चांद पर कब्र! आखिर क्‍या मिला Nasa के ऑर्बिटर को? जानें

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने जापानी कंपनी ‘आईस्‍पेस' (ispace) के मून लैंडर के आखिरी विश्राम स्‍थल (resting place) को देखा है।

चांद पर कब्र! आखिर क्‍या मिला Nasa के ऑर्बिटर को? जानें

Photo Credit: LROC

आईस्‍पेस का HAKUTO-R M1 लैंडर 25 अप्रैल को चंद्रमा पर लैंडिंग के दौरान बर्बाद हो गया था।

ख़ास बातें
  • चांद पर क्रैश हो गया था जापानी कंपनी का लैंडर
  • नासा के ऑर्बिटर ने उस जगह को खोज निकाला है
  • जापानी कंपनी ‘आईस्‍पेस' ने पिछले महीने की थी लैंडिंग की कोशिश
विज्ञापन
चांद पर कब्र! ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्‍योंकि एक प्राइवेट मून लैंडर जो पिछले महीने चांद पर क्रैश होकर खत्‍म हो गया था, उसकी अंतिम जगह को खोजा गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने जापानी कंपनी ‘आईस्‍पेस' (ispace) के मून लैंडर के आखिरी विश्राम स्‍थल (resting place) को देखा है। आईस्‍पेस का HAKUTO-R M1 लैंडर 25 अप्रैल को चंद्रमा पर लैंडिंग के दौरान बर्बाद हो गया था। उसके साथ गया संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का राशिद रोवर (Rashid rover) भी चांद पर लैंड नहीं कर पाया था। लैंडिंग से पहले ही ग्राउंड टीम का रोवरों के साथ कम्‍युनिकेशन टूट गया था। कुछ घंटों बाद आईस्‍पेस ने मिशन के फेल होने की पुष्टि की थी। 

अब नासा के लूनार रीकानसन्स ऑर्बिटर (LRO) ने कुछ तस्‍वीरें लेते हुए क्रैश साइट की खोज की है। ये तस्‍वीरें 26 अप्रैल को ली गई थीं, घटना से ठीक एक दिन बाद। LRO में लगे नैरो एंगल कैमरा (NACs) की मदद से लैंडिंग साइट के आसपास की 10 तस्‍वीरें ली गई थीं। लूनार रीकानसन्स ऑर्बिटर की ग्राउंड टीम ने तस्‍वीरों की जांच शुरू कर दी थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उसने चंद्रमा की सतह पर मलबे के कम से कम 4 टुकड़े और वहां कुछ बदलाव देखे हैं। इस जगह का अभी और विश्‍लेषण किया जाएगा, ताकि और जानकारी हास‍िल हो सके। 
 

ऐसा दूसरी बार हुआ था, जब किसी प्राइवेट कंपनी ने चंद्रमा पर अपने मिशन को लैंड कराने की कोशिश की थी। दोनों ही कोशिशें कामयाब नहीं हो पाई थीं। चंद्रमा के लिए पहला प्राइवेट मिशन इस्राइल की कंपनी ‘स्पेस आईएल' ने लॉन्‍च किया था। साल 2019 में लैंडिंग के दौरान कंपनी का अपने लैंडर से कम्‍युनिकेशन टूट गया था। उस लैंडर की क्रैश साइट को भी लूनार रीकानसन्स ऑर्बिटर ने खोज निकाला था। 

आईस्‍पेस को पूरी उम्‍मीद थी कि उसका लैंडर चंद्रमा पर उतरने में कामयाब हो जाएगा। स्‍पेसक्राफ्ट ने 6000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लैंडिंग शुरू की थी, जिसे आखिरी वक्‍त में शून्‍य तक कम कर दिया गया था। बावजूद इसके सॉफ्ट लैंडिंग नहीं हो पाई। लैंडिंग के फेल होने से ‘आईस्‍पेस' को तो झटका लगा ही, यूएई का राशिद रोवर भी ‘खत्‍म' हो गया था। इस विफलता के बावजूद आईस्‍पेस अपने दूसरे और तीसरे मून मिशन पर काम कर रही है। इन्‍हें अगले साल से लॉन्‍च किया जाएगा।  
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Nasa LRO, iSpace, science news hindi

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus Ace 7 सीरीज में हो सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  2. दुनिया के सबसे रईस शख्स Elon Musk दोबारा बने ट्रिलिनेयर, Tesla, SpaceX के शेयर्स में तेजी का असर
  3. भारत में महंगे प्राइस पर लॉन्च हो सकता है iQOO 16
  4. Kodak ने लॉन्च किया ₹12 हजार से सस्ता 40 इंच स्मार्ट TV, 65 इंच की कीमत 43 हजार से कम
  5. ₹19 हजार से ज्यादा सस्ता होगा iPhone 17, Flipkart की दिवाली सेल में क्या है खास डील
  6. 23K सस्ता मिलेगा Samsung Galaxy S25 5G, Flipkart Big Billion Days Sale में क्या है डील
  7. India vs West Indies: कब और कहां देखें पहला T-20 मैच, यहां होगी लाइव स्ट्रीमिंग
  8. Oppo Find X10 Pro Max जल्द होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट
  9. Infinix लाया गजब का फोन, बिना सिम भी कर पाएंगे कॉल, बिना नेटवर्क करेगा काम
  10. Samsung Galaxy S27 Ultra के लिए हो सकते हैं 5 कलर्स के ऑप्शन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »