• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Elon Musk की इंटरनेट कंपनी स्‍टारलिंक को बर्बाद करना चाहता है चीन! बना रहा प्‍लान

Elon Musk की इंटरनेट कंपनी स्‍टारलिंक को बर्बाद करना चाहता है चीन! बना रहा प्‍लान

जिस डॉक्‍युमेंट में यह कहा गया है, वह पेपर पिछले महीने चाइना मॉडर्न डिफेंस टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

Elon Musk की इंटरनेट कंपनी स्‍टारलिंक को बर्बाद करना चाहता है चीन! बना रहा प्‍लान

साल 2019 में कंपनी ने पहली बार स्टारलिंक सैटेलाइट्स को लॉन्‍च किया था।

ख़ास बातें
  • चीन इसे अपने लिए खतरे के तौर पर देख रहा है
  • चीनी रिसर्चर स्‍टा‍रलिंक की संभावित सैन्‍य क्षमताओं को लेकर चिंतित हैं
  • चीनी सैटेलाइट्स के बर्बाद होने का डर है
विज्ञापन
अरबपति ‘एलन मस्‍क' की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) अपने स्टारलिंक सैटेलाइट सिस्‍टम के जरिए दुनियाभर में सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाने पर काम कर रही है। हालांकि चीन इसे अपने लिए खतरे के तौर पर देख रहा है। चीनी मिलिट्री रिसर्चर्स ने स्‍टारलिंक के सैटेलाइट सिस्‍टम को बर्बाद करने के लिए एक ‘हार्ड किल' हथियार डेवलप करने की बात कही है, अगर यह सिस्‍टम चीन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होता है। जिस डॉक्‍युमेंट में यह कहा गया है, वह पेपर पिछले महीने चाइना मॉडर्न डिफेंस टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है। 

livescience की रिपोर्ट के अनुसार, स्टारलिंक को एलन मस्क की स्पेसएक्स ने दुनियाभर में ब्रॉडबैंड सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाने के मकसद से डेवलप किया है। साल 2019 में कंपनी ने पहली बार स्टारलिंक सैटेलाइट्स को लॉन्‍च किया था। अबतक 2,300 से ज्‍यादा सैटेलाइट्स को लो-अर्थ ऑर्बिट में पहुंचाया गया है। कंपनी की योजना कुल 42,000 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने की है।

चीनी रिसर्चर इन उपग्रहों की संभावित सैन्‍य क्षमताओं को लेकर चिंतित हैं। उनका दावा है कि इनका इस्‍तेमाल हाइपरसोनिक मिसाइलों को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है। अमेरिकी ड्रोन्‍स व स्टील्थ फाइटर जेट्स की डेटा ट्रांसमिशन स्‍पीड बढ़ाई जा सकती है। चीनी सैटेलाइट्स को बर्बाद करने का भी डर है। स्‍टारलिंक के सैटेलाइट्स को लेकर चीन ने पिछले साल संयुक्‍त राष्‍ट्र को भी पत्र लिखा था।  

यही वजह है कि बीजिंग इंस्टि‍ट्यूट ऑफ ट्रैकिंग एंड टेलीकम्युनिकेशंस के एक रिसर्चर रेन युआनजेन के नेतृत्व में रिसर्चर्स ने हार्ड किल हथियार की बात कही है। हार्ड और सॉफ्ट किल अंतरिक्ष हथियारों की दो कैटिगरी हैं। हार्ड किल ऐसे हथियार हैं सीधे अपने टार्गेट पर हमला करते हैं जैसे-मिसाइल। वहीं, सॉफ्ट किल हथियारों में जैमिंग और लेजर वेपन को शामिल किया जाता है। 

सैटेलाइट्स को डिसेबल करने के लिए चीन के पास पहले से ही कई तरीके हैं। इनमें माइक्रोवेव जैमर शामिल हैं, जो कम्‍युन‍िकेशंस को बाधित कर सकते हैं। हालांकि रिसर्चर्स का कहना है कि ये उपाय अलग-अलग सैटेलाइट्स के खिलाफ असरदार हैं, लेकिन स्टारलिंक को बर्बाद करने के लिए काफी नहीं हैं। स्टारलिंक में डीसेंट्रलाइज्‍ड सिस्‍टम है। रिसर्चर्स के अनुसार, स्टारलिंक सिस्‍टम पर हमले के लिए हमें कुछ लो-कॉस्‍ट और बेहतर रिजल्‍ट वाले उपायों की जरूरत होगी।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: SpaceX, Starlink, China, Elon Musk, Research, hard kill
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. OTP ठगी रोकने के लिए Airtel का AI एक्शन, कॉल के वक्स तुरंत मिलेगा फ्रॉड वार्निंग अलर्ट!
  2. 2126 में बंद हो जाएगी Google? 100 साल का कर्ज लेकर क्या बड़ा प्लान बना रही है कंपनी
  3. खुशखबरी! PF अकाउंट से पैसे निकालना आसान! EPFO ला रहा UPI ऐप, जानें कैसे करेगा काम
  4. iPhone 16 खरीदें Rs 8000 सस्ता! यहां मिल रहा गजब ऑफर
  5. Bharti Airtel, Reliance Jio के मोबाइल सब्सक्राइबर्स में बढ़ोतरी, BSNL को हुआ नुकसान
  6. iQOO Z11 सीरीज के नए मॉडल्स में हो सकती है 9,000mAh की बैटरी
  7. Honor 600 Lite में मिल सकता है MediaTek Dimensity 7100 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  8. iQOO 15R में होगी 1.5K AMOLED स्क्रीन, 7,600mAh की बैटरी
  9. आगे 100MP, पीछे डुअल 200MP? बदलने वाली है मोबाइल फोटोग्राफी!
  10. Pixel 10a के लॉन्च से पहले लीक हुई कीमत, इस तारीख को दे रहा है भारत में दस्तक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »