• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • मंगल ग्रह है या रेड वेलवेट केक, यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी ने दिखाई Mars की शानदार तस्‍वीर

मंगल ग्रह है या रेड वेलवेट केक, यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी ने दिखाई Mars की शानदार तस्‍वीर

इस इमेज में 4 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा भी दिखाई देता है। ESA के मुताबिक, यह गड्ढा वास्तिटास बोरेलिस रीजन में है, जोकि मंगल ग्रह के उत्तरी ध्रुव के पास एक मैदानी इलाका है।

मंगल ग्रह है या रेड वेलवेट केक, यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी ने दिखाई Mars की शानदार तस्‍वीर

Photo Credit: ESA/Roscosmos/CaSSIS

ESA और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) के जॉइंट मिशन TGO ने पिछले साल जुलाई में यह तस्‍वीर खींची थी।

ख़ास बातें
  • यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने एक इमेज रिलीज की है
  • यह मंगल ग्रह के आसपास के इलाके को दर्शाती है
  • इसमें मंगल ग्रह बेहद खूबसूरत नजर आता है जैसे कोई केक सजाया गया हो
विज्ञापन
मंगल (Mars) ग्रह लंबे समय से खगोलविदों के लिए पहेली रहा है। हाल ही में यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने एक इमेज रिलीज की है। यह मंगल ग्रह के आसपास के इलाके को दर्शाती है। इस तस्‍वीर को ‘ट्रेस गैस ऑर्बिटर' (TGO) ने खींचा है। इसमें मंगल ग्रह बेहद खूबसूरत नजर आता है, जैसे कोई केक सजाया गया हो। ESA ने कहा है कि यह इमेज मंगल ग्रह को ऐसा दिखाती है, जैसे एक ‘रिच रेड वैलवेट केक' पर शुगर पाउडर छिड़का गया है। 

लेकिन शुगर पाउडर जैसा दिखने वाला यह वाइट कलर क्‍या है और कहां से आया? ESA ने बताया है कि यह कलर पानी और बर्फ की वजह से है। वहीं, रेड कलर जंग लगी हुई मार्टियन मिट्टी की वजह से नजर आता है। इस इमेज में 4 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा भी दिखाई देता है। ESA के मुताबिक, यह गड्ढा वास्तिटास बोरेलिस रीजन में है, जोकि मंगल ग्रह के उत्तरी ध्रुव के पास एक मैदानी इलाका है। ESA और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) के जॉइंट मिशन TGO ने पिछले साल जुलाई में यह तस्‍वीर खींची थी। 

ESA ने बताया कि तस्‍वीर में नजर आने वाला गड्ढा बर्फ से भरा है। इस इलाके में पूरे साल बहुत कम समय के लिए सूर्य दिखाई देता है। स्‍पेस एजेंसी के मुताबिक, फोटो में दिख रहा रिम के आस-पास का गहरा इलाका ज्वालामुखी के मटीरियल जैसे- बेसाल्ट से बना हुआ हो सकता है। 

यूरोपियन और रूसी स्‍पेस एजेंसियों ने एक्सोमार्स (ExoMars) प्रोग्राम के तहत मंगल ग्रह पर ऑर्बिटर भेजा है। यह इस साल के अंत में मंगल पर एक रोवर भी भेजने वाले हैं। TGO इस ग्रह की वायुमंडलीय गैसों की स्‍टडी कर रहा है। इसके साथ ही मंगल की सतह और उसके आसपास पानी के रिर्सोसेज की तलाश की जा रही है। हाल ही में वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर बड़ी मात्रा में ‘छुपे हुए पानी' के बारे में भी पता चला था। यह ‘पानी' वहां एक घाटी की सतह के नीचे है। 

ऑर्बिटर ने मंगल ग्रह पर पहुंचने के दो साल बाद यानी 2018 में अपनी खोज शुरू की थी। साल 2023 में मंगल ग्रह पर आने वाले दूसरे एक्सोमार्स मिशन के लिए यह डेटा रिले सर्विसेज देने का काम भी करेगा।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: mars, mars new image, TGO, Roscosmos, ESA, ExoMars
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. MG Motor की बिक्री में EVs की हिस्सेदारी बढ़कर 75 प्रतिशत से ज्यादा
  2. Ola Electric ने की रिकवरी, जून में बेची 16,000 से ज्यादा यूनिट्स
  3. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मार्केट में टाटा मोटर्स का दमदार परफॉर्मेंस, जून में बिक्री 183 प्रतिशत बढ़ी
  4. 10,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Vivo Pad 5c, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. IND vs ENG T20I Live Streaming: भारत-इंग्लैंड टी20 मैच लाइव आज, यहां देखें फ्री!
  6. Redmi Headphones Neo लॉन्च हुए 72 घंटे की बैटरी, 42dB ANC फीचर के साथ, जानें कीमत
  7. WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
  8. Vivo X500 Pro Max में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का हाई रिजॉल्यूशन पेरिस्कोप कैमरा
  9. Rogbid VisionPro AI स्मार्ट ग्लास हुए लॉन्च, 13MP कैमरा, 12 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  10. बिटकॉइन पर भारी पड़ रहा मजबूत डॉलर, 59,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »