• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • भारत में इंटरनेट शटडाउन से इस वर्ष इकोनॉमी को हुआ 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

भारत में इंटरनेट शटडाउन से इस वर्ष इकोनॉमी को हुआ 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

इंटरनेट शटडाउन से ई-कॉमर्स को कामकाज रुक जाता है, बेरोजगारी में बढ़ोतरी होती है और कंपनियों के लिए वित्तीय और साख से जुड़े रिस्क होते हैं

भारत में इंटरनेट शटडाउन से इस वर्ष इकोनॉमी को हुआ 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पिछले कुछ महीने से जारी हिंसा के कारण इंटरनेट को बंद किया गया था

ख़ास बातें
  • इंटरनेट सोसाइटी ने यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह शटडाउन के खिलाफ है
  • इंटरनेट शटडाउन से ई-कॉमर्स को कामकाज रुक जाता है
  • राज्यों में तनाव और हिंसा को रोकने के लिए इंटरनेट ब्लॉक किया जाता है
विज्ञापन
देश के कई हिस्सों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से किए गए इंटरनेट शटडाउन से मौजूदा वर्ष की पहली छमाही में इकोनॉमी को लगभग 1.9 अरब डॉलर (लगभग 15,590 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पिछले कुछ महीने से जारी हिंसा के कारण इंटरनेट को बंद किया गया था। इससे पहले पंजाब में भी हिंसा की आशंका के कारण इंटरनेट पर रोक लगाई गई थी। 

इंटरनेशनल नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन इंटरनेट सोसाइटी ने अपनी रिपोर्ट 'नेटलॉस' में बताया है कि इंटरनेट शटडाउन से फॉरेन इनवेस्टमेंट के लगभग 11.8 करोड़ डॉलर का भी नुकसान हुआ है। इस शटडाउन के वित्तीय प्रभाव का आकलन करने के लिए बेरोजगारी दर में बदलाव, फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (FDI) के नुकसान और कार्यशील आयु वाली जनसंख्या जैसे तथ्यों को शामिल किया गया था। इस रिपोर्ट में कहा गया है, "सरकारों की अक्सर यह गलत धारणा होती है कि इंटरनेट शटडाउन से तनाव, गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सकेगा या सायबर सुरक्षा को लेकर खतरे को कम किया सकेगा लेकिन शटडाउन से इकोनॉमी को भारी नुकसान होता है।" 

इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए शटडाउन का नियमित तौर पर इस्तेमाल करने से इस वर्ष शटडाउन का रिस्क 16 प्रतिशत का है। इंटरनेट शटडाउन से ई-कॉमर्स को कामकाज रुक जाता है, बेरोजगारी में बढ़ोतरी होती है और कंपनियों के लिए वित्तीय और साख से जुड़े रिस्क होते हैं। इंटरनेट सोसाइटी ने कई वर्ष पहले यह स्पष्ट किया था कि वह शटडाउन के खिलाफ है। इसने सरकारों से शटडाउन से बचने का निवेदन किया था क्योंकि इससे इकोनॉमी, सिविल सोसाइटी और इंटरनेट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान होता है। भारत में इंटरनेट शटडाउन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्यों में अक्सर किसी मुद्दे की वजह से तनाव और हिंसा को रोकने के लिए इंटरनेट पर रोक लगा दी जाती है। इससे बहुत से जरूरी कार्यों में भी लोगों को मुश्किल होती है। 

इस बारे में इंटरनेट सोसाइटी के प्रेसिडेंट और चीफ एग्जिक्यूटिव, Andrew Sullivan ने कहा, "दुनिया भर में इंटरनेट शटडाउन बढ़ने से यह पता चल रहा है कि इंटरनेट को खुला, पहुंच में और सुरक्षित रखने की जरूरत को कमजोर करने के नकारात्मक परिणामों को सरकारें अनदेखा कर रही हैं।" 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Online, E commerce, Violence, Shutdown, Market, Internet, Risk, Government, States, Report
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo X Fold 6 में मिलेंगे AI फीचर्स, नया यूजर इंटरफेस, जल्द होगा लॉन्च
  2. WWDC 2026: जाने कैसे देखें लाइव स्ट्रीम, Apple के इस इवेंट में होगी ये घोषणाएं
  3. 5200mAh बैटरी, 8 मेगापिक्सल कैमरा से लैस Infinix Smart 20 लॉन्च, जानें क्या है खास
  4. Google Photos में फोटो Unblur का कैसे करें उपयोग, ये है आसान तरीका
  5. OnePlus Turbo 6X, Turbo 6X Pro हो रहे 10 जून को लॉन्च, अभी जानें कैसे होंगे स्पेसिफिकेशंस
  6. Amazon Mega Deal Days: स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी पर मिल रहा गजब का डिस्काउंट
  7. 7000 से ज्यादा सस्ता मिल रहा Vivo का तीन 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला फ्लैगशिप फोन
  8. Xiaomi 17T vs Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R: खरीदने से पहले जानें कौन सा है बेस्ट?
  9. Upcoming Smartphones This Week: Infinix Smart 20, Realme P4R 5G, Tecno Pova 8 जैसे धांसू फोन होंगे इस हफ्ते लॉन्च!
  10. Xiaomi Pad 8 हो गया महंगा! इतने रुपये बढ़ गई 9200mAh बैटरी वाले टैबलेट की कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »