ISRO ने स्पेश मिशन में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए गगनयान क्रू मॉड्यूल सिस्टम के तीन बड़े टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है
ISRO ने गगनयान क्रू मॉड्यूल सिस्टम के तीन टेस्ट पूरे किए हैं।
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने स्पेश मिशन में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए गगनयान क्रू मॉड्यूल सिस्टम के तीन बड़े टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इन टेस्ट के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले यात्री और क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। सबसे खास बात यह है कि अब गगनयान आसानी से समुद्र पर उतर पाएगा और उसके बाद सीधी स्थिति में बना रहेगा। यहां हम आपको गगनयान क्रू मॉड्यूल सिस्टम के तीनों टेस्ट के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
समुद्र पर होगी आसान लैंडिंग
ISRO के अनुसार, ISRO ने पहले टेस्ट से यह सुनिश्चित किया है कि समुद्र पर उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल सीधी स्थिति में रहेगा। आपको बता दें कि यह क्रू की सेफ्टी के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक है। इसके लिए कोल्ड-गैस पर बेस्ड एक अपराइटिंग सिस्टम बनाया गया और उसका टेस्ट किया गया, जिससे इसका बात की पुष्टि हुई कि यह उतरने पर सीधा ही रहेगा। क्रू मॉड्यूल अपराइटिंग सिस्टम (CMUS) के सभी हिस्सों वाला एक सिस्टम-लेवल क्वालिफिकेशन टेस्ट सेटअप तैयार किया गया। वहीं प्राइमरी इन्फ्लेशन मॉड्यूल के लिए सफल इन्फ्लेशन टेस्ट भी हुए। इसमें हाई-प्रेशर गैस बोतल में गैस का उपयोग करके कंट्रोल वॉल्व के जरिए फ्लोटेशन को फुलाया गया।
दूसरा टेस्ट
दूसरे टेस्ट में अम्बिलिकल मैकेनिज्म के अलग होने की जानकारी मिली। यह मैकेनिज्म क्रू मॉड्यूल जहां अंतरिक्ष यात्री रहते हैं और सर्विस मॉड्यूल जो पावर और प्रोपल्शन देता है उसके बीच एक लिंक के तौर पर काम करता है। इस मैकेनिज्म में दो हिस्से होते हैं, जिसमें पहला CSU-1 क्रू मॉड्यूल की तरफ होता है। वहीं दूसरा CSU-2 सर्विस मॉड्यूल की तरफ होता है। क्रू मॉड्यूल के पृथ्वी पर वापस लौटने के दौरान, CSU-1 के अलग होने के बाद सर्विस मॉड्यूल सबसे पहले क्रू मॉड्यूल से अलग होता है। इसके बाद री-एंट्री से ठीक पहले CSU-2 भी अलग हो जाता है। सिमुलेटेड क्रू मॉड्यूल से CSU-2 को अलग करने का टेस्ट किया गया। इस टेस्ट से CSU-2 के आसानी से अलग होने और क्रू मॉड्यूल पैनल व उनके इंटरफेस की मजबूती का पता चला।
तीसरा टेस्ट
तीसरे टेस्ट में एपेक्स कवर के अलग होने की प्रक्रिया के दौरान क्रू मॉड्यूल के स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी की जानकारी मिली। एपेक्स कवर मिशन के दौरान पैराशूट और उनसे जुड़े सिस्टम को प्रोटेक्ट करता है। क्रू मॉड्यूल की स्पीड कम करने के लिए पैराशूट खोलने से पहले इसे अलग कर दिया जाता है।
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