• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • धरती से 400km ऊपर चीन तोड़ रहा नियम! क्‍या ‘स्‍पेस कचरा’ धरती पर मचाएगा तबाही?

धरती से 400km ऊपर चीन तोड़ रहा नियम! क्‍या ‘स्‍पेस कचरा’ धरती पर मचाएगा तबाही?

Space Junk : अंतरिक्ष मलबे के एक्‍सपर्ट प्रोफेसर जॉन एल. क्रैसिडिस ने चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कहा है कि अंतरिक्ष से गिरने वाला मलबा समस्या पैदा कर सकता है।

धरती से 400km ऊपर चीन तोड़ रहा नियम! क्‍या ‘स्‍पेस कचरा’ धरती पर मचाएगा तबाही?

आरोप है कि 2 साल पहले चीन ने अपने लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट फेज को कंट्राेल नहीं किया।

ख़ास बातें
  • चीन पर अंतरिक्ष नियमों को तोड़ने का आरोप
  • पृथ्‍वी की निचली कक्षा में बढ़ रहा स्‍पेस कचरा
  • आरोप है कि चीन अपने कचरे को नियंत्रित नहीं कर रहा
विज्ञापन
लो-अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्‍वी की निचली कक्षा जोकि धरती से 400 किलोमीटर ऊपर मानी जाती है। वहां हजारों की संख्‍या में सैटेलाइट्स मौजूद हैं और पृथ्‍वी से कंट्रोल किए जा रहे हैं। इसी जगह पर ऐसे सैटेलाइट्स की भी भरमार है, जो ‘कचरा' हो गए हैं और एक ना एक दिन धरती पर गिरेंगे या गिराए जाएंगे। इस स्‍पेस कचरे से सावधानी पूर्वक निपटने की जिम्‍मेदारी हर उस देश की स्‍पेस एजेंसी लेती है, जो अंतरिक्ष में अपने मिशन भेजती है। पर क्‍या चीन अंतरिक्ष के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ रहा है? 

यह सवाल खड़ा हुआ है, क्‍योंकि चीन पर नियमों को तोड़ने का आरोप लग रहा है। साल 2022 में जब एक चीनी रॉकेट का बूस्‍टर अन‍ियंत्रित होकर धरती पर गिरा, तो अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा (Nasa) के चीफ बिल नेल्‍सन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि रॉकेट बूस्‍टर के गिरने से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, पर भविष्‍य के लिए खतरों के संकेत मिल गए। 

The Sun US से बातचीत में अंतरिक्ष मलबे के एक्‍सपर्ट प्रोफेसर जॉन एल. क्रैसिडिस ने अपनी चिंता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने कहा कि अंतरिक्ष से गिरने वाला मलबा समस्या पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि लो-अर्थ ऑर्बिट में परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट और मलबा, वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पृथ्वी पर आने वाली अधिकांश चीजें प्रशांत महासागर में एक निर्जन इलाके में कंट्रोल्‍ड तरीके से गिराई जाती हैं। इसमें कोई खतरा नहीं है। 

क्रैसिडिस ने आरोप लगाया कि चीन नियमों का पालन नहीं कर रहा। उसने अपने लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट फेज को कंट्राेल नहीं किया। दुनिया की बड़ी एजेंसियों के साथ उसके लैंडिंग रूट को भी शेयर नहीं किया, जो जोखिम पैदा करता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Skullcandy के लेटेस्ट वायरलैस हेडफोन Bose साउंड, ANC फीचर के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  2. Vu Glo Mini-LED TV भारत में लॉन्च: 65-इंच तक साइज और गेमिंग फीचर्स, कीमत ₹42 हजार से शुरू
  3. Moto Pad 70 Groove Sale: 9 स्पीकर सिस्टम वाले टैबलेट की सेल शुरू, ऐसे मिलेगा ₹4 हजार का डिस्काउंट
  4. इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा
  5. Jio, Airtel यूजर्स को 5G के लिए देने होंगे ज्यादा पैसे? क्या है 5G नेटवर्क स्लाइसिंग, कैसे होगी लागू, TRAI ने पेश किए सुझाव
  6. HP OmniPad 12 टैबलेट 13MP कैमरा, Snapdragon 6 Gen 3 के साथ लॉन्च, कितनी है कीमत
  7. Amazon Great Freedom Sale में ₹30000 में आने वाले टैबलेट पर बंपर डील
  8. AI की चपेट में Visa! 2,600 कर्मचारियों की गई नौकरी, भारत पर भी पड़ा असर
  9. Redmi Note 17 5G vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: ₹30K में कौन सा फोन है बेस्ट?
  10. WhatsApp को खतरा! AI एजेंट के जरिए हैकर्स कर सकते हैं बड़ा नुकसान
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »