• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • मंगल ग्रह पर इस ईंट से बनेंगे घर! वैज्ञानिकों ने आलू और नमक की मदद से बनाई ‘कॉस्मिक कंक्रीट’

मंगल ग्रह पर इस ईंट से बनेंगे घर! वैज्ञानिकों ने आलू और नमक की मदद से बनाई ‘कॉस्मिक कंक्रीट’

वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में कोई इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करना मुश्किल और महंगा है। भविष्‍य में अंतरिक्ष निर्माण के मामले में आसान मटीरियल पर भरोसा करना होगा।

मंगल ग्रह पर इस ईंट से बनेंगे घर! वैज्ञानिकों ने आलू और नमक की मदद से बनाई ‘कॉस्मिक कंक्रीट’

Photo Credit: University of Manchester

वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्‍होंने जो कंक्रीट या कहें ईंट तैयार की, वह आम कंक्रीट से दोगुनी मजबूत है।

ख़ास बातें
  • मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने तैयार की कंंक्रीट
  • 'स्टारक्रीट' नाम दिया गया है कंक्रीट को
  • सामान्‍य कंक्रीट से है दोगुनी मजबूत
विज्ञापन
पूरी दुनिया के वैज्ञानिक मंगल ग्रह पर खोज कर रहे हैं। पृथ्‍वी के बाद चंद्रमा और मंगल ग्रह (Mars) दो ऐसी जगहें हैं, जहां स्‍पेस एजेंसियों की नजर है। उन्‍हें उम्‍मीद है कि मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना से जुड़े सबूत मिल सकते हैं। भविष्‍य में मंगल ग्रह पर किस तरह से इंसान को भेजा जाए, वहां इंसानी बस्‍ती बसाने के लिए क्‍या किया जाए, इस पर भी काम चल रहा है। अब मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है। उन्‍होंने एक मटीरियल तैयार किया है, जिसे 'स्टारक्रीट' (StarCrete) नाम दिया गया है। यह एक कंक्रीट है, जिसका इस्‍तेमाल मंगल ग्रह पर घर बनाने के लिए किया जा सकता है। आपको हैरानी होगी जानकर कि इस ईंट को बनाने में आलू में पाया जाने वाला स्‍टार्च, नमक और मंगल ग्रह की मिट्टी का इस्‍तेमाल हुआ है।    

रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में कोई इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करना मुश्किल और महंगा है। भविष्‍य में अंतरिक्ष निर्माण के मामले में आसान मटीरियल पर भरोसा करना होगा। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को लगता है कि 'स्टारक्रीट' इसका समाधान हो सकता है। इस कंक्रीट को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह में पाई जाने वाली मिट्टी का नकली वर्जन तैयार किया। फ‍िर उसमें आलू में पाए जाने वाले स्‍टार्च और चुटकी भर नमक को मिलाया गया।    

वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्‍होंने जो कंक्रीट या कहें ईंट तैयार की, वह आम कंक्रीट से दोगुनी मजबूत है। यह मंगल ग्रह पर निर्माण के लिए बेहतर है। वैज्ञानिकों का आर्टिकल ओपन इंजीनियरिंग में पब्लिश हुआ है। रिसर्च टीम ने बताया है कि आलू में पाया जाने वाला स्‍टार्च, मंगल ग्रह की नकली धूल के साथ मिलाने पर कंक्रीट को मजबूती देता है। यह सामान्‍य कंक्रीट से दोगुना और चांद की धूल से बनाई गईं कंक्रीट से कई गुना मजबूत है।    

वैज्ञानिकों ने अपनी कैलकुलेशन में पाया कि 25 किलो डीहाइड्रेटेड आलू में 500 किलो 'स्टारक्रीट' बनाने के लिए पर्याप्‍त स्‍टार्च होता है। यानी उससे लगभग 213 से ज्‍यादा ईंट बन सकती हैं। वैज्ञानिकों की टीम अब इस ईंट को हकीकत बनाना चाहती है, मतलब उसके उत्‍पादन को आमलीजामा पहनाना चाहती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी ईंट अगर पृथ्‍वी पर भी इस्‍तेमाल की जाए, तो कार्बन उत्‍सर्जन में कमी लाई जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्‍लोबल CO2 उत्सर्जन में सीमेंट और कंक्रीट का योगदान लगभग 8% है। सामान्‍य ईंट बनाने में जहां बहुत अधिक तापमान का इस्‍तेमाल होता है, वहीं 'स्टारक्रीट' को ओवन के टेंपरेचर पर तैयार किया जा सकता है।   

 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple के iPhone Duo के लॉन्च के बाद इस देश में बढ़ी Samsung Galaxy Z Fold 8 की सेल्स....
  2. Ai+ Nova 2 Power जल्द होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7100 चिपसेट
  3. iPhone में बिना फोटो-वीडियो डिलीट किए, स्टोरेज कैसे करें खाली, जानें
  4. OnePlus 16 में मिलेगा 165Hz के रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले, जल्द लॉन्च की तैयारी
  5. India vs Afghanistan: भारत और अफगानिस्तान के बीच T-20 आज, जानें कब और कहां देखें लाइव प्रसारण
  6. Vivo X500 Pro, Vivo X500 Pro Max में मिलेगा नया MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट
  7. 5 हजार हो या 1 लाख, UPI से इन ट्रांजेक्शन पर नहीं लगेगा 5 रुपये से ज्यादा MDR चार्ज
  8. iQOO का 50MP कैमरा, 7000mAh बैटरी वाला फोन हुआ सस्ता, जानें कितनी हो रही बचत
  9. सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनेगा भारत: प्रधानमंत्री मोदी
  10. BGMI Free Rewards: देर होने से पहले यूज कर लें ये 50 Redeem Codes, फ्री में मिलेंगे कई रिवॉर्ड्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »