• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • चांद पर उतरना आसान नहीं! टांगें टूट गईं दुनिया के पहले प्राइवेट मून लैंडर की, देखें फोटो

चांद पर उतरना आसान नहीं! टांगें टूट गईं दुनिया के पहले प्राइवेट मून लैंडर की, देखें फोटो

Odysseus Moon Lander : 14 फुट ओडीसियस लैंडर ने बीते गुरुवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास भूरे रंग की मिट्टी लैंडिंग की थी।

चांद पर उतरना आसान नहीं! टांगें टूट गईं दुनिया के पहले प्राइवेट मून लैंडर की, देखें फोटो

Photo Credit: @Int_Machines

ओडीसियस का टचडाउन स्‍मूद नहीं हुआ। 6 पैरों वाला लैंडर उम्‍मीद से ज्‍यादा तेजी के साथ नीचे की ओर आया और चंद्रमा पर ऐसी जगह से टकराया, जो थोड़ा ऊंची थी।

ख़ास बातें
  • ओडीसियस लैंडर को करना पड़ा मुश्किलों को सामना
  • बीते दिनों चंंद्रमा पर उतरा था यह लैंडर
  • हार्ड लैंडिंग की वजह से एक या उससे ज्‍यादा पैर टूटे
विज्ञापन
Odysseus Moon Lander : पृथ्‍वी से लाखों किलोमीटर दूर चंद्रमा पर मिशन भेजना कोई मामूली बात नहीं है। अबतक चुनिंदा देश ही चांद पर अपना मिशन लैंड करा पाए हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, भारत और जापान शामिल हैं। अमेरिका ने पिछले सप्‍ताह रिकॉर्ड बनाया जब वहां की एक कंपनी इंटुएटिव मशीन्स का ओडीसियस लैंडर चांद पर उतरा। ऐसा करने वाला यह दुनिया का पहला प्राइवेट लैंडर है। हालांकि मिशन को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘ओडीसियस' ने चंद्रमा पर हार्ड लैंडिंग की, जिससे उसकी एक या उससे ज्‍यादा पैर टूट गए। 

14 फुट ओडीसियस लैंडर ने बीते गुरुवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास भूरे रंग की मिट्टी लैंडिंग की थी। इससे पहले साल 1972 में अमेरिका का कोई लैंडर चांद पर पहुंचा था। 

स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, ओडीसियस का टचडाउन स्‍मूद नहीं हुआ। 6 पैरों वाला लैंडर उम्‍मीद से ज्‍यादा तेजी के साथ नीचे की ओर आया और चंद्रमा पर ऐसी जगह से टकराया, जो थोड़ा ऊंची थी। कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर स्टीव अल्टेमस ने कहा, इस वजह से हमने हार्ड लैंडिंग की। उन्होंने कहा कि लैंडिंग गियर में प्रेशर पड़ने के कारण संभवतः लैंडिंग गियर के एक या दो पैर टूट गए। 
 

रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 12 डिग्री ढलान वाली जमीन पर ओडीसियस लगभग दो सेकंड तक सीधा खड़ा रहा। उसके बाद वह झुकने लगा और 30 डिग्री पर रुक गया। अच्‍छी बात यह है कि मिशन काम कर रहा है। कंपनी को कुछ तस्‍वीरें भी मिली हैं। उनमें से एक में टचडाउन के दौरान क्‍या हुआ, देखा जा सकता है। लैंडिंग पैर कितने डैमेज हुए, यह भी दिखाई दे रहा है। 

यह मिशन रिकॉर्ड 8 दिनों में चांद पर पहुंच गया। 15 फरवरी को इसने स्‍पेसएक्‍स के फाल्‍कन-9 रॉकेट की मदद से उड़ान भरी थी। मिशन उसी रूट से चांद पर गया, जिस रूट से करीब 50 साल पहले अपोलो मिशन को भेजा गया था। अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा ने इस मिशन के लिए कंपनी के साथ करीब हजार करोड़ रुपये का कॉन्‍ट्रैक्‍ट किया था। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ईरान के छिपे हुए क्रिप्टो नेटवर्क्स को निशाना बना रहा अमेरिका
  2. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स में गिरावट, Tata Motors का पहला स्थान बरकरार
  3. Upcoming Smartphones May 2026: 200MP कैमरा वाले Vivo X300 Ultra, Oppo Find X9 Ultra जैसे धांसू फोन होंगे लॉन्च
  4. मौत के बाद क्या होता है? वैज्ञानिकों ने दे दिया जवाब
  5. iPhone 18 Pro का डिजाइन लीक, फ्रंट में बड़ा बदलाव, A20 चिपसेट से मिलेगी धांसू परफॉर्मेंस!
  6. पंखा बन गया पावरबैंक! Cuktech ने लॉन्च किया अनोखा डिवाइस
  7. Amazon Great Summer Sale में ऑफर्स की बौछार! प्राइम मेंबर्स के लिए खास छूट, जानें सबकुछ
  8. 130 बर्तनों की एकबार में सफाई! Xiaomi ने लॉन्च किया Smart Dishwasher Pro, जानें कीमत
  9. 15 हजार सस्ता खरीदें Realme का 50MP ट्रिपल कैमरा वाला स्मार्टफोन!
  10. ChatGPT 5.5 Cyber: हैकर्स की खैर नहीं! ChatGPT का खास वर्जन करेगा साइबर सिक्योरिटी, जल्द होगा रोलआउट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »