• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Covid 19 से बनने वाली जोम्बी कोशिका बूढ़ा करती हैं दिमाग! डॉक्टरों ने ढूंढा इलाज

Covid-19 से बनने वाली जोम्बी कोशिका बूढ़ा करती हैं दिमाग! डॉक्टरों ने ढूंढा इलाज

वैज्ञानिकों ने इसके लिए सिंथेटिक ब्रेन ऑर्गेनॉइड मॉडल तैयार किए जो लैब में मानव के स्टेम सेल्स से तैयार किए गए थे।

Covid-19 से बनने वाली जोम्बी कोशिका बूढ़ा करती हैं दिमाग! डॉक्टरों ने ढूंढा इलाज

Covid-19 से संबंधित नई रिसर्च सामने आई है

ख़ास बातें
  • Covid-19 से संबंधित नई रिसर्च सामने आई है
  • कोरोना के दिमाग पर हुए प्रभाव को लौटाया जा सकता है
  • चार दवाएं ऐसी हैं जो कोरोना प्रभावित सेल्स को खत्म कर सकती हैं
विज्ञापन
कोरोना महामारी की काली यादें अभी बहुत से लोगों के जहन में होंगी। कोरोना ने दुनियाभर में कोहराम मचाया। अब महामारी भले ही खत्म हो चुकी है लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इस वायरस पर शोध कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के वैज्ञानिकों को एक नई उपलब्धि हासिल हुई है। Covid-19 से संबंधित नई रिसर्च सामने आई है जिसमें कहा गया है कि कोरोना के कारण दिमागी सेल्स में जो एजिंग प्रोसेस ट्रिगर की गई थी, उसे वापस मोड़ा जा सकता है। यानी कि कोरोना के दिमाग पर हुए प्रभाव को लौटाया जा सकता है। 

वैज्ञानिकों ने इसके लिए सिंथेटिक ब्रेन ऑर्गेनॉइड मॉडल तैयार किए जो लैब में मानव के स्टेम सेल्स से तैयार किए गए थे। रिसर्च में उन्होंने पाया कि चार दवाएं ऐसी हैं जो कोरोना के कारण शुरू हुई सेल्यूलर प्रोसेस को वापस मोड़ सकती हैं। कोरोना के कारण हुई इस इस सेल्यूलर प्रोसेस से दिमाग जल्दी बूढ़ा होने लगता है। लेकिन अब इसकी रोकथाम संभव हो सकती है जिससे कि दिमाग को जल्दी बूढ़ा होने से बचाया जा सकता है। 

यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट फॉर बायोइंजीनियरिंग एंड नैनो टेक्नोलॉजी (AIBN) के डॉ. जूलियो अगुआडो के अनुसार, कोविड-19 इंफेक्शन जोंबी सेल्स की संख्या को तेजी से बढ़ाता  है। ये बढ़ती उम्र के साथ दिमाग में और ज्यादा तेजी से जमा होने लगती हैं। ये ऐसी कोशिकाएं होती हैं जो टिश्यू इंफ्लेमेशन को जन्म देती हैं जिससे पेशेंट के दिमाग में ब्रेन फॉग और मैमोरी लॉस जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। 

रिलीज में बताया गया है कि शोधकर्ताओं को 4 दवाईयां मिली हैं जो कोविड 19 के कारण प्रभावित हुई कोशिकाओं को दिमाग से खत्म कर सकती हैं। इनके नाम हैं- navitoclax, ABT-737, fisetin, और dasatinib plus quercetin (D+Q) को मिलाकर बनाया गया एक कॉकटेल ड्रग। इन दवाईयों ने दिमाग को फिर से जवान होने में मदद की। साथ ही न्यूरोडीजेनेरटिव लक्षणों को कम कर दिया। शोघकर्ताओं ने कहा है कि अभी इस मैकेनिज्म को पूरी तरह से समझने के लिए और गहराई से रिसर्च करने की आवश्यकता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: COVID, zombie, zombie cells
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर्स के खिलाफ फ्रॉड का मामला हुआ खारिज, नहीं मिला कोई सबूत
  2. सिंगल चार्ज में 42 घंटे चलने वाले वायरलेस हेडफोन Unix ने किए लॉन्च, जानें कीमत
  3. IPL की शुरुआत से पहले विदेशी गैर कानूनी गेमिंग ऐप्स का फैला नेटवर्क
  4. 22W चार्जिंग के साथ Ubon ने थ्री-इन-वन चार्जिंग स्टेशन किया लॉन्च, जानें कीमत
  5. Samsung Galaxy A57 5G के साथ नया नवेला Exynos 1680 चिप लॉन्च, दमदार AI और कैमरा परफॉर्मेंस!
  6. अब फोटो से वीडियो बनाएगा Snapchat, AI Clips फीचर लॉन्च, ऐसे करें यूज
  7. Instagram ने जोड़े दो कमाल के फीचर! रील देखने वालों की मौज
  8. Samsung ने भारत में लॉन्च किए Galaxy A57 5G और Galaxy A37 5G, जानें कीमत
  9. Vivo T5 Pro में मिल सकती है 9,020mAh की बैटरी, जल्द होगा भारत में लॉन्च
  10. अब घर बैठे देखें Avatar: Fire and Ash, डेट और OTT प्लेटफॉर्म दोनों कन्फर्म
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »