• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • आ..छी..! बेबी तारों को भी आती है ‘छींक’, नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने किया दावा

आ..छी..! बेबी तारों को भी आती है ‘छींक’, नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने किया दावा

Baby stars sneeze : तारों की छींक असल में एक विस्‍फोट है। यह तारों के डेवलपमेंट का अहम भाग है।

आ..छी..! बेबी तारों को भी आती है ‘छींक’, नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने किया दावा

Photo Credit: space.com

तारों की इस ‘छींक’ का पता जापान में क्यूशू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने लगाया है।

ख़ास बातें
  • बेबी स्‍टार्स को भी आती है छींक
  • यह एक तरह का विस्‍फोट है
  • इसमें गैस के अलावा चुंबकीय ऊर्जा होती है रिलीज
विज्ञापन
जन्‍म के बाद बच्‍चा जब पहली बार छींकता है, तो माता-पिता को चिंता होती है कि उसे ठंड तो नहीं लग गई। रिसर्चर्स को अब पता लगा है कि सिर्फ इंसान ही नहीं, बेबी स्‍टार्स (baby stars) भी ‘छींकते' हैं। तारों के ‘छींकने' से गैस, धूल और चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है। आसान शब्‍दों में समझना हो तो बेबी स्‍टार्स में होने वाली यह प्रक्रिया हमारे ब्रह्मांड के लिए फायदेमंद है। स्‍पेसडॉटकॉम की एक रिपोर्ट में इस बारे में विस्‍तार से बताया गया है। 

तारों की छींक असल में एक विस्‍फोट है। यह तारों के डेवलपमेंट का अहम भाग है और वैज्ञानिकों को उस तारे के बारे में नई जानकारी देने में मदद करता है जैसे- शायद वह तारा भी‍ भविष्‍य में कभी ग्रहों से घिरा हुआ होगा। 

तारों की इस ‘छींक' का पता जापान में क्यूशू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने लगाया है। उन्‍होंने गैस और धूल की डिस्क को स्‍टडी करने के लिए अटाकामा लार्ज मिलिमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) का इस्‍तेमाल किया। 

पता चला कि एक डिस्‍क बेबी स्‍टार्स को घेरे रखती हैं और भविष्‍य में ग्रहों के निर्माण में भी मदद करती हैं। यह रिसर्च द एस्‍ट्रोफ‍िजिकल जर्नल में पब्लिश हुई है। 
 

कब जन्‍म लेते हैं तारे

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मांड में मौजूद मटीरियल के घने और ठंडे पैच जब वहां मौजूद गैसों और धूल के बादलों में जमा होते हैं, तो उससे बनने वाले गुच्‍छों में द्रव्‍यमान जमा होना शुरू हो जाता है। इसी प्रक्रिया में धीरे-धीरे एक डिस्‍क से घिरे प्रोटोस्‍टार का जन्‍म होता है। प्रोटोस्‍टार या बेबी स्‍टार लगातार द्रव्‍यमान बढ़ाते हैं। ऐसा तब तक होता है जब तक कि उनके कोर पर बहुत ज्‍यादा प्रेशर नहीं हो जाता। इस तरह एक तारे या सूर्य का निर्माण होता है। 

बहरहाल, बेबी स्‍टार्स की छींक यानी उनमें होने वाले विस्‍फोट का पता लगाने के लिए रिसर्चर्स ने MC 27 पर फोकस किया। यह पृथ्वी से लगभग 450 प्रकाश वर्ष दूर स्थित तारों की एक नर्सरी है। रिसर्चर्स ने जो जानकारी जुटाई है, उन्‍हें लगता है कि इससे वैज्ञानिक कम्‍युनिटी तारों के बनने के समय होने वाली प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेगी।  

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Baby Stars, sneeze, protostar, STAR, Science News, Research

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ जाएगी, बस करना होगा ये छोटा सा काम
  2. Motorola Signature मिल रहा ₹5000 से ज्यादा सस्ती कीमत में, जानें पूरा ऑफर
  3. Poco M8x 5G vs Oppo A6c vs Samsung Galaxy M17 5G: जानें ₹20 हजार में कौन सा है बेस्ट?
  4. Xiaomi 18 Fold लॉन्च से पहले हो गया लीक, मिल सकती है 6000mAh बैटरी, 200MP कैमरा!
  5. Samsung लाई दुनिया का पहला 16 इंच बड़ा 300Hz OLED डिस्प्ले पैनल, बदल सकता है लैपटॉप गेमिंग की दुनिया!
  6. Vivo का सस्ता फोन लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा, 8100mAh बैटरी के साथ, IP69 रेटिंग
  7. 5G सिग्नल रोक रहा है आपके किचन में यूज होने वाला Aluminium Foil? जानें इसके पीछे की कहानी
  8. Honor Turbo 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 8560mAh बैटरी, IP69 रेटिंग
  9. ChatGPT आपका दिमाग 'खराब' कर देगा! रिसर्च में हुआ गंभीर खुलासा
  10. Upcoming Smartphones: 10,000mAh बैटरी के साथ Vivo, Oppo, Xiaomi के ये अपकमिंग स्मार्टफोन मचाएंगे तहलका!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »