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ब्‍लैक होल की पहली तस्‍वीर को वैज्ञानिकों ने फ‍िर से खंगाला, जानें क्‍या दिखाई दिया

इवेंट होराइजन टेलीस्कोप (EHT) का इस्‍तेमाल करके 2019 में ब्लैक होल (black hole) की पहली तस्वीर खींची गई थी।

ब्‍लैक होल की पहली तस्‍वीर को वैज्ञानिकों ने फ‍िर से खंगाला, जानें क्‍या दिखाई दिया

रिसर्चर्स ने इमेज की लेयर्स को हटाने के लिए एक एल्गोरिदम इस्‍तेमाल की, जिसके बाद फोटॉन रिंग सामने आई।

ख़ास बातें
  • साल 2019 में ली गई थी ब्‍लैक होल की पहली तस्‍वीर
  • वैज्ञानिकों ने कुछ अनुमान लगाए थे, क्‍योंकि तस्‍वीर पूरी तरह साफ नहीं थी
  • इस तस्‍वीर को अब दोबारा तैयार किया गया है
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साल 2019 में इवेंट होराइजन टेलीस्कोप (EHT) का इस्‍तेमाल करके ब्लैक होल (black hole) की पहली तस्वीर खींची गई थी। खगोलविदों ने सैद्धांतिक रूप से भविष्यवाणी की थी कि मेसियर 87 (M87) आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल के चारों ओर गैस का आवरण व अन्‍य फीचर्स हैं। तस्वीर को ऐतिहासिक बताया गया था, लेकिन वह काफी धुंधली थी और उसमें ब्लैक होल की डिटेल भी नहीं दिख रही थीं। ब्लैक होल के फोटॉन रिंग को सामने लाने के लिए खगोलविदों ने इमेज को फिर से तैयार किया है। इसमें वह सबकुछ है, जो पहले नहीं देखा जा सकता था।

M87 गैलेक्‍सी में स्थित ब्लैक होल को इसके आसपास मौजूद गैस से रोशनी मिलती है, जिसमें रेडियो लाइट भी शामिल है। जब प्रकाश की किरण ब्लैक होल के पास से गुजरती है, तो यह स्पेसटाइम के अनियमित होने के कारण अपनी दिशा बदल देती है। रोशनी का यह विक्षेपण (deflection) तारों और आकाशगंगाओं के साथ देखा गया है, लेकिन ब्लैक होल के मामले में लाइट का मुड़ना ज्‍यादा महत्वपूर्ण है।
 
black


जब सभी दिशाओं से लाइट एक ब्लैक होल के पास से गुजरती है, तो सिर्फ वही दिखाई देती है जो फोकस्‍ड होती है। खगोलविदों ने ऑब्‍जर्व किया है कि ब्लैक होल एक मजबूत लेंस के रूप में काम कर सकते हैं और लाइट को हमारी दिशा में केंद्रित कर सकते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, हमें लाइट का एक पतला घेरा दिखाई देना चाहिए, जिसे फोटो रिंग के रूप में जाना जाता है।

लेकिन इस फोटो में फोटॉन रिंग दिखाई नहीं दे रही थी। यह उस मटीरियल के कारण हो सकता है, जो रोशनी के मार्ग को बाधित करती है। बताया गया है कि ठंडी गैस के इलाकों से गुजरने पर प्रकाश बिखरने लगता है। इसी वजह से तस्वीर धुंधली दिखाई देती है। नए स्‍टडी में रिसर्चर्स की टीम ने यह महसूस किया कि मौजूदा डेटा में वास्तव में दो तस्वीरें हैं। एक है फोटोन रिंग और दूसरी है आसपास के क्षेत्र की धुंधली चमक। रिसर्चर्स ने इमेज की लेयर्स को हटाने के लिए एक एल्गोरिदम इस्‍तेमाल की, जिसके बाद फोटॉन रिंग सामने आई। इन ऑब्‍जर्वेशन को द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में एक पेपर में पब्लिश किया गया है।
 

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