NASA ने दिखाया माइक्रोग्रेविटी में कैसे जलती हैं आग की लपटें!

माइक्रोग्रेविटी में आग को बुझाना भी मुश्किल काम हो सकता है।

NASA ने दिखाया माइक्रोग्रेविटी में कैसे जलती हैं आग की लपटें!

अंतरिक्ष में ऐसी दिखती हैं आग की लपटें।

ख़ास बातें
  • इंस्टाग्राम पर नासा ने शेयर की स्पेस में जलती आग की फोटो।
  • गुरुत्वाकर्षण में बदलाव आग के फैलने की प्रक्रिया को भी करता है प्रभावित।
  • माइक्रोग्रेविटी में आग को बुझाना भी हो सकता है मुश्किल काम।
विज्ञापन
मनुष्य ने आग का आविष्कार सदियों पहले कर लिया था और यह सैकड़ों सालों से हमारे इस्तेमाल में है। धरती पर आग के बर्ताव से हम अच्छी तरह से परिचित हैं लेकिन क्या आपने सोचा है कि अंतरिक्ष में अगर आग की लपटें जल रही हों तो वह कैसे बर्ताव करेंगी? सवाल सिर्फ जिज्ञासा का ही नहीं, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा का भी है। भविष्य के स्पेश मिशनों में इस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। स्पेस में गुरुत्वाकर्षण न के बराबर होता है और आग की लपटें ऐसी स्थिति में अलग तरह से बर्ताव करती हैं। माइक्रोग्रेविटी में आग की लपटें गोलाकार शेप में बने रहने की कोशिश करती हैं। धरती पर जब आग जलती है तो ग्रेविटी वातारण से ठंडी और घनी हवा को नीचे खींचती है और गर्म गैसें लपटों से ऊपर की ओर उठती हैं। यह लपटों की शेप को निर्धारित करता है और उनको अस्थिर बनाता है। 

ऐसा भी संभव है कि गुरुत्वाकर्षण में बदलाव आग के फैलने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता हो। माइक्रोग्रेविटी में आग को बुझाना भी मुश्किल काम हो सकता है। नासा (NASA) आग के इस बर्ताव को एडवांस्ड कम्बशन वाया माइक्रोग्रेविटी एक्सपेरिमेंट्स (ACME) के जरिए स्टडी कर रही है। अंतरिक्ष यात्रियों ने हाल ही में एक प्रोजेक्ट को पूरा किया है। जिसमें उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 1500 फायर्स को जलाकर देखा। यह एक सेफ और खासतौर पर डिजाइन किए गए चैंबर में किया गया। लेकिन एजेंसी शनिवार को एक मिशन लॉन्च करने जा रही है जो चांद और मंगल पर फायर सेफ्टी को बेहतर बनाने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा। 

Instagram पर एक हाल ही की अपडेट में एजेंसी ने एक फोटो भी शेयर की है जिसके माध्यम से बताया गया है कि स्पेस स्टेशन के अंदर माइक्रोग्रेविटी के वातावरण में आग की लपटें कैसे बर्ताव करती हैं। इससे वैज्ञानिकों को धरती पर ज्यादा क्लीन कम्बशन इंजन तैयार करने में मदद मिलेगी। फोटो के कैप्शन में ये भी लिखा गया है कि इससे भविष्य में चांद और मंगल पर जाने के लिए ज्यादा सुरक्षित स्पेसक्राफ्ट तैयार करने में मदद मिलेगी। 
नासा के अनुसार, ऊपर दिखाया गया फोटो एक संयुक्त इमेज है जिसके लिए ACME के फ्लेम डिजाइन एक्सपेरिमेंट्स से 9 अलग-अलग टेस्ट का डेटा लिया गया है। यहां यह भी कहा गया है कि कार्गो शिप का लॉन्च शनिवार को रात 11 बजकर 9 मिनट (IST) पर होगा जो कि सॉलिड फ्यूल इंजन इग्निशन एंड एक्सटिंक्शन (SoFIE) को कैरी करेगा। यह माइक्रोग्रेविटी में फ्लेम बिहेवियर को स्टडी करने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Rs 499 से शुरू होने वाले Earbuds Buzz X7, X8, X9, और ब्लूटूथ स्पीकर लॉन्च, जानें फीचर्स
  2. CES 2026: सैटेलाइट से कॉल और मैसेज करेंगे Infinix के Note 60 सीरीज स्मार्टफोन्स, CES में लगाया तकनीक का तड़का!
  3. Motorola ने पोलर फिटनेस के साथ Moto Watch की लॉन्च, 13 दिनों तक चलेगी बैटरी, जानें फीचर्स
  4. Motorola ने लॉन्च किया अपना Signature फोन, चार 50 मेगापिक्सल कैमरा से लैस
  5. वर्क फ्रॉम होम के मजे इस भारतीय IT कंपनी ने किए खत्म, बनाएं नए नियम
  6. OnePlus Turbo 6 में होगा 165Hz डिस्प्ले, दमदार प्रोसेसर, 8 जनवरी को होने जा रहा लॉन्च
  7. Amazon ने Alexa+ का वेब वर्जन कर दिया लॉन्च, जानें यूजर्स को मिलेंगे कैसे फीचर्स
  8. AI गर्लफ्रेंड ने कर लिया ब्रेकअप! वायरल हुई 'डिजिटल प्रेम कहानी'
  9. WhatsApp लेकर आया AI स्टिकर्स, अपनी पसंद से खुद बनाएं और करें शेयर
  10. गणतंत्र दिवस की परेड देखें मात्र 20 रुपये में, मोबाइल से ऑनलाइन बुक करें टिकट, ये है पूरा तरीका
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »