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स्मार्टफोन की शिपमेंट्स में Samsung का पिछले वर्ष पहला रैंक, Apple चौथी तिमाही में आगे

अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी Apple ने चौथी तिमाही में 25 प्रतिशत के मार्केट शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया

स्मार्टफोन की शिपमेंट्स में Samsung का पिछले वर्ष पहला रैंक, Apple चौथी तिमाही में आगे

एपल ने चौथी तिमाही में अपना मार्केट शेयर बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर लिया

ख़ास बातें
  • सैमसंग पिछले वर्ष कुल शिपमेंट्स में सबसे आगे रही
  • एपल ने चीन में प्रोडक्शन पर असर पड़ने के बावजूद सेल्स बढ़ाई है
  • Xiaomi ने 11 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान हासिल किया
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पिछले वर्ष की चौथी तिमाही में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 17 प्रतिशत की गिरावट हुई है। iPhone 14 सीरीज की भारी डिमांड के कारण Apple ने चौथी तिमाही में 25 प्रतिशत से अधिक के मार्केट शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया। यह कंपनी का अभी तक का तिमाही का सबसे अधिक मार्केट शेयर है। इसके बाद Samsung लगभग 20 प्रतिशत के मार्केट शेयर के साथ रही। हालांकि, सैमसंग पिछले वर्ष कुल शिपमेंट्स में सबसे आगे रही। 

मार्केट रिसर्च फर्म Canalys की रिपोर्ट में बताया गया है कि चौथी तिमाही में स्मार्टफोन की ग्लोबल शिपमेंट्स में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 17 प्रतिशत की कमी हुई है। पूरे वर्ष में शिपमेंट्स 11 प्रतिशत घटकर 1.2 अरब यूनिट्स से कम रही। इसके पीछे स्लोडाउन एक बड़ा कारण है। iPhone 14 सीरीज के सितंबर में लॉन्च के साथ एपल चौथी तिमाही में शिपमेंट्स में टॉप पर रही। चीन के प्लांट में मुश्किलों के कारण प्रोडक्शन पर असर पड़ने के बावजूद एपल ने चौथी तिमाही में अपना मार्केट शेयर बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर लिया। यह आंकड़ा इससे पिछले वर्ष की समान तिमाही में लगभग 20 प्रतिशत का था। हालांकि, पूरे वर्ष में शिपमेंट्स के लिहाज से एपल लगभग 19 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। 

चौथी तिमाही में चीन की बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों को मार्केट शेयर में फायदा नहीं हुआ। Xiaomi ने 11 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। कंपनी का इससे पिछले वर्ष की इसी तिमाही में मार्केट शेयर 13 प्रतिशत का था। भारत में बिक्री पर असर पड़ने के कारण कंपनी को मार्केट शेयर का नुकसान हुआ है। Canalys का कहना है कि पिछले वर्ष स्मार्टफोन कंपनियों को मैक्रो इकोनॉमिक स्थितियां मुश्किल होने के कारण नुकसान हुआ है। चौथी तिमाही स्मार्टफोन मार्केट के लिए एक दशक में सबसे खराब रही।

एपल ने पिछले वर्ष अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत से 2.5 अरब डॉलर से अधिक के iPhones का एक्सपोर्ट किया है। यह पिछले वर्ष कंपनी के भारत से कुल एक्सपोर्ट का लगभग दोगुना है। इससे एपल के चीन में मुश्किलों के कारण अपने डिवाइसेज के प्रोडक्शन को शिफ्ट करने में तेजी लाने का संकेत मिल रहा है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती नौ महीनों में एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों Foxconn और Wistron प्रत्येक ने देश से एक अरब डॉलर से अधिक के डिवाइसेज का एक्सपोर्ट किया है। 

 
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नित्या पी नायर

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