टाटा मोटर्स ने इसे 1991 में पेश किया था और लगभग 25 वर्ष के बाद इसकी मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी गई थी। कंपनी ने Sierra को एक नए डिजाइन के साथ दोबारा लॉन्च किया है
इसका शुरुआती प्राइस 11.49 लाख रुपये का है
बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Tata Motors ने हाल ही में Sierra को लॉन्च किया है। इसे 1991 में पेश किया गया था और लगभग 25 वर्ष के बाद इसकी मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी गई थी। कंपनी ने Sierra को एक नए डिजाइन के साथ दोबारा लॉन्च किया है। इसे पेट्रोल के दो और डीजल के एक इंजन में लाया गया गया है। Sierra का शुरुआती प्राइस 11.49 लाख रुपये का है। कंपनी की आगे की योजना और Sierra के बारे में Gadgets 360 को Tata Motors Electric Mobility के चीफ कमर्शियल ऑफिसर, Vivek Srivatsa ने एक इंटरव्यू में जानकारी दी है। प्रस्तुत हैं इसके मुख्य अंशः
प्रश्नः SUV मार्केट में भीड़ है और आपने Sierra को एक प्रीमियम मिड-साइज SUV बताया है। इसमें क्या खासियत है?
हमने Sierra को अलग से बनाया है और हमें अन्य कैटेगरी को लेकर चिंता नहीं है। पहला प्वाइंट कंज्यूमर सेंटीमेंट का है। हमने देखा है कंज्यूमर्स लगातार अपग्रेड करना चाहते हैं और हमारे लाइफस्टाइल भी तेजी से बदल रहे हैं। 2000 के दशक की शुरुआत की तुलना में बदलाव की रफ्तार काफी अलग है। कारों में लोगों का अधिक समय बीत रहा है - इसका कारण ट्रैफिक जाम या वैकेशन पर जाना हो सकता है। कार के अंदर का एक्सपीरिएंस अधिक महत्वपूर्ण बन गया है और बाहरी डिजाइन का भी हमेशा महत्व रहा है। कार के अंदर कंज्यूमर एक घर जैसा एक्सपीरिएंस चाहते हैं। सिएरा में हमने इसी पर फोकस किया है।
आपने इसके प्रीमियम होने के बारे में पूछा है। इसमें स्पेस पहला है। सिएरा के अंदर आपको वास्तविक स्पेस के साथ ही स्पेस का एक्सपीरिएंस बहुत अधिक दिखेगा। इसमें फ्लैट रियर फ्लोर, अधिक हेडरूम और लेगरूम है। यह कुछ 4.8 मीटर SUVs की तुलना में भी अधिक है। इसमें वास्तविक स्पेस कहीं अधिक है। दूसरा है टेक। यह टेक्नोलॉजी से फुली लोडेड है। इसमें सिक्योरिटी के लिए ADAS L2 के साथ इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए Dolby Atmos सहित टेक सामिल है। तीसरा है लग्जरी। हमने इसके इंटीरियर में प्रीमियम एक्सपीरिएंस पर काफी ध्यान दिया है, चाहे इसके AC वेंट हों, नॉब, ड्राइवर कॉकपिट - हम वास्तव में इसे कमांड सेंटर कहते हैं - बटंस की क्वालिटी, यहां तक कि विंडो स्विचेज भी एक माउस जैसे हैं। इसमें लेदरेट और रूफ लाइनिंग की क्वालिटी भी स्पेशल है। इसके पावरट्रेन को लेकर भी कोई समझौता नहीं किया गया है, आपकी जैसी भी जरूरत है, हमारे पास आपके लिए सही इंजन है।
प्रश्नः हाल ही में लॉन्च की गई Sierra और Harrier के बीच टकराव की आशंका से आप कैसे निपट रहे हैं?
मैं इसे वास्तव में 'टकराव' नहीं कहूंगा। सिएरा और हैरियर वास्तव में दो अलग प्रकार के कस्टमर्स को पसंद आएंगी। आमतौर पर, हैरियर के कस्टमर्स रोड पर एक ताकतवर और मजबूत मौजूदगी पसंद कते हैं। सिएरा के बायर्स का फैमिली पर ज्यादा फोकस है। वे एक क्लासिक, सुविधाजनक और लेगेसी जैसा डिजाइन पसंद करते हैं। इन दोनों के बीच कुछ समानता हो सकती है लेकिन दोनों कस्टमर्स काफी अलग हैं। प्रीमियम SUV का सेगमेंट काफी बड़ा है और हैरियर के बायर्स को खींचने के बजाय सिएरा वास्तव में नए कस्टमर्स को जोड़ेगी।
प्रश्नः किस प्रकार के कस्टमर्स की जरूरत को Sierra पूरा करेगी? क्या आप शुरुआत से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का टारगेट रखेंगे?
यह मुख्यतौर पर उन लोगों के लिए है जो अपग्रेड कर रहे हैं - जैसे कोई हैचबैक या कॉम्पैक्ट SUV से आ रहा है। ये पहली बार के खरीदार नहीं हैं और ऐसे कस्टमर्स हैं जो एक बड़ी और भारी SUV के बिना फैमिली के लिए फ्रेंडली और प्रीमियम एक्सीरिएंस चाहते हैं। सिएरा सभी आयु वर्ग के कस्टम्स को पसंद आएगी - युवा कस्टमर्स इसके डिजाइन को पसंद करेंगे और अधिक उम्र के बायर्स इसकी लेगेसी के साथ जुड़ेंगे।
सेफ्टी रेटिंग्स को लेकर, मैं ऑफिशियल टेस्ट्स से पहले रिजल्ट की पुष्टि नहीं कर सकता लेकिन आप इससे कम की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। टाटा के लिए फाइव-स्टार परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड बन गया है और सिएरा के साथ टारगेट स्कोर से आगे जाकर एक नया बेंचमार्क तय करना है।
प्रश्नः सिएरा में गैजेटाइजेशन और टेक्नोलॉजी के लिहाज से कौन से टॉप फीचर्स हैं? क्या सिएरा में नया कनेक्टेड-कार OS चलेगा? व्हीकल का कितना एक्सपीरिएंस हार्डवेयर के बजाय सॉफ्टवेयर पर निर्भर करता है?
सिएरा टेक से लोडेड है। यह टाटा के नए Tidal 2.0 सॉफ्टवेयर-डिफाइंड प्लेटफॉर्म पर चलती है, जो 5G और Snapdragon के साथ आता है। इससे पूरा सिस्टम बहुत तेज और मॉडर्न लगता है। इसमें ADAS L2, इंफोटेनमेंट, क्लस्टर और व्हीकल सेटिंग्स सभी प्रमुख फंक्शंस सॉफ्टवेयर से कंट्रोल होते हैं। इसकी एक विशेषता को-पैसेंजर के लिए थर्ड-स्क्रीन है। वे अपने ईयरफोन को प्लग इन करने के साथ कॉल्स ले सकते हैं और Zoom या Teams मीटिंग्स को अटेंड कर सकते हैं या बिना किसी को परेशान किए अपनी पसंद का म्यूजिक सुन सकते हैं।
इसमें GDI इंजन भी एक बड़ा टेक अपग्रेड है। इसके अलावा Dark Sabre LED हेडलैम्प, कनेक्टेड टेक और विभिन्न ड्राइवर्स के लिए मेमोरी प्रोफाइल हैं। सिएरा के एक्सपीरिएंस का एक बड़ा हिस्सा अब सॉफ्टवेयर से आता है। इसका हार्डवेयर मजबूत लेकिन सॉफ्टवेयर प्रत्येक चीज को एक साथ जोड़ता है और वह प्रीमियम, मॉडर्न एक्सपीरिएंस देता है।
प्रश्नः सिएरा की मैन्युफैक्चरिंग डिमांड को पूरा कर सके और लंबे वेटिंग पीरियड से बचा जा सके, इसके लिए टाटा मोटर्स की क्या स्ट्रैटेजी है?
हमने सिएरा की मैन्युफैक्चरिंग की योजना को सतर्कता से बनाया है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग नए साणंद-2 प्लांट में की जाएगी, जिसमें मॉडर्न लाइन, तेज प्रोसेस और बेहतर कैपेसिटी है। बुकिंग्स के बढ़ने पर हम इसकी मैन्युफैक्चरिंग को जल्द बढ़ा सकते हैं। इसके लिए वेटिंग पीरियड डिमांड पर निर्भर होगा लेकिन आइडिया स्पष्ट है - क्वालिटी को ऊंचा रखो और जल्द मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाओ और लंबी देरी से बचो। सिएरा से हमें मजबूत वॉल्यूम मिलने की उम्मीद है। इससे टाटा मोटर्स की प्रीमियम SUV कैटेगरी में मौजूदगी बढ़ सकती है।
प्रश्नः टाटा मोटर्स की लंबी अवधि की EV स्ट्रैटेजी में पेट्रोल/डीजल सिएरा कैसे फिट होती है और क्या यह सिएरा EV के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी या SUV पोर्टफोलियो में वॉल्यूम को जोड़ेगी?
लंबी-अवधि में इलेक्ट्रिफिकेशन चल रहा है लेकिन इंटरनल कम्बश्चन इंजन (ICE) का दम बरकरार है। टाटा मोटर्स दोनों में इनवेस्टमेंट कर रही है। सिएरा दोनों में एक पिलर होगी। कस्टमर्स पहले सिएरा को चुनेगा और इसके बाद ADAS, मजबूत इंजन, कम्फर्ट और लेगेसी के साथ डिजाइन के आधार पर पेट्रोल, डीजल या EV का फैसला करेगा। सिएरा ने मिड-हाई SUV सेगमेंट में एंट्री की है, जो वार्षिक लगभग सात लाख यूनिट का मार्केट है। यह एक बड़ा सेगमेंट है। हमें इसमें सिएरा की मजबूत हिस्सेदारी होने की उम्मीद है।
प्रश्नः भारत में EV की हिस्सेदारी कम है। बहुत सी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपने EV मॉडल लॉन्च किए हैं और प्राइसेज भी कम हुए हैं। लेकिन इस सेगमेंट में बिक्री तेजी से नहीं बढ़ रही, इसका क्या कारण है?
EV की पहुंच वास्तव में कम है। भारत जैसे बड़े मार्केट में इसकी लगभग पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी एक मजबूत शुरुआत है। इंटरनेशनल लेवल पर एक मार्केट के पांच प्रतिशत तक पहुंचने के बाद ग्रोथ बढ़ती है। दो बड़े कारण रेंज और चार्जिंग हैं। रेंज में तेजी से सुधार हो रहा है, जैसे हमारे हैरियर EV की रेंज लगभग 500 किलोमीटर की है और चार्जिंग 60 kW से 150 kW पर जा रही है, जिससे 15 मिनटों में 300 km मिलते हैं। एक या दो वर्षों में EV की पहुंच 10 प्रतिशत तक जा सकती है।
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