Elon Musk ने बता दी मंगल ग्रह पर जाने की तारीख! 2026 से उड़ान भरेगा स्‍टारशिप रॉकेट

Starship Rocket Mars Launch : मस्‍क का मानना है कि अगर सबकुछ प्‍लानिंग के हिसाब से हुआ तो स्टारशिप रॉकेट दो साल बाद मंगल मिशन के लिए उड़ान भरना शुरू कर देगा।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 9 सितंबर 2024 12:33 IST
ख़ास बातें
  • Elon Musk को स्‍टारशिप रॉकेट से उम्‍मीद
  • दो साल में मंगल ग्रह पर मिशन लॉन्‍च होने की बात कही
  • दुनिया का सबसे भारी रॉकेट है स्‍टारशिप

स्‍टारशिप रॉकेट की पहली टेस्‍ट उड़ान नाकाम हो गई थी। अब जाकर कुछ कामयाबी मिली है।

Starship Rocket Mars Launch : अरबपति कारोबारी एलन मस्‍क (Elon Musk) मंगल ग्रह पर इंसानी मिशन भेजने के लिए बेहद उत्‍सुक हैं। उनकी कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) कई वर्षों से इस दिशा में प्रयास कर रही है। उसने दुनिया का सबसे भारी रॉकेट स्‍टारशिप (Starship) बनाया है, जिसे मंगल ग्रह तक भेजने का लक्ष्‍य है। हालांकि यह रॉकेट अभी टेस्टिंग के फेज में है। अब एलन मस्‍क ने बड़ी बात कही है। उनका मानना है कि अगर सबकुछ प्‍लानिंग के हिसाब से हुआ तो स्टारशिप रॉकेट दो साल बाद मंगल मिशन के लिए उड़ान भरना शुरू कर देगा।

एलन मस्‍क ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्‍ट में कहा कि मंगल ग्रह पर सेफ लैंडिंग से जुड़े परीक्षणों में एस्‍ट्रोनॉट्स को शामिल नहीं किया जाएगा। यानी शुरुआत में मिशन बिना क्रू के उड़ान भरेगा। अगर कामयाबी मिली तो मंगल ग्रह पर क्रू म‍िशन को अगले चार साल में भेजा जा सकता है। खास बात है कि मंगल ग्रह और पृथ्‍वी, इंटरप्‍लैनेटरी मिशन के लिए हर 26 महीने में एक बार निश्चित सीध में 
आते हैं।  
 

मस्‍क ने यह भी उम्‍मीद जताई कि एक बार सफलता मिलने के बाद फ्लाइट रेट यानी उड़ान भरने की दर तेज होगी। इसका मकसद अगले 20 साल में मंगल पर एक आत्‍मनिर्भर शहर का निर्माण करना है। 

स्‍टारशिप रॉकेट की पहली टेस्‍ट उड़ान नाकाम हो गई थी। कुछ सेकंडों में ही रॉकेट तबाह हो गया था। हालांकि मस्‍क ने हार नहीं मानी और स्‍पेसएक्‍स लगातार टेस्‍ट करती रही। स्‍टारशिप को अबतक चार बार उड़ाया गया है। हरेक परीक्षण के बाद इसमें सुधार देखा गया है। कंपनी अब पांचवीं उड़ान की तैयारी कर रही है, जिसमें सभी पहलुओं को परखा जाएगा।  
Advertisement
 

What is Starship Rocket 

स्टारशिप एक रीयूजेबल रॉकेट है। इसमें मुख्‍य रूप से दो भाग हैं। पहला है- पैसेंजर कैरी सेक्‍शन यानी जिसमें यात्री रहेंगे, जबकि दूसरा है- सुपर हैवी रॉकेट बूस्‍टर। स्‍टारशिप और बूस्‍टर को मिलाकर इसकी लंबाई 394 फीट (120 मीटर) है। जबकि वजन 50 लाख किलोग्राम है। जानकारी के अनुसार, स्टारशिप रॉकेट 1.6 करोड़ पाउंड (70 मेगान्यूटन) का थ्रस्ट उत्पन्न करने में सक्षम है। यह नासा के स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट से लगभग दोगुना अधिक है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. अब छूटेंगे हैकर्स के पसीने! WhatsApp में आया हाई-सिक्योरिटी फीचर, एक क्लिक में लग जाएगा लॉकडाउन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Hyundai की Creta Electric की बढ़ी चार्जिंग स्पीड, 100Kw फास्ट चार्जिंग को करेगी सपोर्ट
  2. Samsung Galaxy A57 में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, 6.6 इंच डिस्प्ले
  3. Redmi Note 15 Pro सीरीज कल होगी भारत में लॉन्च, तीन कलर्स के मिलेंगे ऑप्शन
  4. IIT जाने की तैयारी मुफ्त में कराएगा Google Gemini AI, ऐसे शुरू करें JEE एग्जाम प्रेप
  5. Samsung Galaxy S26 सीरीज में मिल सकती है सैटेलाइट कनेक्टिविटी, US FCC पर हुई लिस्टिंग
  6. आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
  7. धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
  8. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  9. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  10. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.