अंतरिक्ष को ‘गंदा’ करने वाले देशों में भारत छठे नंबर पर, जानें कौन हैं टॉप-3 देश

Space debris : जब भी अंतरिक्ष मलबे की बात आती है, तो चीन का जिक्र होता है। अमेरिका और वहां की स्‍पेस एजेंसी नासा आरोप लगाते रहते हैं कि चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों के जरिए स्‍पेस कचरे को बढ़ा रहा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 27 सितंबर 2022 14:24 IST
ख़ास बातें
  • लिस्‍ट में सबसे ऊपर रूस, अमेरिका और चीन हैं
  • उनके मुकाबले भारत काफी पीछे है
  • जापान, फ्रांस, ब्रिटेन भी इस लिस्‍ट में शामिल हैं

Space debris : आंकड़े बताते हैं कि स्‍पेस कचरे के मामले में चीन से आगे कई और देश हैं।

अंतरिक्ष मलबे से आप क्‍या समझते हैं? इसे अंतरिक्ष का कचरा (space debris) भी कहते हैं, जो खराब हो चुके सैटेलाइट्स से लेकर पेंट के गुच्‍छों तक स्‍पेस में तैर रहा है। जब भी अंतरिक्ष मलबे की बात आती है, तो चीन का जिक्र होता है। अमेरिका और वहां की स्‍पेस एजेंसी नासा (Nasa) आरोप लगाते रहते हैं कि चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों के जरिए स्‍पेस कचरे को बढ़ा रहा है। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि स्‍पेस कचरे के मामले में चीन से आगे कई और देश हैं। नासा के पास मौजूद डेटा का इस्‍तेमाल करते हुए जर्मन डेटाबेस कंपनी स्टेटिस्टा (Statista) ने उन देशों की एक लिस्‍ट जारी की है, जो सबसे ज्‍यादा अंतरिक्ष कचरा पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं।

आपके अनुमान से इस लिस्‍ट में सबसे ऊपर कौन हो सकता है। क्‍या अमेरिका? ऐसा नहीं है। लिस्‍ट में सबसे आगे है रूस। स्टेटिस्टा ने नासा के ऑर्बिटल डेब्रिस क्वार्टरली न्यूज के 4 फरवरी 2022 तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह बताया है। कहा गया है कि रूस की 7 हजार से अधिक रॉकेट बॉडी कचरे के तौर पर स्‍पेस में घूम रही हैं। 

लिस्‍ट में दूसरे नंबर पर अमेरिका है। 5,216 स्‍पेस कचरे के टुकड़ों के साथ अमेरिका अंतरिक्ष में मलबे को बढ़ा रहा है। अमेरिका के बाद लिस्‍ट में चीन का नंबर है। तीसरे नंबर पर मौजूद चीन ने 3,845 मलबे के टुकड़ों को अंतरिक्ष में छोड़ा हुआ है, जो भविष्‍य में स्‍पेस मिशनों के लिए चुनौती बन सकते हैं। जापान और फ्रांस क्रमश: चौथे और पांचवें नंबर पर हैं। इनके 520 और 117 मलबे के टुकड़े अंतरिक्ष कचरे को बढ़ा रहे हैं। 

लिस्‍ट में भारत भी शामिल हैं। छठी पोजिशन पर मौजूद भारत ने अंतरिक्ष मलबे के रूप में 114 टुकड़ों को वहां छोड़ा हुआ है। लिस्‍ट में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी सातवें नंबर पर है। उसके मिशनों के 60 टुकड़े अंतरिक्ष में कचरे के रूप में तैर रहे हैं। यूनाइटेड किंगडम भी लिस्‍ट में शामिल हैं। 8वें नंबर पर काबिज UK ने भी अपने मिशन के दौरान 1 मलबे के टुकड़े को अंतरिक्ष में छोड़ दिया है। 

बाहरी अंतरिक्ष में मलबा फेंका जाना आने वाले बड़ी परेशानी बन सकता है। इससे भविष्‍य में मिशन लॉन्‍च करते समय मलबे के तौर मौजूद ये टुकड़े हमारे सैटेलाइट्स से टकराकर उन्‍हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। अंतरिक्ष कचरा तब पैदा होता है जब किसी अं‍तरिक्ष एजेंसी का कोई मिशन पूरा हो जाता है और एजेंसी उस सैटेलाइट या स्‍पेसक्राफ्ट को यूं ही छोड़ देती है। वह अं‍तरिक्ष में तैरता रहता है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Google लाया गजब का AI प्लेटफॉर्म Stitch, खुद डिजाइन करें अपना ऐप और वेब पेज
  2. OnePlus 15T में मिलेंगे 50 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा, LUMO इमेजिंग सिस्टम
  3. Samsung Galaxy A57 लॉन्च से पहले वीडियो लीक, 50MP ट्रिपल कैमरा, नया डिजाइन!
  4. 28 हजार सस्ता खरीदें Nothing Phone 3 फ्लैगशिप फोन, 50MP के 3 कैमरा!
#ताज़ा ख़बरें
  1. AI Coach के साथ boAt की नई स्मार्टवॉच लॉन्च, सिंगल चार्ज में 10 दिन चलती है, जानें कीमत
  2. Samsung Galaxy S26 Ultra लॉन्च होते ही S25 Ultra हुआ सस्ता! नई कीमत लीक
  3. धरती से टकराने से पहले रोके जाएंगे एस्टेरॉयड! जानिए क्या है Blue Origin का बड़ा मिशन
  4. OnePlus 15T में मिलेंगे 50 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा, LUMO इमेजिंग सिस्टम
  5. Redmi 15A 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,300mAh की बैटरी 
  6. सरकार का हर फोन में Aadhaar ऐप प्री-इंस्टॉल करने का प्लान! Apple-Samsung जैसे ब्रांड्स ने जताई आपत्ति
  7. OpenAI अकाउंट कैसे करें क्रिएट, ये है स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया
  8. Oppo K14 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, 7,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, ऑफर्स
  9. मंगल पर 400 करोड़ साल पुराना डेल्टा मिला! नासा की बड़ी खोज
  10. Realme P4 Lite 5G vs Poco C85x 5G vs Samsung Galaxy F70e 5G: 15K में कौन सा फोन है बेस्ट?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.