• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • वैज्ञानिकों ने खींची मरते हुए तारे की पहली क्‍लोजअप तस्‍वीर, कैसे किया यह? जानें

वैज्ञानिकों ने खींची मरते हुए तारे की पहली क्‍लोजअप तस्‍वीर, कैसे किया यह? जानें

वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की-वे के बाहर एक मरते हुए तारे की पहली डिटेल्‍ड इमेज को कैप्‍चर किया है।

वैज्ञानिकों ने खींची मरते हुए तारे की पहली क्‍लोजअप तस्‍वीर, कैसे किया यह? जानें

इस तस्‍वीर को यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) के वेरी लार्ज टेलीस्कोप इंटरफेरोमीटर की मदद से लिया गया।

ख़ास बातें
  • एक मरते हुए तारे की डिटेल तस्‍वीर आई सामने
  • इसे WOH G64 नाम दिया गया है
  • हमारी पृथ्‍वी से 1 लाख 60 हजार प्रकाश वर्ष दूर है
विज्ञापन
Dying Star New Image : मरते हुए तारों के बारे में हमने आपको कई बार बताया है, लेकिन हालिया खबर तस्‍वीर के साथ है। वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की-वे (Milky way) के बाहर एक मरते हुए तारे की पहली डिटेल्‍ड इमेज को कैप्‍चर किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तारा एक अजीब से अंडे के आकार के कोकून में लिपटा है। इसे WOH G64 नाम दिया गया है। यह हमारी पृथ्‍वी से 1 लाख 60 हजार प्रकाश वर्ष दूर बड़े मैगेलैनिक बादलों में स्थित है। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जब कोई तारा अपने आखिरी वक्‍त में होता है, तो उसमें विस्‍फोट शुरू हो जाते हैं। इस दौरान वह बहुत ज्‍यादा चमकदार हो जाता है। इसे सुपरनोवा (Supernova) कहते हैं। हालिया खोज को दुनिया के सामने लाते हुए चिली की एन्ड्रेस बेलो यून‍िवर्सिटी के एस्‍ट्रोफ‍िजिसिस्‍ट- केइची ओहनाका ने कहा कि पहली बार हम अपनी आकाशगंगा के बाहर एक अन्‍य गैलेक्‍सी में मरते हुए तारे की जूम इमेज ले पाए हैं। 

इस तस्‍वीर को यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) के वेरी लार्ज टेलीस्कोप इंटरफेरोमीटर (VLTI) में लगे  ग्रेविटी इंस्‍ट्रूमेंट का इस्‍तेमाल करके कैप्चर किया गया। इस तारे का साइज हमारे सूर्य से लगभग 2 हजार गुना ज्‍यादा है। 
 

दो दशकों से तारे को टटोल रहे साइंटिस्‍ट 

वैज्ञानिक लगभग दो दशकों से इस विशालकाय तारे को टटोलते आए हैं। साल 2005 और 2007 में ओहनाका और उनकी टीम ने VLTI टेलीस्‍कोप का इस्तेमाल करके तारे की खूबियों का पता लगाया था। उस पर स्‍टडी की गई। जब VLTI में सेकंड जेनरेशन वाले हाईटेक इंस्‍ट्रूमेंट लग गए, तब विशालकाय तारे को फ‍िर से कैप्‍चर किया गया। 

रिसर्चर्स का मानना ​​है कि तारे के चारों ओर मौजूद गैस और धूल इसके कोकून के मंद होने और तारे के विशाल आकार की वजह हो सकती है। हालांकि अभी यह जानना बाकी है कि तारे में कब विस्‍फोट शुरू होंगे और यह एक सुपरनोवा बनने की ओर बढ़ जाएगा।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Rogbid की सस्ती स्मार्टवॉच AMOLED स्क्रीन, GPS, IP67 रेटिंग के साथ लॉन्च
  2. Flipkart Sale में ₹4599 सस्ता खरीदें Oppo का 8000mAh बैटरी वाला फोन!
  3. Apple ने भारत में लॉन्च किया नया iMac, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Apple ने भारत में लॉन्च किया MacBook Pro का नया वर्जन, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. iPhone 18e में मिल सकता है 6.12 इंच डिस्प्ले, 24 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा
  6. 10000mAh की विशाल बैटरी वाला Redmi K100 लॉन्च, 16GB RAM के साथ गजब फीचर्स से लैस
  7. ₹12 हजार छूट के साथ मिल रहा 48 मेगापिक्सल कैमरा वाला iPhone 17 Pro, जल्द करें लिमिटेड है डील
  8. Motorola Edge 70 Neo में मिल सकती है 7,000mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा
  9. धरती पर ये चीज हो जाएगी सबसे महंगी, एलन मस्क ने क्यों बताया, रोबोट के लिए होगी बंपर डिमांड
  10. OnePlus Ace 7 Pro में मिलेगा 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, इस सप्ताह लॉन्च 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »