• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • SpaceX ने अंतरिक्ष में छोड़े 48 नए सैटेलाइट, 5 हजार के लगभग पहले ही लगा रहे धरती का चक्कर!

SpaceX ने अंतरिक्ष में छोड़े 48 नए सैटेलाइट, 5 हजार के लगभग पहले ही लगा रहे धरती का चक्कर!

Starlink सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करवाती है।

SpaceX ने अंतरिक्ष में छोड़े 48 नए सैटेलाइट, 5 हजार के लगभग पहले ही लगा रहे धरती का चक्कर!

Photo Credit: Space.com

Starlink सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करवाती है।

ख़ास बातें
  • SpaceX अब तक 4700 स्टारलिंक सैटेलाइट लॉन्च कर चुकी है।
  • एस्ट्रॉनॉमर यानि कि खगोल वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट पर आपत्ति जताई है।
  • Starlink सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करवाती है।
विज्ञापन
SpaceX ने अंतरिक्ष में 48 नए सैटेलाइट छोड़े हैं जो पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किए गए हैं। ये सैटेलाइट Starlink इंटरनेट सैटेलाइट्स के बेड़े में शामिल किए गए हैं। कंपनी ने 7 जुलाई को इन्हें अंतरिक्ष में भेजा है। ये सभी 48 सैटेलाइट Falcon 9 रॉकेट द्वारा ले जाए गए थे। जो कि कैलिफॉर्निया के वेंडनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से उड़ा था। 

Starlink इंटरनेट सैटेलाइट्स में 48 नए सैटेलाइट्स जुड़ गए हैं। SpaceX ने 7 जुलाई को इन्हें पृथ्वी के लोअर ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है। कंपनी ने ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। SpaceX अब तक 4700 स्टारलिंक सैटेलाइट लॉन्च कर चुकी है। इनमें से अधिकतर सैटेलाइट अपना काम करना शुरू कर चुके हैं। इसके अलावा आने वाले समय में कंपनी और सैटेलाइट्स इसमें जोड़ने वाली है। कंपनी के पास 12 हजार और सैटेलाइट्स को लोअर अर्थ ऑर्बिट में स्थापित करने का अप्रूवल है। इसके ऊपर यह 30 हजार और सैटेलाइट स्थापित करेगी जिसके लिए कंपनी ने अप्रूवल रिक्वेस्ट भेजी हुई है। 

बता दें कि Starlink सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करवाती है। यानि कि इंटरनेट कनेक्शन धरती पर तारों के जरिए नहीं, बल्कि सैटेलाइट के माध्यम से चलता है। इससे दुनिया के उन हिस्सों तक भी इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है जहां पर तारों से यह पहुंचाना संभव नहीं है। लेकिन कंपनी के लिए कुछ मुश्किलें भी सामने आ रही हैं। 

एस्ट्रॉनॉमर यानि कि खगोल वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट पर आपत्ति जताई है। ट्रांसकॉन्टिनेंटल की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने ज्यादा सैटेलाइट पृथ्वी को घेरे हुए हैं कि रात में वैज्ञानिकों को अपने ऑब्जर्वेशन करने में भी परेशानी होती है। इससे वैज्ञानिक शोधों की सटीकता और गुणवत्ता में कमी आ रही है। इसके अलावा उन्होंने इस बात के लिए भी चिंता जाहिर की है कि लम्बे समय के स्पेस अभियान इन सैटेलाइट्स के चलते सफल नहीं हो सकते हैं। क्योंकि स्टारलिंक और अन्य सैटेलाइट्स की भीड़ होने के कारण स्पेस में टक्कर होने का खतरा पैदा हो रहा है। इससे अंतरिक्ष में कचरा बढ़ रहा है जिससे कि स्पेसक्राफ्ट भी खतरे में आ सकते हैं। 
1kp8e3io

स्टारलिंक के 4700 के लगभग सैटेलाइट पहले ही पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे हैं। (प्रतीकात्मक फोटो))
Photo Credit: Space.com

हालांकि स्टारलिंक ने पिछले 6 महीनों में 25 हजार ऐसे अभियान चलाए हैं जिनमें कि टकराव से बचाव का अभ्यास किया गया है। कंपनी अभी और भी सैटेलाइट लॉन्च करेगी जिसके बाद इस तरह के अभ्यासों की संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है। स्टारलिंक सैटेलाइट्स की बढ़ती संख्या एक तरफ जहां ग्लोबल इंटरनेट कनेक्टिवटी के लिए लाभकारी है, तो दूसरी ओर इसके खतरे भी सामने आ रहे हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Hyundai की Creta Electric की बढ़ी चार्जिंग स्पीड, 100Kw फास्ट चार्जिंग को करेगी सपोर्ट
  2. Samsung Galaxy A57 में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, 6.6 इंच डिस्प्ले
  3. Redmi Note 15 Pro सीरीज कल होगी भारत में लॉन्च, तीन कलर्स के मिलेंगे ऑप्शन
  4. IIT जाने की तैयारी मुफ्त में कराएगा Google Gemini AI, ऐसे शुरू करें JEE एग्जाम प्रेप
  5. Samsung Galaxy S26 सीरीज में मिल सकती है सैटेलाइट कनेक्टिविटी, US FCC पर हुई लिस्टिंग
  6. आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
  7. धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
  8. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  9. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  10. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »