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पृथ्‍वी का ‘चुंबकीय उत्तरी ध्रुव’ खिसक रहा, कनाडा से पहुंच गया रूस! जानें पूरा मामला

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि पृथ्‍वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव तेजी के साथ रूस की तरफ खिसक रहा है।

पृथ्‍वी का ‘चुंबकीय उत्तरी ध्रुव’ खिसक रहा, कनाडा से पहुंच गया रूस! जानें पूरा मामला

चुंबकीय उत्तरी ध्रुव की स्थिति हमारी पृथ्‍वी के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से तय होती है, जो लगातार मूव होता है।

ख़ास बातें
  • पृथ्‍वी का ‘चुंबकीय उत्तरी ध्रुव’ खिसक रहा
  • 400 किलोमीटर बदल गई है पोजिशन
  • कनाडा से रूस तक पहुंच गया है
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ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि पृथ्‍वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव (magnetic north pole) तेजी के साथ रूस की तरफ खिसक रहा है। पांच साल पहले यह जहां था, वहां से अब साइबेरिया के करीब पहुंच गया है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञ कई सदियों से पृथ्‍वी के चुंबकीय उत्तरी ध्रुव को ट्रैक कर रहे हैं। इसे वर्ल्‍ड मैग्‍नेटिक मॉडल का इस्‍तेमाल करके ट्रैक किया जाता है। ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे और NOAA ने मिलकर वर्ल्‍ड मैग्‍नेटिक मॉडल को बनाया है। यह चुंबकीय उत्तरी ध्रुव की पोजिशन बताता है। दिसंबर में यह पता चला था कि चुंबकीय उत्तरी ध्रुव अब साइबेरिया के करीब पहुंच गया है और लगातार रूस की तरफ शिफ्ट हो रहा है। 

यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि चुंबकीय उत्तरी ध्रुव हमारी पृथ्‍वी के भौगोलिक उत्तरी ध्रुव से अलग है। भौगोलिक उत्तरी ध्रुव एक ही जगह पर रहता है। वहीं, चुंबकीय उत्तरी ध्रुव की स्थिति हमारी पृथ्‍वी के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से तय होती है, जो लगातार मूव होता है।  

वैज्ञानिकों ने देखा है कि हाल के वर्षों में मैग्‍नेटिक फील्‍ड का मूवमेंट अप्रत्‍याशित है। कभी इसमें तेजी आती है तो कभी यह धीमा हो जाता है। वैज्ञानिक इस बिहेवियर के बारे में बताने में असमर्थ हैं। 

इतिहास में झांकें तो ब्रिटिश एक्‍सप्‍लोरर सर जेम्‍स क्‍लार्क रोस ने मैग्‍नेटिक नॉर्थ पोल का पता 1831 में लगाया था। तब वह उत्तरी कनाडा में था। तब से यह रूस की तरफ शिफ्ट हो रहा है। 1931 के बाद से इसकी पोजिशन 400 किलोमीटर बदल गई है। 

आमतौर पर यह सालाना 10 किलोमीटर की रफ्तार से मूव कर रहा है। 1990 में इसमें तेजी आ गई थी और तब यह 15 किलोमीटर सालाना की रफ्तार से 55 किलोमीटर सालाना की स्‍पीड से श‍िफ्ट होने लगा था। 2015 में यह स्‍पीड 35 किलोमीटर सालाना पर आ गई। रूस की तरफ यह श‍िफ्ट अब कम स्‍पीड से हो रहा है। 
 
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