• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • वैज्ञानिकों ने ढूंढा ‘बेबी’ एक्‍सोप्‍लैनेट, 14 दिन के बच्‍चे जितनी उम्र, जानें इसके बारे में

वैज्ञानिकों ने ढूंढा ‘बेबी’ एक्‍सोप्‍लैनेट, 14 दिन के बच्‍चे जितनी उम्र, जानें इसके बारे में

वैज्ञानिकों ने पृथ्‍वी के बेहद नजदीक एक ‘बेबी’ एक्‍सोप्‍लैनेट का पता लगाया है। यह एक गैसीय एक्‍साेप्‍लैनेट है, जिसका डायामीटर बृहस्‍पति ग्रह से थोड़ा ही कम है।

वैज्ञानिकों ने ढूंढा ‘बेबी’ एक्‍सोप्‍लैनेट, 14 दिन के बच्‍चे जितनी उम्र, जानें इसके बारे में

Photo Credit: NASA/JPL-Caltech/R. Hurt, K. Miller (Caltech/IPAC)

रिसर्चर्स का कहना है कि यह खोज हमें ग्रहों के निर्माण के बारे में बताती है।

ख़ास बातें
  • एक ‘बेबी’ एक्‍सोप्‍लैनेट का पता चला है
  • पृथ्‍वी से 520 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद है
  • सिर्फ 8.8 दिनों में लगा लेता है तारे का एक चक्‍कर
विज्ञापन
वैज्ञानिकों ने पृथ्‍वी के बेहद नजदीक एक ‘बेबी' एक्‍सोप्‍लैनेट का पता लगाया है। यह एक गैसीय एक्‍साेप्‍लैनेट है, जिसका डायामीटर बृहस्‍पति ग्रह से थोड़ा ही कम है। TIDYE-1b नाम का एक्‍सोप्‍लैनेट, एक प्रोटोस्‍टार का चक्‍कर लगाता है और अभी भी बड़ा हो रहा है। यह पृथ्‍वी से लगभग 520 प्रकाश वर्ष की दूरी पर टॉरस मालिक्‍यूलर क्‍लाउड में है और सिर्फ 8.8 दिनों में अपने तारे का चक्‍कर लगा लेता है। गौरतलब है कि एक्‍सोप्‍लैनेट उन ग्रहों को कहा जाता है, जो हमारे सूर्य की नहीं, बल्कि किसी और तारे की परिक्रमा करते हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक एक्‍सोप्‍लैनेट्स को खोज रहे हैं, ताकि उनमें जीवन की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। 

दिलचस्‍प यह है कि एक्‍सोप्‍लैनेट जितना नया है, उतना ही नया है इसका तारा। इसीलिए उसे प्रोटोस्‍टार कहा गया है। लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोटोस्टार की उम्र के आधार पर वैज्ञानिकों ने TIDYE-1b की उम्र 30 लाख साल आंकी है। रिसर्चर्स ने कहा है कि अगर इस एक्‍सोप्‍लैनेट की उम्र का कंपेरिजन इंसान के जीवनकाल से करें तो एक्‍सोप्‍लैनेट अभी 2 हफ्ते के ‘बेबी' जितना है इसीलिए इसे बेबी एक्‍सोप्‍लैनेट भी कहा गया है।   

नेचर जर्नल में पब्ल्शि स्‍टडी में रिसर्चर्स ने बेबी एक्‍सोप्‍लैनेट के बारे में बताया है। इसका पता नासा (Nasa) के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) से मिले डेटा से चला। रिसर्चर्स का कहना है कि यह खोज हमें ग्रहों के निर्माण के बारे में बताती है। हम ब्रह्मांड में अपनी जगह भी तलाश सकते हैं कि पृथ्‍वी कितनी पुरानी है। कहां से बनी होगी और कहां जा रही है। 

खास बात है कि एक्सोप्लैनेट बहुत जल्‍दी नजर नहीं आते। शुरुआती वर्षों में उन्‍हें नहीं देखा जा सकता, क्‍योंकि वो धूल, गैस व अन्‍य चीजों से ढके होते हैं। धीरे-धीरे जब धूल और गैस छंटती है तो वह दिखाई देने लग जाते हैं।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, Science News In Hindi, exoplanet, protostar
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. SpaceX  के IPO ने 4,400 से ज्यादा वर्कर्स को बनाया मिलिनेयर!
  2. 365 दिनों तक डेली 2.5GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, फ्री मूवी, Free Gemini AI के साथ Jio के धांसू मोबाइल प्लान!
  3. Flipkart June Epic Sale: 15 हजार रुपये सस्ते मिल रहे Motorola के पॉपुलर स्मार्टफोन! जानें बेस्ट डील्स
  4. 840Wh बैटरी, 4.4 घंटे राइडिंग टाइम के साथ Specialized Levo 4 X माउंटेन इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, जानें कीमत
  5. 9000mAh की धांसू बैटरी के साथ ये हैं 2026 में अबतक के सबसे धांसू फोन! देखें पूरी लिस्ट
  6. OnePlus Nord Buds 4 के टीजर में दिखी ईयरबड्स की पहली झलक! जानें कैसे होंगे फीचर्स
  7. 6 हजार सस्ता मिल रहा Poco का 6000mAh बैटरी वाला धांसू फोन, धमाकेदार ऑफर
  8. Tata Electronics के iPhone प्लांट को बंद करने की चेतावनी, ये है कारण...
  9. iPhone 18 Pro Max के कलर्स फिर हुए लीक! 'डार्क चैरी' की होगी धूम?
  10. OTT Releases This Week: भूत बंगला, माँ है ना, वायरल हिट, राख जैसी फिल्मों की होगी इस हफ्ते धूम!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »