Trai Rule

Trai Rule - ख़बरें

  • Jio, Airtel यूजर्स को 5G के लिए देने होंगे ज्यादा पैसे? क्या है 5G नेटवर्क स्लाइसिंग, कैसे होगी लागू, TRAI ने पेश किए सुझाव
    Jio, Airtel जैसी कंपनियां जल्द ही यूजर्स को 4G, 5G के लिए अलग-अलग प्लान्स की पेशकश कर सकती हैं। दरअसल काफी समय से टेलीकॉम कंपनियां 5जी नेटवर्क स्लाइसिंग (5G Network Slicing) को लागू करने की जल्दी में थीं। अब टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 5G नेटवर्क स्लाइसिंग में सर्विस क्वालिटी के लिए एक रेगुलेटरी फ़्रेमवर्क प्रस्तावित किया है।
  • TRAI से क्यों भिड़ गया Truecaller? स्पैम कॉल्स को लेकर छिड़ी नई बहस
    Truecaller ने भारत के टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI की एंटी-स्पैम नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कंपनी का कहना है कि 1400 और 1600 नंबर सीरीज पर लागू नियमों के कारण वह कम्युनिटी-रिपोर्टेड स्पैम जानकारी नहीं दिखा पा रही है, जिससे यूजर्स का भरोसा कम हो रहा है। Truecaller के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इन नंबरों से आने वाली बड़ी संख्या में कॉल्स को यूजर्स ने नजरअंदाज या ब्लॉक किया है। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक TRAI कॉलर आईडी ऐप्स पर निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अधिकार भी चाहता है।
  • जबरन नहीं लेना पड़ेगा डेटा, TRAI के इन नए नियमों से बढ़ेगी टेलीकॉम कंपनियों की टेंशन!
    TRAI ने टेलीकॉम यूजर्स के लिए नया ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें वॉयस और SMS-ओनली प्लान्स को लेकर बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इसके तहत कंपनियों को हर वैलिडिटी पीरियड में ऐसे प्लान्स देने होंगे और उनकी कीमत में प्रोपोर्शनल कमी करनी होगी। इसका मकसद उन यूजर्स को राहत देना है जो डेटा का इस्तेमाल नहीं करते। फिलहाल यह प्रस्ताव पब्लिक कंसल्टेशन के लिए जारी किया गया है और 28 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं।
  • इंश्योरेंस से जुड़े स्कैम को रोकने के लिए TRAI ने लागू किया नया रूल
    इस रूल के तहत, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) की ओर से रेगुलेटेड सभी एंटिटीज को सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए '1600' सीरीज के नंबर्स का इस्तेमाल करना होगा। इसका उद्देश्य वैध सर्विस और ट्रांजैक्शंस से जुड़ी कॉल्स की पहचान करना है। लगभग 570 एंटिटीज ने नई नंबरिंग सीरीज का इस्तेमाल शुरू किया है।
  • WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर करना होगा प्रत्येक छह घंटे में लॉगिन, जल्द लागू होगा रूल!
    इससे यह पक्का किया जा सकेगा कि जो व्यक्ति किसी कम्युनिकेशन ऐप पर वेब सेशन का इस्तेमाल कर रहा है वह उस एकाउंट से जुड़े SIM का वास्तविक एक्सेस रखता है। इससे दूरदराज के इलाकों से आपराधिक गतिविधियों को चलाने वाले स्कैमर्स पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इस प्रकार का एक सिक्योरिटी फीचर Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट सर्विसेज से जुड़े ऐप्स में पहले से एक स्टैंडर्ड के तौर पर मौजूद है।
  • स्पैम कॉल्स और मैसेज पर TRAI के रूल्स से नाराज टेलीकॉम कंपनियां
    टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि इन रूल्स से कुछ आशंकाओं का समाधान नहीं होगा। प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने कहा है कि इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एक विस्तृत नजरिए की जरूरत है। अगर ऐसी पेनल्टी लगाने की जरूरत है तो वह टेलीकॉम कंपनियों पर नहीं ब्लकि स्पैम कॉल्स और मैसेज करने वालों पर लगाया जाना चाहिए।
  • स्पैम कॉल्स की गलत रिपोर्ट देना टेलीकॉम कंपनियों को पड़ेगा भारी, TRAI लगाएगा जुर्माना
    TRAI के नए रूल्स के तहत स्पैम कॉल्स और मैसेज की गलत रिपोर्ट देने वाली टेलीकॉम कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही TRAI ने सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए कॉल्स की बहुत अधिक संख्या, कॉल की कम अवधि और इनकमिंग से आउटगोइंग कॉल्स की कम रेशो जैसे मापदंडों के आधार पर कॉल और SMS का एनालिसिस करना अनिवार्य किया है।
  • वैलिडिटी खत्‍म होते ही रिचार्ज कराने की टेंशन खत्‍म, ट्राई ने दिया 90 दिनों का मौका! जानें
    ट्राई के नए नियम के अनुसार, अब कोई भी सिम कार्ड रिचार्ज खत्‍म होने के 90 दिनों तक एक्टिव रहेगा। यानी लोग 3 महीने तक रिचार्ज नहीं करा पाए तब भी सिम एक्टिव रहेगा और कंपनी उसे दूसरे ग्राहक को ट्रांसफर नहीं कर पाएगी। इससे लोगों को बार-बार फोन रिचार्ज नहीं करना होगा।
  • TRAI के नए रूल से रिचार्ज नहीं कराने पर भी इतने महीने तक रहेगी SIM की वैलिडिटी....
    टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने SIM की वैलिडिटी से जुड़े नए रूल्स जारी किए हैं। इन रूल्स के तहत, कुछ महीने तक रिचार्ज नहीं करने पर भी मोबाइल कनेक्शन बंद नहीं होगा। विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के लिए रिचार्ज नहीं कराने पर SIM के वैलिड रहने की अवधि भी अलग है। Reliance Jio के सब्सक्राइबर्स बिना रिचार्ज के SIM को 90 दिनों तक एक्टिव रख सकेंगे। इसके बाद रिचार्ज कराने की जरूरत होगी।
  • टेलीकॉम कंपनियों के लिए जरूरी हुआ केवल कॉल्स और SMS का अलग टैरिफ प्लान पेश करना
    इससे डेटा का इस्तेमाल नहीं करने वाले कस्टमर्स को कुछ अधिक भुगतान करना पड़ता है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने रूल्स में बदलाव कर टेलीकॉम कंपनियों के लिए वॉयस कॉल्स और SMS के लिए अलग टैरिफ प्लान उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया है। सर्विस प्रोवाइडर को वॉयस कॉल्स और SMS के लिए न्यूनतम एक स्पेशल टैरिफ वाउचर की पेशकश करनी होगी, जिसकी वैधता की अवधि 365 दिन से अधिक नहीं होगी।
  • स्पैम कॉल्स को रोकने में नाकाम होने पर Airtel, Reliance Jio, BSNL पर लगा भारी जुर्माना
    टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशंस (TCCCPR) के तहत इन कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। हाल ही में TRAI ने स्पैम कॉल्स और मैसेज से निपटने में नाकाम रहने पर लगभग 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। पिछले जुर्माने को जोड़कर, जुर्माने की कुल रकम लगभग 141 करोड़ रुपये की है। TRAI ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) से इस जुर्माने की वसूल का निवेदन किया है।
  • BSNL ने गंवा दिया मौका! नंबर पोर्ट कराकर खुश नहीं लोग, लौटने लगे Jio, Airtel की तरफ
    इस साल जुलाई में जब प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने प्रीपेड और पोस्‍टपेड मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में इजाफा किया, तो लोगों ने इसे गंभीरता से लिया। महंगे रिचार्ज कराने के बजाए यूजर्स ने सरकारी कंपनी बीएसएनएल (BSNL) में अपना नंबर पोर्ट कराना शुरू किया। लेकिन अब फ‍िर से लोग प्राइवेट कंपनियों में नंबर पोर्ट करा रहे हैं।
  • आपके मोबाइल पर 11 दिसंबर से स्पैम मैसेज की होगी छुट्टी, TRAI का नया रूल्स होगा लागू
    नए सिस्टम से मैसेज भेजने वाले व्यक्ति से लेकर इसकी डिलीवरी तक को ट्रैक किया जा सकेगा। इससे मैसेज भेजने में टेलीमार्केटर्स और अन्य पार्टीज के शामिल होने का पता लग सकेगा। TRAI ने बताया है कि इस रूल से वन-टाइम पासवर्ड (OTP) जैसे महत्वपूर्ण मैसेज को प्राप्त करने में देरी नहीं होगी। इस रूल से स्पैम मैसेज को घटाने में सहायता मिलेगी।
  • अगले महीने से OTP मिलने में नहीं होगी देरी, TRAI ने दिया आश्वासन
    पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह गलत जानकारी फैलाई जा रही थी कि अगले महीने से OTP मैसेजेज की डिलीवरी में मुश्किल होगी। TRAI ने बताया है कि ऐसे मैसेज की समय पर डिलीवरी में कोई रुकावट नहीं होगी। पिछले कुछ महीनों में टेलीकॉम रेगुलेटर ने सायबरक्राइम की बढ़ती समस्या पर लगाम लगाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं।
  • क्‍या 1 नवंबर से OTP नहीं आएंगे? Jio, Airtel, Vi ने दी चेतावनी, जानें पूरा मामला
    क्‍या आने वाले दिनों में ऑनलाइन लेनदेन में रुकावट आ सकती है? दरअसल, ऑनलाइन लेनदेन और अन्‍य तमाम सेवाओं में ओटीपी (OTP) का इस्‍तेमाल किया जाता है। जब ओटीपी दर्ज हो, तभी लेनदेन पूरा होता है। इसकी जगह एक नई सेफ्टी मैथड लाने की तैयारी हो रही है, जिससे धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। अब टेलिकॉम कंपनियों ने चेतावनी दी है कि नया निर्देश 1 नवंबर से उन कामों में रुकावट डाल सकता है, जिनमें ओटीपी जरूरी है।

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