेयर में एंट्री! अस्पतालों, डॉक्टर्स को ऐसे होगा फायदा
  4. स्मार्ट गैजेट्स के बाद अब स्मार्ट दवा! चिप वाली गोली पेट में जाके भेजेगी सिग्नल, जानें किस काम आएगी
  5. मोबाइल का इस्तेमाल जल्द हो सकता है महंगा, टेलीकॉम कंपनियों की टैरिफ 15 प्रतिशत बढ़ाने की तैयारी
  6. 7000mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल कैमरा के साथ Oppo Reno 15C 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  7. साउथ अफ्रीका में नहीं शुरू हो सकता है Starlink, क्योंकि मैं काला नहीं हूं, मस्क ने बताई बड़ी वजह
  8. ट्रैफिक में थकान होगी कम! Ather 450X को अपडेट के जरिए मिला नया क्रूज फीचर
  9. Vivo X200T भारत में लॉन्च होगा 6200mAh बैटरी, 90W चार्जिंग के साथ!
  10. Oppo Find N7 में मिल सकता है बड़ा बुक-स्टाइल डिस्प्ले
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »